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नाव पर तो तभी चढ़ने दूंगा जब चरण धुलवाएंगे
ब्यूूराे, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Thu, 21 Sep 2017 02:18 AM IST
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नाव पर तो तभी चढ़ने दूंगा जब चरण धुलवाएंगे
- फोटो : Dig Vishal
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श्री रामलीला महोत्सव में बुधवार को हुई सरयू पार लीला देखने को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान अचल सरोवर पर जब केवट और भगवान राम संवाद हुआ तो लोगों के जेहन में त्रेता युग की याद ताजा हो गई। संवाद सुनकर लोग गद्गद् नजर आए। इस दौरान अचल सरोवर पर हुई सजावट एवं अंत में भगवान राम के जयघोषों के मध्य हुई आतिशबाजी ने सभी का मन मोह लिया।
लीला का शुभारंभ प्रभु श्रीराम का तिलक कर एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, नगर आयुक्त संतोष शर्मा एवं निवर्तमान महापौर शकुंतला भारती ने संयुक्त रूप से किया। लीला में श्रीराम वन में चलते चलते सरयू नदी के तट पर पहुंच जाते हैं। अब उन्हें सरयू नदी पार करनी है।
श्रीराम वहां मौजूद नाव वाले से कहते हैं तुम हमें नदी पार करा दो बताओ क्या लोगे। नाव वाला केवट कहता है प्रभु मैं आपको पहचान गया आप राम हैं। जिनके चरण छुलाने से पत्थर की शिला नारी बन गई। मेरी तो रोजी रोटी का साधन यह नाव है यदि ये भी स्त्री या और कुछ बन गई तो मेरे बच्चे क्या खायेंगे।
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आप कोई और नाव वाला देख लो मुझे क्षमा करो। श्रीराम के बहुत समझाने पर केवट इन शर्तों पर तैयार होता है कि प्रभु एक ही काम करने वाले आपस में कुछ नहीं लेते। आज मैं आपको पार करा दूंगा, जब में आपके द्वार आंऊ तो आप भी मुझे पार लगा देना।
केवट श्रीराम एवं जानकी जी के चरण पखार कर उन्हें ससम्मान सरयू नदी पार कराता है। लीला के लिए अचल सरोवर को मनमोहक लाइटों से सजाया गया था। अंत में भगवान राम के जयघोष के बीच हुई आतिशबाजी ने सभी का मन मोह लिया। रामलीला में विमल अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, संदीप रंजन गुप्ता, अन्नू़, पवन खंडेलवाल, सुनील गर्ग, ऋषि मित्तल, राजेश गर्ग, मनोज वार्ष्णेय, अतुल कुलश्रेष्ठ, हरीश शर्मा, राजेश सैनी आदि उपस्थित थे।
रामलीला में आज
श्रीराम भारद्वाज मिलन, वाल्मीकि से मिलन, चित्रकूट विश्राम, दशरथ मरण, भरत का आगमन तथा भरत का श्रीराम के पास वन में जाना प्रभु मनाना एवं प्रभु की चरण पादुका को लाना की लीला का मंचन होगा।
दिन भर गंदगी और बदबू में डूबा रहा अचल सरोवर
रामलीला महोत्सव के तहत बुधवार को होने वाली सरयूपार लीला के मौके पर आयोजकों को अचल सरोवर में व्याप्त गंदगी एवं बदबू की समस्या ने परेशानी में डाल दिया। सुबह से लेकर दोपहर तक लक्ष्मी नारायण मंदिर, अचल सरोवर परिक्रमा मार्ग, अचल सरोवर के मुख्य द्वार और पीछे वाले द्वार तक हर जगह कूड़ा और गंदगी के अलावा कुछ नहीं था। यहां पर थोड़ी देर भी खड़ा होना मुश्किल था। दोपहर तक यह आलम रहा तो आयोजकों के धैर्य का बांध टूट गया। उन्होंने नगर निगम के वरिष्ठ अफसरों के साथ प्रशासन के आला अफसरों से संपर्क साधा। इसके बाद नगर निगम की टीम ने युद्घस्तर पर अभियान चलाकर सायंकाल तक सरोवर को साफ कर दिया। तब कहीं जाकर आयोजकों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोग यह कहते नहीं रुक रहे कि भाजपा सरकार में भी सरोवर की बदहाली दूर नहीं हुई है।
