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नौ दिन चले अढ़ाई कोस
अमर उजाला ब्यूूराे
Updated Mon, 19 Jun 2017 12:43 AM IST
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स्वच्छ भारत अभियान के तहत खुले में शौच मुक्ति के लिए चल रहा अभियान नौ दिन चले अढ़ाई कोस कहावत की तरह चल रहा है। जागरूकता कार्यक्रम में लाखों रुपया पानी की तरह बर्बाद करने के बाद स्थिति जस की तस है।
हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शासन के एक जुलाई तक 101 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र दस ग्राम पंचायतें ही इस बुराई से मुक्त हो सकी हैं। यह स्थिति तब है जब इस माह की पांच तारीख को दौरे पर आए सीएम योगी जिला पंचायत राज विभाग के ढुलमुल रवैए पर खुलेआम नाराजगी जता चुके हैं।
प्रधानों की कार्यशाला 22 को
बुराई से निपटने के लिए सीडीओ ने ग्राम प्रधानों को भी अभियान में शामिल करने का निर्णय लिया है। चयनित गांव पंचायतों के प्रधानों को अभियान से जोड़ने के लिए विकास भवन में 22 जून से कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। कार्यशाला में प्रधानों को खुले में शौच से होने वाली बीमारियों, खतरों आदि की जानकारी देते हुए सहयोग मांगा जाएगा।
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यहां तो ग्रामीणों ने संभाली कमान
तमाम प्रयासों के बाद भी जिला पंचायत राज विभाग खुले में शौच मुक्ति कराने में कारगर साबित नहीं हो रहा है वही दूसरी ओर अकराबाद के गांव भगौसा के ग्रामीणों ने मिसाल कायम करते हुए बिना सरकारी खर्च के शौचालय निर्माण के लिए 80 गड्ड़े खोद लिए हैं और 35 परिवारों ने शौचालय निर्माण शुरू कर दिया है।
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हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शासन के एक जुलाई तक 101 ग्राम पंचायतों को खुले में शौच मुक्त के लक्ष्य के सापेक्ष अब तक मात्र दस ग्राम पंचायतें ही इस बुराई से मुक्त हो सकी हैं। यह स्थिति तब है जब इस माह की पांच तारीख को दौरे पर आए सीएम योगी जिला पंचायत राज विभाग के ढुलमुल रवैए पर खुलेआम नाराजगी जता चुके हैं।
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प्रधानों की कार्यशाला 22 को
बुराई से निपटने के लिए सीडीओ ने ग्राम प्रधानों को भी अभियान में शामिल करने का निर्णय लिया है। चयनित गांव पंचायतों के प्रधानों को अभियान से जोड़ने के लिए विकास भवन में 22 जून से कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। कार्यशाला में प्रधानों को खुले में शौच से होने वाली बीमारियों, खतरों आदि की जानकारी देते हुए सहयोग मांगा जाएगा।
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यहां तो ग्रामीणों ने संभाली कमान
तमाम प्रयासों के बाद भी जिला पंचायत राज विभाग खुले में शौच मुक्ति कराने में कारगर साबित नहीं हो रहा है वही दूसरी ओर अकराबाद के गांव भगौसा के ग्रामीणों ने मिसाल कायम करते हुए बिना सरकारी खर्च के शौचालय निर्माण के लिए 80 गड्ड़े खोद लिए हैं और 35 परिवारों ने शौचालय निर्माण शुरू कर दिया है।