Aligarh News: मीट व्यापारियों पर हमले में कार्रवाई का विरोध, एसएसपी कार्यालय पर हंगामा और नोकझोंक
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, राष्ट्रीय सवर्ण परिषद, करणी सेना, किसान मजदूर संगठन, भारतीय किसान यूनियन भानु, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, हिंदू महासभा व संगठनों के पदाधिकारी सुबह घंटाघर-तस्वीर महल चौराहा पर दो जगह एकत्रित हुए। यहां से सभी एक साथ सिर पर काली पट्टी बांधकर जुलूस के रूप में एसएसपी कार्यालय पहुंचे।
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अलीगढ़ में मीट व्यापारियों पर हमले में हो रही पुलिस कार्रवाई के विरोध में 2 जून को संयुक्त सनातन संगठन के तहत कई हिंदू संगठनों के नेताओं ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों से नोकझोंक भी हुई। बाद में एसएसपी ने पहले बाहर आकर हिदायत दी, उसके बाद नेताओं को अपने कार्यालय में बुलाकर उनसे बातचीत कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, राष्ट्रीय सवर्ण परिषद, करणी सेना, किसान मजदूर संगठन, भारतीय किसान यूनियन भानु, राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा, हिंदू महासभा व संगठनों के पदाधिकारी सुबह घंटाघर-तस्वीर महल चौराहा पर दो जगह एकत्रित हुए। यहां से सभी एक साथ सिर पर काली पट्टी बांधकर जुलूस के रूप में एसएसपी कार्यालय पहुंचे। इसमें वे लोग भी थे जिनके घरों पर पुलिस दबिश दे रही है। सभी को एसएसपी कार्यालय के बाहर रोककर गेट लगा दिया गया। इस पर सभी नारेबाजी करते हुए कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए। कभी सरकार के समर्थन में, कभी पुलिस विरोधी तो कभी संरक्षित पशु मांस की तस्करी करने वालों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। हाथों में संरक्षित पशु मांस व्यापार की बंदी के लिए पट्टिकाएं लगी थीं।
धरने पर जमी भीड़ एसएसपी या एसपी देहात को बाहर बुलाकर वार्ता करने की मांग कर रही थी। सीओ तृतीय व सीओ छर्रा यह कहते रहे कि कुछ लोगों का प्रतिनिधि मंडल अंदर जाकर एसएसपी से वार्ता कर ले। इस बात पर करीब 45 मिनट तक नोकझोंक, हंगामा होता रहा। जब कोई अधिकारी बाहर आता नहीं दिखा तो भीड़ में शामिल लोग नाराज होकर तस्वीर महल पर पहुंचकर जाम लगाने चले गए। इसी बीच एसएसपी संजीव सुमन ने प्रमुख नेताओं को बुलाकर उनसे वार्ता की।
एसएसपी के साथ वार्ता करने वाले नेताओं में शामिल डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह, आचार्य भरत तिवारी, ज्ञानेंद्र चौहान, सत्यकांत भारद्वाज, राकेश शर्मा, अशोक पांडेय आदि ने कहा कि पुलिस ऐसे लोगों के घरों पर भी दबिश दे रही है, जो वहां नहीं थे। पूछताछ के नाम पर थर्ड डिग्री दी जा रही है। एक गाड़ी में चार लोग नियमों के विरुद्ध मीट लेकर जा रहे थे, कुछ राहगीरों ने रोकने का प्रयास किया तो उन्हें कुचलने का प्रयास किया। इसी गुस्से में वहां घटना हुई।
इन नेताओं ने अकराबाद व हरदुआगंज पुलिस को इस घटना के लिए दोषी करार देते हुए कहा कि शिकायत के बावजूद मीट व्यापारियों पर कार्रवाई नहीं होती। एसएसपी ने उन्हें उचित जांच व किसी निर्दोष को परेशान न किया जाने का भरोसा दिलाया। उन्हें बताया कि कमिश्नर-डीआईजी स्तर से भी व्यापारिक नियमों को लेकर जांच कराई जा रही है। प्रदर्शन में अकराबाद ब्लॉक प्रमुख ठा. राहुल सिंह, हसायन ब्लाक प्रमुख डीपी सिंह, बंटी जादौन, रिंका ठाकुर, नरेश ठाकुर, राजशेखर सेंगर, मोहन चौहान, कविता राघव, भावना चौहान, अनीता सिंह, गौरी पाठक, कौशल सिंह आदि थे।
सीओ छर्रा की गाड़ी के आगे लेटे कार्यकर्ता
जब एसएसपी कार्यालय के गेट पर कार्यकर्ता धरना दे रहे थे, तभी सीओ छर्रा वहां पहुंचे। तभी उनको देख कुछ कार्यकर्ता गाड़ी के आगे लेट गए। जमकर नारेबाजी की। जिन्हें पुलिसकर्मियों ने हटाया।
एसएसपी ने कहा, ऐसे दबाव में आने वाला नहीं
जब बाहर धरना दे रहे लोगों का हंगामा बढ़ा तो एसएसपी संजीव सुमन धरना स्थल पर आ गए। उन्होंने आते ही सख्त लहजे में कहा कि मैं इस हंगामे या अन्य किसी के दबाव में नहीं आने वाला। कानून व्यवस्था को हाथ में लोगे तो कार्रवाई करूंगा। मैं आपसे मिलने को तैयार हूं। पौन घंटे से अंदर इंतजार कर रहा हूं। बार-बार आपको अंदर बुला रहा हूं। अंदर आइए, आपसे बात होगी। मान रखते हुए चाय-पानी भी पिलाया जाएगा, लेकिन ऐसे शोर शराबा ठीक नहीं है। इसके बाद कुछ नेता बातचीत के लिए अंदर चले गए।