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अलीगढ़ः सराफ की पत्नी-बेटे की हत्या में एक गिरफ्तार, लूट के इरादे से हुई वारदात

Tue, 31 May 2022 01:45 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 31 May 2022 01:45 AM IST
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One arrested in the murder of Saraf's wife and son
सुरेंद्र नगर में सराफ की पत्नी व बेटे की हत्या में फरार आरोपी। - फोटो : CITY OFFICE
सुरेंद्र नगर सिंघल सदन के सामने वाली गली में बृहस्पतिवार को सराफ के घर में घुसकर पत्नी - बेटे की हत्या लूट के इरादे से ही हुई थी। इस सनसनीखेज वारदात का पांचवें दिन खुलासा करते हुए पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मुख्य आरोपी हरदुआगंज का एक सराफ अभी भी फरार है। खास बात है कि आईपीएल में लाखों रुपये गंवा चुके हरदुआगंज के सराफ ने इस वारदात को अंजाम दिया। उसने दो लाख रुपये का ऑफर देकर बुलंदशहर में रहकर नौकरी कर रहे जोनपुर के युवक े इस वारदात में शामिल किया था। इस मामले में पुलिस ने जोनपुर के युवक शुभम को गिरफ्तार कर लिया है। कीमती जेवरात लेकर फरार हुए मुख्य आरोपी की तलाश चल रही है।
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26 मई की दोपहर फूल चौराहा स्थित राधिका ज्वैलर्स के स्वामी मूल रूप से बिजौली हाल सुरेंद्र नगर निवासी ललित सराफ के घर में घुसकर उनकी पत्नी शिखा व बेटे गोविंदा की चाकुओं से गोदकर नृशंस हत्या कर दी गई थी। इस घटना की जानकारी देर शाम करीब पौने आठ बजे एक पड़ोसी के जरिये दुकान पर मौजूद ललित व पुलिस को हुई। हालांकि प्रारंभिक तौर पर ललित ने अपनी पत्नी व साली के बीच चल रहे पिता की नौकरी व फंड के बंटवारे से जुड़े विवाद में हत्या का अंदेशा जताते हुए साली व उसके होने वाले पति को नामजद कर मुकदमा दर्ज कराया था। इस आधार पर पुलिस ने दोनों नामजदों व दूसरे साली साढ़ू को हिरासत में लेकर कई दिन तक पूछताछ की। इस दौरान यह भी उजागर हुआ कि ललित के घर से आठ लाख रुपये से अधिक कीमत का जेवर भी गायब हुआ है। इस पर पुलिस यह मानने लगी कि हो सकता है कि वारदात को लूट दर्शाने के लिए ऐसा किया गया हो।
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ऐसे मिली हत्यारों तक पहुंचने में सफलता
इस घटना के खुलासे में पहले ही दिन से पुलिस की पांच टीमें खुद एसएसपी कलानिधि नैथानी की अगुवाई में लगी थीं। शुरू के दो दिन की जांच में पुलिस को सीसीटीवी की मदद से दो हत्या आरोपियों के चेहरे कैद पाए गए। ये दोनों घटना से पहले ललित के घर में घुसे और वारदात को अंजाम देने के बाद पैदल - पैदल महाजन होटल तक गए। वहां से ऑटो में बस स्टैंड, फिर सारसौल से मेहरावल तक गए। इसके बाद उनकी कोई खबर नहीं मिली। इस पर पुलिस ने तीसरे दिन नए सिरे से इन दोनों के सीसीटीवी देखे तो पाया कि घटना से पहले दोनों गांधीपार्क बस स्टैंड पर मिले हैं। यहां से दोनों ने कबरकुत्ता से एक कैप भी खरीदी है। फिर ऑटो में सवार होकर ललित के घर से दो गली पहले पहुंचे हैं। वहां ऑटो छोड़कर पैदल - पैदल गए हैं। इस दौरान उनमें से एक कई बार मोबाइल पर भी बात कर रहा है। इसे लेकर जब मोबाइल नंबर की टॉवर लोकेशन आदि पर काम शुरू किया तो पाया कि एक नंबर ऐसा है, जिसकी घटना से पहले कई बार ललित के मोबाइल पर कॉल गई है। उसी नंबर की लोकेशन सीसीटीवी में कैद युवकों की लोकेशन के साथ-साथ चल रही है। जब इस नंबर को खोजा गया तो यह नंबर हरदुआगंज के अतुल ज्वैलर्स के स्वामी अतुल सोनी के नाम से पाया गया। बस पुलिस को यह क्लू घटना के खुलासे के लिए सबसे महत्वपूर्ण लगा।
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हरदुआगंज का सराफ और परिवार गायब, दूसरा बुलंदशहर में मिला
इस सुराग के आधार पर दो टीमों को लगाया गया। इनमें एक टीम मेहरावल से खुर्जा-बुलंदशहर की ओर काम कर रही थी। दूसरी टीम हरदुआगंज के अतुल के घर पहुंची। वहां से खुद अतुल, उसके माता-पिता व भाई गायब मिले। इस पर उनकी मोबाइल लोकेशन के आधार पर खोज शुरू हुई तो उसके माता-पिता व भाई दिल्ली में मिल गए। मगर अतुल नहीं मिला। इसी बीच पुलिस नेे दूसरे युवक की पहचान बुलंदशहर देहात के गंगानगर अपार्टमेंट में रहने वाले जोनपुर बदलापुर बवुरा के शुभम सिंह पुत्र संजय सिंह के रूप में हुई। जिसे पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद शुभम से और अतुल के परिवार से हुई पूछताछ में घटना से पूरा पर्दा हट गया।
