फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   opened laborers bank accounts and sold them to hackers

Aligarh: इनामी लालच देकर मजदूर फंसाए, उनके खाते खुलवाकर बेच दिए, चार दबोचे, ऐसे करते थे धंघा

Sat, 22 Feb 2025 01:47 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Sat, 22 Feb 2025 01:47 PM IST
सार

कुछ लोग गांवों व शहरों में मजदूर व कमजोर वर्ग के पास घूम-घूमकर सरकारी योजनाओं के इनामी लालच देकर उनके दस्तावेज लेते। फिर जनसेवा केंद्रों पर ले जाकर उनके बैंक खाते खुलवा लेते हैं। उन खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड इत्यादि खुद रख लेते। फिर इन खातों को जेवर, हरियाणा के मेवात आदि स्थानों पर साइबर हैकरों को बेच देते थे।

विज्ञापन
opened laborers bank accounts and sold them to hackers
पकड़े गए आरोपी और एसपी क्राइम ममता कुरील - फोटो : पुलिस

विस्तार

हरियाणा के नूह मेवात क्षेत्र के साइबर हैकरों को अलीगढ़-हाथरस के गिरोह द्वारा बैंक खाते मुहैया कराए जा रहे थे। अलीगढ़ जिले की साइबर टीम ने इस गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार किए हैं। यह गिरोह मजदूरों को सरकारी योजनाओं का इनामी लालच देकर उनके दस्तावेज प्राप्त कर उनके बैंक खाते खुलवाते थे। फिर उन खातों को हैकरों को बेच देते थे। उन खातों में साइबर ठगी की रकम हैकरों द्वारा मंगाई जाती थी।

विज्ञापन


इस संबंध में 21 फरवरी को प्रेसवार्ता में जानकारी देते हुए एसपी क्राइम ममता कुरील ने बताया कि नूह मेवात क्षेत्र में सक्रिय साइबर हैकरों द्वारा फर्जी मोबाइल नंबरों से कॉल कर अपना परिचित बताकर उनके खाते की जानकारियां जुटाकर ठगी की जा रही है। साइबर टीम को इस तरह की शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग जिले में गांवों व शहरों में मजदूर व कमजोर वर्ग के पास घूम-घूमकर सरकारी योजनाओं के इनामी लालच देकर उनके दस्तावेज प्राप्त कर रहे हैं।
विज्ञापन


फिर उन्हें जनसेवा केंद्रों पर ले जाकर उनके बैंक खाते खुलवा लेते हैं। उन खातों की पासबुक, एटीएम कार्ड इत्यादि खुद रख लेते। फिर उन पर फर्जी मोबाइल नंबरों से यूपीआई बनाकर खातों को जेवर, हरियाणा के मेवात आदि स्थानों पर साइबर हैकरों को बेच देते थे। बाद में हैकर उन खातों में ठगी की रकम मंगाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे चल रहा था धंधा

इस जानकारी पर साइबर सेल प्रभारी राहुल चौधरी व उनकी टीम ने जब काम किया तो कुछ लोगों के नाम प्रकाश में आए। इन पांचों पर अलीगढ़ में भी पांच मुकदमे दर्ज हैं। साथ में अन्य जिलों में एक दर्जन मुकदमे हैं। जिन्हें महुआ खेड़ा थाना पुलिस के सहयोग से पकड़ा गया। पकड़े गए आरोपियों में हाथरस के तरफरा के दो सगे भाई इरफान व इमरान के अलावा महुआ खेड़ा के ईकरी का फईम व नोएडा के मेहंदीपुर जेवर का इंसाफ अली शामिल हैं।

इनके पास से 14 फर्जी आधार कार्ड, 3 फर्जी पेनकार्ड, 2 एटीएम कार्ड, 1 वोटर आईडी कार्ड, 4 मोबाइल फोन व 1 बाइक बरामद हुई। इन चारों ने स्वीकारा कि इरफान व इमरान अलीगढ़-हाथरस में मजदूर खोजते थे। उन्हें इनामी लालच देकर जनसेवा केंद्र तक लाते। वे जनसेवा केंद्र वाले को प्रति खाता अपनी मर्जी से खुलवाने के 700 रुपये देते। बाद में उस खाते को फईम को 1500 से 2000 रुपये तक में बेचते। फईम उस खाते को 3500 रुपये में इंसाफ को बेचता था।

मजदूरों तक पहुंची पुलिस, तब खुला भेद
मजदूर उस वक्त हैरान होते थे, जब किसी साइबर ठगी पर पुलिस बैंक खाते की मदद से उन तक पहुंचती। इस तरह की शिकायतें पुलिस तक पहुंची, तब यह भेद खुला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed