{"_id":"64c418ec5296bf448e0972f4","slug":"paddy-and-vegetables-getting-spoiled-due-to-fungus-insects-and-moisture-aligarh-news-c-2-gur1003-175752-2023-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: फंगस, कीड़ों और नमी से धान और सब्जी हो रही खराब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: फंगस, कीड़ों और नमी से धान और सब्जी हो रही खराब
Sat, 29 Jul 2023 01:07 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Sat, 29 Jul 2023 01:07 AM IST
विज्ञापन
बारिश के बाद बदले मौसम के साथ धान एवं सब्जी की फसल पर नमी के चलते सुंडी और फंगस लगने से किसान परेशान है। इसके चलते फसलें खराब हो रही हैं। इससे बाजार में सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। किसान इन दिनों टमाटर, खीरा, शिमला मिर्च, धनिया, गोभी, बैगन, हरी मिर्च एवं अन्य सब्जियों पर हजारों रुपये खर्च कर दवाओं का छिड़काव कर रहे हैं।
सब्जी उत्पादक किसान राजाराम, राजकुमार, विनोद कुमार, अमर सिंह ने बताया कि इन दिनों नमीं की मात्रा काफी है। इसकी वजह पूरब की दिशा की ओर से चल रही हवा है।
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि फंगस लगने से सब्जी का पौधा सूखने लगता है, बाद में नष्ट हो जाता है। इस बीमारी में दवाएं असर नहीं करती हैं। इसके लिए खेतों में भरे पानी को निकालना चाहिए। जब पश्चिमी हवा चलेगी तो सुंडी खत्म हो जाएगी, लेकिन फंगस फसल को खत्म कर देता है।
विज्ञापन
सब्जियों में दवा का छिड़काव करने से पहले फसल विशेषज्ञ से बात करें। धान में तना छेदक (गिड़ार) की समस्या बढ़ गई है। इससे निजात पाने के लिए किसानों को क्लोरेंट्रानिलिप्रेाल 9.3 प्रतिशत एवं लैबंडासाइहलोथ्रिन 4.6 प्रतिशत मिलाकर 80 मिली मात्रा प्रति एकड़ में 120 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। यूरिया के कम से कम प्रयोग करें।
विज्ञापन
सब्जी उत्पादक किसान राजाराम, राजकुमार, विनोद कुमार, अमर सिंह ने बताया कि इन दिनों नमीं की मात्रा काफी है। इसकी वजह पूरब की दिशा की ओर से चल रही हवा है।
विज्ञापन
जिला कृषि अधिकारी अभिनंदन सिंह ने बताया कि फंगस लगने से सब्जी का पौधा सूखने लगता है, बाद में नष्ट हो जाता है। इस बीमारी में दवाएं असर नहीं करती हैं। इसके लिए खेतों में भरे पानी को निकालना चाहिए। जब पश्चिमी हवा चलेगी तो सुंडी खत्म हो जाएगी, लेकिन फंगस फसल को खत्म कर देता है।
विज्ञापन
सब्जियों में दवा का छिड़काव करने से पहले फसल विशेषज्ञ से बात करें। धान में तना छेदक (गिड़ार) की समस्या बढ़ गई है। इससे निजात पाने के लिए किसानों को क्लोरेंट्रानिलिप्रेाल 9.3 प्रतिशत एवं लैबंडासाइहलोथ्रिन 4.6 प्रतिशत मिलाकर 80 मिली मात्रा प्रति एकड़ में 120 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें। यूरिया के कम से कम प्रयोग करें।