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दीनदयाल अस्पताल में ओपीडी बंद होने से जिला अस्पताल पर बढ़ जाएगा दबाव
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पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं बंद होने से मलखान सिंह जिला अस्पताल पर प्रत्येक दिन सात सौ से अधिक मरीजों का दबाव बढ़ने की आशंका है। स्थिति को संभालने के लिए दीनदयाल अस्पताल से 50 वर्ष से अधिक उम्र के तीन डॉक्टर एवं कुछ कर्मचारी भेजे गए हैं।
कोरोना की दूसरी लहर एवं मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय को कोविड-16 समर्पित अस्पताल एल-2- घोषित कर दिया गया है। इसमें 315 बेड हैं। यहां संचालित ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाओं को बंद कर दिया गया है ताकि कोविड मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके और संक्रमण न फैले। दीनदयाल अस्पताल के ओपीडी में प्रत्येक दिन सात सौ से अधिक मरीज आते थे। इसके अतिरिक्त इमरजेंसी में रोज 40 से 50 मरीज आते थे। अस्पताल में ओपीडी एवं इमरजेंसी बंद होने से सात सौ से अधिक मरीजों को उपचार के लिए मलखान सिंह जिला अस्पताल या शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जाना होगा। अस्पताल में क्वार्सी, रामघाट रोड, सिविल लाइन, हरदुआगंज, अतरौली से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के कई गांवों के मरीज आते हैैं।
सीएमएस डॉ. एबी सिंह ने बताया कि दीनदयाल अस्पताल से तीन डॉक्टर डॉ. राजेंद्र वार्ष्णेय, डॉ. जी गुप्ता एवं डॉ. जी कपूर के अतिरिक्त सतीश शर्मा एवं बॉबी शर्मा को मलखान सिंह जिला अस्पताल में भेजा गया है। मलखान सिंह जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रामकिशन ने बताया कि दीनदयाल अस्पताल में ओपीडी बंद होने के बाद मरीज जिला अस्पताल में आएंगे। इसे देखते हुए पूरी तैयारी की जा रही है ताकि मरीजों को कोई दिक्कत न हो। दीनदयाल अस्पताल से कुछ डॉक्टर भी आए हैं। उनकी सेवाएं ली जाएंगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा। एडी हेल्थ डॉ. एसके उपाध्याय ने कहा कि वह शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था व्यवस्थित करने की कोशिश करेंगे ताकि जिला अस्पताल पर ज्यादा दबाव न पड़े। चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी समय से आएंगे और मरीजों को उपचार देंगे तो जिला अस्पताल पर ज्यादा दबाव नहीं बढ़ेगा।
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कोरोना की दूसरी लहर एवं मरीजों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय को कोविड-16 समर्पित अस्पताल एल-2- घोषित कर दिया गया है। इसमें 315 बेड हैं। यहां संचालित ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाओं को बंद कर दिया गया है ताकि कोविड मरीजों को बेहतर उपचार मिल सके और संक्रमण न फैले। दीनदयाल अस्पताल के ओपीडी में प्रत्येक दिन सात सौ से अधिक मरीज आते थे। इसके अतिरिक्त इमरजेंसी में रोज 40 से 50 मरीज आते थे। अस्पताल में ओपीडी एवं इमरजेंसी बंद होने से सात सौ से अधिक मरीजों को उपचार के लिए मलखान सिंह जिला अस्पताल या शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जाना होगा। अस्पताल में क्वार्सी, रामघाट रोड, सिविल लाइन, हरदुआगंज, अतरौली से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के कई गांवों के मरीज आते हैैं।
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सीएमएस डॉ. एबी सिंह ने बताया कि दीनदयाल अस्पताल से तीन डॉक्टर डॉ. राजेंद्र वार्ष्णेय, डॉ. जी गुप्ता एवं डॉ. जी कपूर के अतिरिक्त सतीश शर्मा एवं बॉबी शर्मा को मलखान सिंह जिला अस्पताल में भेजा गया है। मलखान सिंह जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. रामकिशन ने बताया कि दीनदयाल अस्पताल में ओपीडी बंद होने के बाद मरीज जिला अस्पताल में आएंगे। इसे देखते हुए पूरी तैयारी की जा रही है ताकि मरीजों को कोई दिक्कत न हो। दीनदयाल अस्पताल से कुछ डॉक्टर भी आए हैं। उनकी सेवाएं ली जाएंगी। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस-प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा। एडी हेल्थ डॉ. एसके उपाध्याय ने कहा कि वह शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था व्यवस्थित करने की कोशिश करेंगे ताकि जिला अस्पताल पर ज्यादा दबाव न पड़े। चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी समय से आएंगे और मरीजों को उपचार देंगे तो जिला अस्पताल पर ज्यादा दबाव नहीं बढ़ेगा।
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