फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Parents worried about children safety in hostel

Hostel: बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों का धड़कता रहता दिल, न है स्कूलों में खुद की एंबुलेंस और न चिकित्सक

Tue, 24 Sep 2024 11:55 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 24 Sep 2024 11:55 AM IST
सार

अलीगढ़ शहर में कई स्कूलों और महाविद्यालयों में हॉस्टल की सुविधा है, लेकिन रसगवां की घटना के बाद अभिभावक अब दुविधा में पड़ गए हैं कि वह अपने बच्चे को हॉस्टल में रखे या नहीं।

विज्ञापन
Parents worried about children safety in hostel
हॉस्टल में भोजन व्यवस्था - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

हाथरस के सहपऊ के रसगवां में डीएल पब्लिक स्कूल के हॉस्टल में कक्षा दो के छात्र कृतार्थ की गला दबाकर हत्या के बाद हॉस्टल में रहने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों का दिल धड़कने लगा है। स्कूलों में मोटी फीस देने के बाद भी हॉस्टल में रह रहे बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावक हमेशा फिक्रमंद रहते हैं।

विज्ञापन


अलीगढ़ शहर में कई स्कूलों और महाविद्यालयों में हॉस्टल की सुविधा है, लेकिन रसगवां की घटना के बाद अभिभावक अब दुविधा में पड़ गए हैं कि वह अपने बच्चे को हॉस्टल में रखे या नहीं। हॉस्टल का संचालन करने वाले स्कूलों के पास एंबुलेंस नहीं है। बच्चे की तबीयत खराब होने की सूरत में एंबुलेंस बुलानी पड़ती है। अगर बच्चे की रात में हल्की तबीयत बिगड़ जाए, तो उसे देखने के लिए डॉक्टर को बुलाना पड़ता है, क्योंकि 24 घंटे डॉक्टर की तैनाती हॉस्टल में नहीं है। 
विज्ञापन


रात में केवल प्राथमिक उपचार की जानकारी रखने वाले व्यक्ति ही होते हैं। एक लाख रुपये से ज्यादा फीस देकर माता-पिता अपने बच्चों को हॉस्टल में दाखिला कराकर उनके बेहतर भविष्य का सपना बुनते हैं, तो दूसरी तरफ सुरक्षा को लेकर चिंतित रहते हैं। इसलिए वह रोजाना अपने बच्चे से बातचीत भी करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

हॉस्टल में बेहतर खाना न मिलने से हुए बीमार

18 अक्तूबर 2024 को होम्योपैथिक मेडिकल एंड हॉस्पिटल के हॉस्टल में रह रहे छात्रों ने हॉस्टल में गुणवत्ता खाना न मिलने से बीमार होने का आरोप लगाया था। छात्रों ने हॉस्पिटल प्रशासन के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन भी किया था। इस मामले में छात्रों ने एडीएम सिटी को ज्ञापन भी सौंपा था। छात्रों ने बताया था कि मेस में मिलने वाले खाने की गुणवत्ता बेहद खराब है। वह बीमार पड़ रहे हैं। हॉस्टल में झाड़ियां उगी हुई हैं। आए दिन विषैले कीट व जानवर हाॅस्टल में घुस जाते हैं।

हॉस्टल में छात्र को डंस चुका है सांप
23 अक्तूबर 2023 को एएमयू के सैयद हामिद सीनियर सेकेंडरी स्कूल के छात्र हंजला इस्लाम को सोते वक्त सांप ने डंस लिया था। एएमयू इंतजामिया की लापरवाही के विरोध में छात्रों ने कुलपति आवास का घेराव करके कुलपति और प्रॉक्टर के खिलाफ नारेबाजी की थी। अल्लामा इकबाल हॉल के कमरा नंबर-तीन में सोते वक्त हंजला के हाथ और पैर में सांप ने काट लिया था। साथी छात्रों ने हंजला को जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था। सांप की लंबाई करीब 8-10 फुट थी। हालत गंभीर होने पर हंजला को दिल्ली के निजी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था। उसकी जान बच गई।

मेरी बहन का बेटा हॉस्टल में रह रहा है, लेकिन उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।-अब्दुल जब्बार
मेरा बेटा हॉस्टल में रहता है। रोजाना उससे बात करके हॉस्टल के बारे में जानकारी लेता रहता हूं। -रमेश कुमार
शहर में जितने भी विद्यालयों में हॉस्टल हैं वहां की सुरक्षा व्यवस्था एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कराएंगे। अगर खामियां मिली तो उन्हें दूर कराकर व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएगा।- अमित कुमार भट्ट, एडीएम सिटी

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed