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अलीगढ़ : मिलावटखोरों की बढ़ेगी मुसीबत, अब अलीगढ़ में ही होगी नमूनों की जांच
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शहर में अब मिलावटखोरों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। खाद्य पदार्थ में किसी भी प्रकार की मिलावट या उसके अधोमानक होने की जांच अब अलीगढ़ में ही हो सकेगी। शासन स्तर से अलीगढ़-टप्पल मार्ग स्थित लोधा-जिरौली रोड पर 22.50 करोड़ की लागत से मंडल स्तरीय हाईटेक लैब का निर्माण कराया जा रहा है।
लैब निर्माण के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से जब्त किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के संदिग्ध नमूनों की एक दिन से लेकर एक सप्ताह के अंदर जांच हो जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट या गलती मिलने पर नोटिस के साथ सजा की कार्रवाई पहले के मुकाबले तेजी से हो सकेगी। स्थानीय स्तर पर ही जांच की सुविधा होने से मिलावटखोरों को नोटिस सहित आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया तेजी से निपट सकेगी।
शहर में जांच के दौरान एकत्रित किए जाने वाले संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने व खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए आगरा व लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं। रिपोर्ट आने तक की प्रक्रिया में काफी समय खराब होता है। जांच रिपोर्ट देर से मिलने के कारण आगे की कार्रवाई में भी विलंब होता है। शासन ने मिलावटखोरी रोकने व दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए अलीगढ़ में ही हाईटेक लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। एफडीए के डीओ सर्वेश मिश्रा ने बताया कि मिलावटखोरी की रोकथाम के लिए शासन स्तर से 22.50 करोड़ की लागत से हाईटेक लैब का निर्माण कराया जा रहा है। बाउंड्रीबॉल का निर्माण हो चुका है। बाकी बिल्डिंग तैयार करने का काम जारी है। लैब में खाद्य पदार्थों के संदिग्ध नमूनों की एक दिन से लेकर एक सप्ताह के अंदर जांच के बाद उसकी रिपोर्ट मिल सकेगी। जिसके आधार पर अलीगढ़ मंडल के जिलों में खाद्य पदार्थों में मिलावट या गलती मिलने पर नोटिस देने के साथ ही सजा की कार्रवाई में भी तेजी आ सकेगी।
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सचल खाद्य प्रयोगशाला से खाद्य पदार्थों के 52 नमूनों की जांच
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी सर्वेश मिश्रा के निर्देशन में बुधवार को शहर भर से सचल खाद्य प्रयोगशाला एफएसडब्ल्यू (फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स) से जन जागरुकता के लिए जांच का अभियान चलाया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान के नेतृत्व में सचल खाद्य प्रयोगशाला ने खोआ मंडी अचलताल, स्वर्ण जयंती नगर में खाद्य पदार्थों की जांच की। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार यादव व जवाहरलाल ने खाद्य पदार्थ के 52 नमूने जांचे। सचल खाद्य प्रयोगशाला के लिए जरिए आम जनमानस को जागरूक भी किया गया।
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लैब निर्माण के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से जब्त किए जाने वाले खाद्य पदार्थों के संदिग्ध नमूनों की एक दिन से लेकर एक सप्ताह के अंदर जांच हो जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट या गलती मिलने पर नोटिस के साथ सजा की कार्रवाई पहले के मुकाबले तेजी से हो सकेगी। स्थानीय स्तर पर ही जांच की सुविधा होने से मिलावटखोरों को नोटिस सहित आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया तेजी से निपट सकेगी।
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शहर में जांच के दौरान एकत्रित किए जाने वाले संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने व खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए आगरा व लखनऊ स्थित प्रयोगशाला में भेजे जाते हैं। रिपोर्ट आने तक की प्रक्रिया में काफी समय खराब होता है। जांच रिपोर्ट देर से मिलने के कारण आगे की कार्रवाई में भी विलंब होता है। शासन ने मिलावटखोरी रोकने व दोषियों पर सख्त कार्रवाई के लिए अलीगढ़ में ही हाईटेक लैब स्थापित करने का निर्णय लिया है। एफडीए के डीओ सर्वेश मिश्रा ने बताया कि मिलावटखोरी की रोकथाम के लिए शासन स्तर से 22.50 करोड़ की लागत से हाईटेक लैब का निर्माण कराया जा रहा है। बाउंड्रीबॉल का निर्माण हो चुका है। बाकी बिल्डिंग तैयार करने का काम जारी है। लैब में खाद्य पदार्थों के संदिग्ध नमूनों की एक दिन से लेकर एक सप्ताह के अंदर जांच के बाद उसकी रिपोर्ट मिल सकेगी। जिसके आधार पर अलीगढ़ मंडल के जिलों में खाद्य पदार्थों में मिलावट या गलती मिलने पर नोटिस देने के साथ ही सजा की कार्रवाई में भी तेजी आ सकेगी।
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सचल खाद्य प्रयोगशाला से खाद्य पदार्थों के 52 नमूनों की जांच
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अभिहित अधिकारी सर्वेश मिश्रा के निर्देशन में बुधवार को शहर भर से सचल खाद्य प्रयोगशाला एफएसडब्ल्यू (फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स) से जन जागरुकता के लिए जांच का अभियान चलाया गया। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी अक्षय प्रधान के नेतृत्व में सचल खाद्य प्रयोगशाला ने खोआ मंडी अचलताल, स्वर्ण जयंती नगर में खाद्य पदार्थों की जांच की। इस दौरान खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार यादव व जवाहरलाल ने खाद्य पदार्थ के 52 नमूने जांचे। सचल खाद्य प्रयोगशाला के लिए जरिए आम जनमानस को जागरूक भी किया गया।