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अलीगढ़ : कोरोना की वजह से अनाथ बच्चों को अभी तक नहीं मिले लैपटॉप
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कोरोना की वजह से अपने माता-पिता को खो चुके जिले के करीब 60 बच्चों का बेहतर शिक्षा पाने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोरोना की वजह से अनाथ बच्चों को हर माह चार हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। नौंवी कक्षा से ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों को योजना के तहत लैपटॉप दिए जाने थे। लेकिन अभी तक टेंडर न हो पाने से उन्हें लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
जिले के 60 अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप खरीदकर देने के लिए 24 लाख की धनराशि जारी की गई थी। जिला प्राबेशन अधिकारी स्मिता सिंह के अनुसार लैपटॉप खरीद के लिए पांच बार टेंडर के लिए प्रयास किए गए हैं, लेकिन अभी तक लैपटॉप आपूर्ति का टेंडर नहीं हो पाया है। 31 मार्च तक राशि का उपयोग न होने पर वापस कर दिया गया है। अब नए वित्तीय वर्ष में इसके लिए पत्र व्यवहार कर शासन से धनराशि की मांग की जा रही है। इसके बाद टेंडर कराकर लैपटॉप का वितरण कराया जाएगा।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संक्रमण के दौर में अनाथ हुए बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जतायी थी। इसको लेकर कोर्ट ने केंद्र व प्रदेश सरकार को इन बच्चों की सुरक्षा एवं उनके संरक्षण का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में सरकार ने उनका जिम्मा लेते हुए उनके कल्याण के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की है। इसमें बच्चों के बालिग होने व खुद के सक्षम बनने तक लालन-पालन व शिक्षा का खर्चा सरकार वहन करेगी।
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जिले के 60 अनाथ बच्चों को मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत लैपटॉप खरीदकर देने के लिए 24 लाख की धनराशि जारी की गई थी। जिला प्राबेशन अधिकारी स्मिता सिंह के अनुसार लैपटॉप खरीद के लिए पांच बार टेंडर के लिए प्रयास किए गए हैं, लेकिन अभी तक लैपटॉप आपूर्ति का टेंडर नहीं हो पाया है। 31 मार्च तक राशि का उपयोग न होने पर वापस कर दिया गया है। अब नए वित्तीय वर्ष में इसके लिए पत्र व्यवहार कर शासन से धनराशि की मांग की जा रही है। इसके बाद टेंडर कराकर लैपटॉप का वितरण कराया जाएगा।
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बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कोरोना संक्रमण के दौर में अनाथ हुए बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जतायी थी। इसको लेकर कोर्ट ने केंद्र व प्रदेश सरकार को इन बच्चों की सुरक्षा एवं उनके संरक्षण का आदेश दिया था। इसके अनुपालन में सरकार ने उनका जिम्मा लेते हुए उनके कल्याण के लिए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना शुरू की है। इसमें बच्चों के बालिग होने व खुद के सक्षम बनने तक लालन-पालन व शिक्षा का खर्चा सरकार वहन करेगी।
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