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लीला का शुभारंभ प्रभु श्रीराम का तिलक कर एडीएम सिटी श्याम बहादुर सिंह, एसपी सिटी अतुल श्रीवास्तव, नगर आयुक्त संतोष शर्मा एवं निवर्तमान महापौर शकुंतला भारती ने संयुक्त रूप से किया। लीला में श्रीराम वन में चलते चलते सरयू नदी के तट पर पहुंच जाते हैं। अब उन्हें सरयू नदी पार करनी है।
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श्रीराम वहां मौजूद नाव वाले से कहते हैं तुम हमें नदी पार करा दो बताओ क्या लोगे। नाव वाला केवट कहता है प्रभु मैं आपको पहचान गया आप राम हैं। जिनके चरण छुलाने से पत्थर की शिला नारी बन गई। मेरी तो रोजी रोटी का साधन यह नाव है यदि ये भी स्त्री या और कुछ बन गई तो मेरे बच्चे क्या खायेंगे।
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आप कोई और नाव वाला देख लो मुझे क्षमा करो। श्रीराम के बहुत समझाने पर केवट इन शर्तों पर तैयार होता है कि प्रभु एक ही काम करने वाले आपस में कुछ नहीं लेते। आज मैं आपको पार करा दूंगा, जब में आपके द्वार आंऊ तो आप भी मुझे पार लगा देना।
केवट श्रीराम एवं जानकी जी के चरण पखार कर उन्हें ससम्मान सरयू नदी पार कराता है। लीला के लिए अचल सरोवर को मनमोहक लाइटों से सजाया गया था। अंत में भगवान राम के जयघोष के बीच हुई आतिशबाजी ने सभी का मन मोह लिया। रामलीला में विमल अग्रवाल, अरविंद अग्रवाल, संदीप रंजन गुप्ता, अन्नू़, पवन खंडेलवाल, सुनील गर्ग, ऋषि मित्तल, राजेश गर्ग, मनोज वार्ष्णेय, अतुल कुलश्रेष्ठ, हरीश शर्मा, राजेश सैनी आदि उपस्थित थे।
रामलीला में आज
श्रीराम भारद्वाज मिलन, वाल्मीकि से मिलन, चित्रकूट विश्राम, दशरथ मरण, भरत का आगमन तथा भरत का श्रीराम के पास वन में जाना प्रभु मनाना एवं प्रभु की चरण पादुका को लाना की लीला का मंचन होगा।
दिन भर गंदगी और बदबू में डूबा रहा अचल सरोवर
रामलीला महोत्सव के तहत बुधवार को होने वाली सरयूपार लीला के मौके पर आयोजकों को अचल सरोवर में व्याप्त गंदगी एवं बदबू की समस्या ने परेशानी में डाल दिया। सुबह से लेकर दोपहर तक लक्ष्मी नारायण मंदिर, अचल सरोवर परिक्रमा मार्ग, अचल सरोवर के मुख्य द्वार और पीछे वाले द्वार तक हर जगह कूड़ा और गंदगी के अलावा कुछ नहीं था। यहां पर थोड़ी देर भी खड़ा होना मुश्किल था। दोपहर तक यह आलम रहा तो आयोजकों के धैर्य का बांध टूट गया। उन्होंने नगर निगम के वरिष्ठ अफसरों के साथ प्रशासन के आला अफसरों से संपर्क साधा। इसके बाद नगर निगम की टीम ने युद्घस्तर पर अभियान चलाकर सायंकाल तक सरोवर को साफ कर दिया। तब कहीं जाकर आयोजकों ने राहत की सांस ली। स्थानीय लोग यह कहते नहीं रुक रहे कि भाजपा सरकार में भी सरोवर की बदहाली दूर नहीं हुई है।