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ऑक्सीजन प्लांट संचालक दंपती ने बिचौलियों संग की कारगुजारियां

Tue, 11 May 2021 01:22 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 11 May 2021 01:22 AM IST
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Oxygen plant operator couple works with middlemen
राधा गैस प्लांट, कासिमपुर के प्रकरण में एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने प्रशासनिक जांच पूरी कर डीएम को रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें मुख्य बात यह है कि प्लांट संचालक दंपती और बिचौलियों ने मिलकर कारगजारियां की हैं।
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हालांकि जांच रिपोर्ट उजागर नहीं हुई है, मगर सूत्रों के अनुसार रिपोर्ट में संचालिका द्वारा बिचौलियों पर लगाए बदतमीजी, 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी के दबाव के आरोपों को निराधार माना है, क्योंकि दोनों पक्षों में पूर्व से ही दोस्ताना संबंध हैं। तीन मई को किसी बात को लेकर मनमुटाव हुआ। इसके बाद प्लांट संचालिका की ओर से सात मई को आरोप लगाए गए।
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इधर, कलक्ट्रेट के लिपिक की गलती यह मानी गई है कि उसकी तीन मई को प्लांट पर तैनाती के बाद भी बाहरी व्यक्ति प्लांट के भीतर प्रशासनिक इंतजाम संभालने के नाम पर डटे रहे। उन्होंने बाहरियों को अपने सामने काम करने दिया। प्रशासन ने जब प्लांट की निगरानी शुरू की तो विवाद खड़ा किया गया।
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जवां थाना क्षेत्र के कासिमपुर स्थित राधा इंडस्ट्रियल गैस प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई में सक्रिय हुए बिचौलियों की अमर उजाला द्वारा प्रमुखता से मुद्दा उठाया गया। इसके बाद खुद प्लांट संचालिका आस्था अग्रवाल ने बृहस्पतिवार को स्वीकार किया कि उनके प्लांट पर बिचौलिए सक्रिय हैं।
वह 50 प्रतिशत की हिस्सेदारी देने का दबाव बना रहे हैं। अपने चहेतों को गैस की सप्लाई कर रहे हैं। इसमें उन्होंने दो बाहरी युवक व कलक्ट्रेट के एक लिपिक का नाम खुले तौर पर लिया है। एमएलसी मानवेंद्र सिंह और बरौली विधायक दलवीर सिंह के पौत्र विजय उर्फ पप्पू से बातचीत में उन्होंने सभी आरोप कैमरे के सामने लगाए थे।
इस मामले में डीएम स्तर से एसडीएम कोल रंजीत सिंह को जांच सौंपी गई। उन्होंने तीन दिन जांच की। इसमें पहले दिन प्लांट संचालक दंपती, दोनों बाहरी व्यक्तियों व प्लांट मैनेजर के बयान लिए। दूसरे दिन कलक्ट्रेट के लिपिक के बयान हुए। इसके साथ ही चालान बुक (ऑक्सीजन वितरण विवरण पुस्तिका) को कब्जे मेें लिया गया।
सूत्रों के अनुसार इसकी जांच की गई तो कई चौकाने वाले खुलासे हुए हैं। वैसे प्लांट संचालक की ओर से क्षमता 300 से 350 सिलिंडर की निर्धारित बताई है। मगर, 19 अप्रैल को 600 सिलिंडर रिफिल किए गए। कई अस्पतालों को भारी भरकम खेप दी गई।
इसके बाद जब गैस की मांग बढ़ी तो व्यवस्था संभालने के लिए दोनों बाहरियों को अपना दोस्त होने के नाते बुलाया। वह व्यवस्था संभालने लगे। इसके बाद दोनों बाहरियों के नाम से भी एक-एक दिन में कई-कई सिलिंडर रिफिल होकर जारी हुए। इसके बाद भी इनकी कारगुजारी जारी रही। अव्यवस्थाओं के चलते ही जनता ने कई बार हंगामा किया।

इसके बाद प्रशासन ने प्लांट की निगरानी शुरू की तो बाहरी व्यक्तियों और प्लांट संचालक दंपती को यह बात खली। इसको लेकर भीतरखाने आपसी विरोध शुरू हो गए। इन सबके बीच बाहरियों द्वारा बदतमीजी और हिस्सेदारी का जो आरोप प्लांट संचालिका की ओर से लगाया गया है, वह निराधार माना गया है। एसडीएम कोल रंजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट सौप दी है। आगे की कार्रवाई डीएम स्तर से होगी।
-एसडीएम कोल ने अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट का परीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। - चंद्रभूषण सिंह, डीएम
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