ऐसे बनाया था अतुल ने शुभम संग लूट-हत्या का प्लान
पुलिस के अनुसार वह दिल्ली विश्वविद्यालय के मोतीलाल नेहरू कॉलेज से वर्ष 2016 में बीए ऑनर्स कर चुका है। दिल्ली में रहकर नौकरी कर रहा था। कोरोना काल में उसकी नौकरी जाती रही। इसी बीच उसके एक दोस्त ने उसे बुलंदशहर के अपने फ्लैट में रखवा दिया और वहां एक रेस्टोरेंट चलाने का जिम्मा दे दिया। हालांकि वह रेस्टोरेंट भी नहीं चल पाया और इन दिनों शुभम बुरी तरह से आर्थिक तंगी से जूझने लगा। इसी बीच उसे बुलंदशहर में ही निजी बैंक में कमीशन आधारित काम मिल गया था। बुलंदशहर के जिस इलाके में शुभम रहता था। उसी इलाके में हरदुआगंज कस्बे के सराफ अतुल की मामी का घर है। अक्सर अतुल वहां आता जाता रहा था। इसी बीच अतुल की मुलाकात शुभम से चाय की दुकान पर हुई। जहां दोनों में बातचीत के बीच तमाम चर्चाएं हुईं। जहां खुद को अतुल ने एक सराफ की दुकान पर नौकर बताया और कहा कि इन दिनों आर्थिक हालात बेहद खराब हैं। अगर वह कहो तो किसी कांड को अंजाम देकर रुपया कमाया जा सकता है। शुभम ने खुद के हालात देख अतुल का ऑफर स्वीकार कर लिया। बातचीत के तहत अतुल ने उससे दो लाख रुपये तय किए और बतौर एडवांस 5 हजार रुपये भी दिए। चूंकि शुभम एक-एक रुपये से मोहताज था तो पांच हजार रुपये पाकर मन में लालच आ गया और घटना को अंतिम रूप दे दिया।
खुद अतुल ने बेरहमी से किए दोनों कत्ल
शुभम ने पुलिस पूछताछ में स्वीकारा है कि जब हम ललित के दरवाजे पर पहुंचे तो अतुल ने दरवाजे पर दस्तक दी। इस पर अंदर से शिखा ने दरवाजा खोला और बातों - बातों में हम दोनों अंदर पहुंच गए। जहां उसने पानी पीने को दिया। अतुल पीछे पीछे रसोई में गया। इसी बीच उसने चाकू लेकर महिला की गर्दन पर वार कर दिया। फिर उससे घर में जेवरात होना पूछा। इस दौरान घर में टीवी पर कार्टून देख रहे बेटे को शुभम ने बाथरूम में बंद कर दिया। इसके बाद सेफ में जेवरात खंगाले तो बेड पर डालकर देखने पर आधे से अधिक जेवरात आर्टीफीशियल पाए गए। इस पर फिर अतुल गुस्से में आया और खून से लथपथ शिखा को कंधे पर उठाकर उस कमरे तक लाया। जहां शिखा ने कहा कि उसका बच्चा देख लेगा तो डर जाएगा। बाद में शिखा ने कहा कि सब कुछ यही है। इसके अलावा कुछ नहीं। इसके बाद उसे वापस उसी कमरे में ले जाकर दुबारा तार से गर्दन घोंटी और सिर पर वजनी वस्तु मारी। फिर जेवरात समेट कर चलने लगे। इस दौरान बच्चे के चीखने की आवाज पर वह रुका और उसे बाथरूम से निकालकर सिर पर वजनी वस्तु मारकर हत्या कर तब घर से निकले। इस घटना के बाद अतुल ने ललित के घर से उसकी शर्ट पहनी और वह शुभम को मेहरावल छोड़कर वापस ललित की दुकान पर पहुंचा। मगर खास बात यह है कि ललित उस दौरान अपनी शर्ट नहीं पहचान सका। अब खुलासे के बाद उसे इस बात का अहसास हुआ है।
400 से ज्यादा सीसीटीवी देखे, टीम को 25 हजार का इनाम
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने बताया कि इस ऑपरेशन में थाना क्वार्सी व स्वॉट, सर्विलांस की कुल पांच टीमें एसपी सिटी कुलदीप सिंह गुणावत व सीओ तृतीय श्वेताभ पांडेय की अगुवाई में लगी रहीं। इस दौरान 400 सीसीटीवी देखे गए। जिससे सफल्ता मिली है। टीम को 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस दौरान अपराधियों ने 5 ऑटो का प्रयोग किया। अब अतुल लूटे गए पूरे माल सहित फरार है, जिसकी तलाश जारी है। अतुल ने वार्ष्णेय कॉलेज से एमकॉम की पढ़ाई की है। शुभम से फिलहाल खून से सने कपड़े, चाकू, तार, ईंट, तौलिया व 5 हजार रुपये बरामद हुए हैं।

नामजद आरोपियों ने ली राहत की सांस
इस हत्याकांड में नामजद किए गए आरोपियों ने राहत की सांस ली है। बता दें कि उन दोनों को ललित ने नामजद किया था। फिलहाल अभी उनसे कुछ अन्य पहलुओं पर पूछताछ चल रही है।

सुरेंद्र नगर में सराफ की पत्नी व बेटे की हत्या का आरोपी। संवाद

सुरेंद्र नगर में सराफ की पत्नी व बेटे की हत्या का आरोपी। संवाद- फोटो : CITY OFFICE

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