UP Budget 2025: विपक्षियों को रास नहीं आया बजट, बताया जनविरोधी
विपक्षियों का कहना है कि बजट में किसानों, युवाओं के हित का ख्याल नहीं रखा गया है।
विस्तार
विधानसभा में योगी सरकार ने जो बजट पेश किया है, वह विपक्षियों को रास नहीं आ रहा है। विपक्षियों ने बजट को जनविरोधी बताया है। उनका कहना है कि बजट में किसानों, युवाओं के हित का ख्याल नहीं रखा गया है।
24 घंटे बिजली आपूर्ति और बिना शर्त मुफ्त बिजली मिले, जिसे बजट में पूरा नहीं किया गया है। कृषि यंत्रों को जीएसटी मुक्त करना चाहिए था, जो नहीं हुआ है। खाद बीज के दामों में कोई राहत नहीं दी गई है। गन्ना की दरें यथावत हैं। गन्ना मिलों पर किसानों के बकाया पर आवंटित राशि अपर्याप्त है, क्योंकि गन्ना किसानों का मिलों पर अब भी हजारों करोड़ रुपये बकाया है। - सुनील चौधरी, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय किसान यूनियन सुनील
योगी सरकार का यह जनता से झूठे वादों वाला बजट है। बजट में नौजवान और बेरोजगारों के लिए कोई विशेष प्रावधान नहीं है। आम जनता और विकास से भाजपा का कोई लेना देना नहीं है। किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए बजट में कुछ नहीं है। मेधावी छात्राओं को जिस तरह स्कूटी देने का योगी सरकार वादा किया, वह बिल्कुल ऐसा है जैसा 15 लाख वाला जुमला। - मोहसिन मेवाती, महानगर अध्यक्ष, समाजवादी छात्र सभा
बजट में रोजगार की बात की गई होती तो बेहतर होता। किसानों की भी उपेक्षा की गई है। बेरोजगारी की अनदेखी की गई है। शिक्षा और स्वास्थ्य पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। महंगाई और बिजली संकट से भी निपटा होता तो शायद यह बजट और अच्छा हो जाता। सरकारी नौकरी की ठोस गारंटी बजट में दिखाई नहीं देती। नौकरियों में नकारात्मकता दिखाई देती है। - डीआर यादव, निदेशक, प्रतिष्ठा आईएएस एकेडमी
किसानों और बेरोजगार युवाओं के लिए बजट में कुछ नहीं है। मेधावी छात्राओं को जिस तरह स्कूटी देने का योगी सरकार वादा किया है, वह 15 लाख वाले की तरह जुमला है। गरीब जनता, बेरोजगार नौजवानों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के बजट में कुछ भी नहीं है। यह बजट सिर्फ एक लॉलीपॉप की तरह है। किसानों के हितों की अनदेखी की गई है। -शाकिर मलिक, पूर्व पार्षद, अध्यक्ष, हिंदू-मुस्लिम समाज सेवा
बजट में दवाइयों पर टैक्स एक समान होना चाहिए। कुछ दवाओं पर 5, 12, 16, 18 फीसदी तक टैक्स है, जिस पर टैक्स नहीं होता तो गरीब जनता को लाभ पहुंचता। पूरे प्रदेश में जो बिना ड्रग लाइसेंस की दवाओं की दुकान चल रही है, जनरल स्टोर, कास्मेटिक स्टोर, अपंजीकृत डॉक्टर, जर्राह डिस्पेंसरी के यहां दवाएं बिक रही हैं, जिससे सरकार की आर्थिक हानि हो रही है। अभियान चलाकर कार्रवाई होनी चाहिए।- शैलेंद्र सिंह टिल्लू, अध्यक्ष, जिला अलीगढ़ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
यूपी सरकार का बजट जनहित और जनकल्याण का ज्यादा होता तो यह बेहतर होता। महंगाई, गरीबी, बेरोजगारी, पिछड़ेपन को दूर करने और आमजन की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के प्रति पर्याप्त सरकार की नीयत में कमी है। यह बजट सर्वजन हिताय और सर्वजन सुखाय वाला होना चाहिए। मगर ऐसा बजट में बिल्कुल देखने को नहीं मिला। -रतनदीप सिंह, जिला प्रभारी, बसपा
बजट नौजवान व किसान विरोधी है। युवा और शिक्षित बेरोजगारों को लेकर कोई उपाय न होने से युवा निराश हैं। प्रदेश लगातार शिक्षा, चिकित्सा और राेजगार के मामले में पिछड़ता जा रहा है। प्रदेश की जनता महंगाई की मार से परेशान है। हजारों सरकारी विद्यालय बंद कर दिए गए। योगी सरकार खुद अपनी पीठ थपथपा रही है। -गुफरान नूर, मंडलाध्यक्ष, आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)
यूपी सरकार का बजट जनता के मनमाफिक नहीं है। किसानों, युवाओं की बजट में अनदेखी हुई है। छात्राओं को स्कूटी देने की बात कही गई है, जो समझ से परे है। यह भी जुमला साबित होगा। जल्द ही छात्राओं को स्कूटी मिलेगी, यह आश्वासन दिया जाता रहेगा। भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। जनकल्याणकारी बजट नहीं है। -आमिर आबिद, सपा नेता