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पंचायत चुनाव : आचार संहिता लागू, इन कामों का लगी रोक
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प्रदेश में पंचायत चुनाव की तारीखों का एलान होते ही अलीगढ़ सहित सभी 75 जिलों में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है। चुनाव के परिणाम आने तक यह लागू रहेगी। इसका उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।
सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार के मुताबिक निर्वाचन आयोग द्वारा बनाए गए नियमों को उस चुनाव की आदर्श आचार संहिता कहते हैं। इसके लागू होते ही शासन और प्रशासन के कामकाज के तरीके में कई अहम बदलाव हो जाते हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कर्मचारी चाहे राज्य के हों या केंद्र के वे आयोग के कर्मचारी के तौर पर काम करेंगे।
सरकारी धन का इस्तेमाल किसी ऐसे काम में नहीं किया जा सकता, जिससे किसी दल विशेष को फायदा पहुंचता हो। इस दौरान सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास और भूमि पूजन जैसे कार्यक्रम नहीं किए जा सकते हैं। चुनाव प्रचार के लिए सरकारी गाड़ी, सरकारी हवाई जहाज या सरकारी बंगले का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। किसी भी पार्टी, प्रत्याशी या समर्थकों को रैली-जुलूस निकालने के लिए या सभा करने के लिए प्रशासन व पुलिस से अनुमति लेना जरूरी होगा। कोई भी जाति या धर्म के आधार पर मतदाताओं से वोट नहीं मांग सकता है। राजनीतिक कार्यक्रमों पर चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों की नजर रहेगी।
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आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर चुनाव आयोग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। यहां तक कि संबंधित उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है। उल्लंघन के मामले में आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित को जेल भी भेजा जा सकता है। भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
डिफेंस कॉरिडोर का भूमि पूजन, हवाई पट्टी से उड़ान अटकी
पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने से जिले की खैर तहसील के अंडला गांव में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर का भूमि पूजन लटक गया है। अब 2 मई तक इसका भूमि पूजन नहीं होगा। जबकि बीते फरवरी माह से कभी सीएम तो कभी पीएम के भूमि पूजन के लिए आने की चर्चा चल रही थी। इसके साथ ही धनीपुर हवाई पट्टी का उद्घाटन भी अटक गया है। इस हवाई पट्टी से अप्रैल माह के अंत तक उड़ान शुरू होने की बात कही जा रही थी। इसके अलावा जिले के क्वार्सी गांव में प्रस्तावित आईटी पार्क के लिए भी अब पैसा जारी नहीं होगा। इसके अलावा जिलेभर में ऐसे दर्जनों विकास कार्य प्रस्तावित थे, उनको अब आचार संहिता के बाद भी अमलीजामा पहनाया जाएगा।
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सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी कौशल कुमार के मुताबिक निर्वाचन आयोग द्वारा बनाए गए नियमों को उस चुनाव की आदर्श आचार संहिता कहते हैं। इसके लागू होते ही शासन और प्रशासन के कामकाज के तरीके में कई अहम बदलाव हो जाते हैं। चुनाव आचार संहिता लागू होने के बाद कर्मचारी चाहे राज्य के हों या केंद्र के वे आयोग के कर्मचारी के तौर पर काम करेंगे।
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सरकारी धन का इस्तेमाल किसी ऐसे काम में नहीं किया जा सकता, जिससे किसी दल विशेष को फायदा पहुंचता हो। इस दौरान सरकारी घोषणाएं, लोकार्पण, शिलान्यास और भूमि पूजन जैसे कार्यक्रम नहीं किए जा सकते हैं। चुनाव प्रचार के लिए सरकारी गाड़ी, सरकारी हवाई जहाज या सरकारी बंगले का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है। किसी भी पार्टी, प्रत्याशी या समर्थकों को रैली-जुलूस निकालने के लिए या सभा करने के लिए प्रशासन व पुलिस से अनुमति लेना जरूरी होगा। कोई भी जाति या धर्म के आधार पर मतदाताओं से वोट नहीं मांग सकता है। राजनीतिक कार्यक्रमों पर चुनाव आयोग के पर्यवेक्षकों की नजर रहेगी।
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आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन पर चुनाव आयोग नियमानुसार कार्रवाई कर सकता है। यहां तक कि संबंधित उम्मीदवार को चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है। उल्लंघन के मामले में आपराधिक मुकदमा भी दर्ज कराया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित को जेल भी भेजा जा सकता है। भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
डिफेंस कॉरिडोर का भूमि पूजन, हवाई पट्टी से उड़ान अटकी
पंचायत चुनाव की आचार संहिता लागू होने से जिले की खैर तहसील के अंडला गांव में बन रहे डिफेंस कॉरिडोर का भूमि पूजन लटक गया है। अब 2 मई तक इसका भूमि पूजन नहीं होगा। जबकि बीते फरवरी माह से कभी सीएम तो कभी पीएम के भूमि पूजन के लिए आने की चर्चा चल रही थी। इसके साथ ही धनीपुर हवाई पट्टी का उद्घाटन भी अटक गया है। इस हवाई पट्टी से अप्रैल माह के अंत तक उड़ान शुरू होने की बात कही जा रही थी। इसके अलावा जिले के क्वार्सी गांव में प्रस्तावित आईटी पार्क के लिए भी अब पैसा जारी नहीं होगा। इसके अलावा जिलेभर में ऐसे दर्जनों विकास कार्य प्रस्तावित थे, उनको अब आचार संहिता के बाद भी अमलीजामा पहनाया जाएगा।