फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   New election came, the last one could not be paid

अलीगढ़ः नया चुनाव आया, पिछले का भुगतान नहीं हो पाया

Fri, 21 Jan 2022 12:30 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 21 Jan 2022 12:30 AM IST
विज्ञापन
New election came, the last one could not be paid
अजय प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष, महानगर बस सेवा। - फोटो : CITY OFFICE
हल्के वाहनों पर 11 और भारी वाहनों पर दस फीसदी अतिरिक्त किराये भाड़े को लेकर नया चुनाव सिर पर आ गया है। परिवहन विभाग ने 20 हजार वाहनों के स्वामियों को अधिग्रहण के नोटिस भेजे हैं, लेकिन अभी तक पिछले चुनावों का भुगतान नहीं हो पाया है। इतना ही नहीं, वाहन मालिकों में असमानता को लेकर रोष है। उनका कहना है कि हमारे कर्मचारियों को तनख्वाह तो दूर, खाना तक नहीं मिल पाता है। ऐसे में किस आधार पर अपने वाहनों को चुनावों में लगाएं।
विज्ञापन

वाहन मालिकों का कहना है कि लोकसभा चुनाव 2019, पंचायत चुनाव और उप चुनावों के साथ पिछले कई चुनावों का भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है। बाबू इधर से उधर चक्कर कटवाते हैं, लेकिन चुनावों का भुगतान नहीं हो पाता। इतना ही नहीं, चुनाव आयोग असमानता से भुगतान करता है। रोडवेज बसों को जितना भुगतान मिलता है। निजी बसों का भुगतान उसके सामने नाममात्र है। ड्राइवर और कंडक्टरों को कोई वेतन नहीं मिलता, जबकि राज्य कर्मचारियों को अलग से खर्चा मिलता है। इतना ही नहीं, ड्राइवर और कंडक्टरों को खाना तक नहीं मिलता है। ऐसी असमानता और पिछले चुनावों का भुगतान नहीं हुआ तो कैसे अपने वाहनों को चुनावों में चलवाएं। वाहन मालिकों की टीस अभी भरी नहीं है कि फिर से अधिग्रहण के नोटिस पहुंचने लगे हैं।
विज्ञापन

- लोकसभा चुनाव, पंचायत चुनाव और उप चुनाव सहित विभिन्न चुनावों का भुगतान नहीं हुआ है। आदमी चक्कर लगा लगाकर अपने घर बैठ जाता है, लेकिन भुगतान नहीं होता। रोडवेज को ज्यादा खर्चा मिलता है। ड्राइवर कंडक्टरों को कोई तनख्वाह नहीं मिलती। सरकारी कर्मचारी को अलग से पैसा मिलता है। चुनाव ड्यूटी में ड्राइवर व कंडक्टरों को न्यूनतम मजदूरी मिलनी चाहिए। जबकि उन्हें खाना तक नहीं मिलता है। इसीलिए इस बार वाहन देने से पहले सौ बार सोचेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- अजय प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष, महानगर बस सेवा
- क ई चुनावों का भुगतान अभी तक बाकी है, जबकि विधानसभा चुनावों को लेकर अधिग्रहण के नोटिस मिलने लगे हैं। दैनिक खर्च के अलावा ड्राइवर कंडक्टरों को न्यूनतम मजदूरी मिलनी चाहिए। जबकि पिछले चुनावों का भुगतान एक डेस्क लगाकर तत्काल करना चाहिए। ऐसे चुनावों से क्या फायदा, जिसका भुगतान सालों तक लटका रहे। हमारे लिए कोई राहतभरी खबर नहीं है।
- अरविंद सेंगर, जिला महामंत्री, महानगर बस सेवा

-अरविंद सेंगर, जिला महामंत्री, महानगर बस सेवा।

-अरविंद सेंगर, जिला महामंत्री, महानगर बस सेवा।- फोटो : CITY OFFICE

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed