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मुस्लिम बुद्धिजीवी बोले-गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे गैर जिम्मेदाराना

Thu, 08 Sep 2022 01:09 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 08 Sep 2022 01:09 AM IST
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Muslim intellectuals said - survey of unrecognized madrasas irresponsible
मारिया आलम - फोटो : CITY OFFICE
योगी सरकार के गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे के फैसले पर मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने सवाल उठा दिए हैं। कहा, यह सर्वे गैर जिम्मेदाराना कदम है। मदरसों के साथ आश्रम, गुरुकुल का भी सर्वे होना चाहिए। आरोप है कि मदरसों को लेकर सरकार की नीयत अच्छी नहीं है। इसको लेकर मुस्लिम बुद्धिजीवियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
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गुरुकुल, आश्रम का भी हो सर्वे
मदरसों का सर्वे अच्छी नीयत करा रही है तो उसका स्वागत करते हैं, लेकिन ऐसा नहीं होगा, क्योंकि उनकी नीयत में खोट है। वह मान चुके हैं कि मदरसों में आतंकी ट्रेनिंग दी जाती है, जब तक अदालत से कोई फैसला नहीं आ जाता, तब तक कोई आंतकी नहीं हो सकता। अरबी मदरसों के साथ गुरुकुल, आश्रम का भी सर्वे होना चाहिए।
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-प्रो. मुफ्ती जाहिद अली खान, पूर्व विभागाध्यक्ष सुन्नी थियोलॉजी, एएमयू
सरकार की नीयत में खोट
सर्वे के नाम पर इनमें पढ़ने वाले गरीब बच्चों की तालीम छीनने की तैयारी है। इन मदरसों को हाईटेक बनाने और सुविधा देने की बात की जाती तो बेहतर होता, लेकिन ऐसा नहीं होगा, क्योंकि उसकी नीयत में खोट है। संचालन का प्रमाण न दे पाए तो मदरसों पर बुलडोजर चल जाएगा।
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-मारिया आलम, वरिष्ठ समाजसेविका
सरकार करे रुख साफ
प्रदेश सरकार को मदरसों के सर्वे के बारे में रुख स्पष्ट करना होगा। अगर सरकार मदरसों के विकास का रोडमैप बना रही है, तो अच्छी बात है। वर्ना गलत है। गैर मान्यता प्राप्त मदरसों के सर्वे के साथ गुरुकुल, आश्रम का भी समान रूप से सर्वे होना चाहिए।
-हाफिज चौधरी इफराहीम हुसैन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भारतीय समाजसेवक संगठन
ठीक नहीं सरकार का मंसूबा
गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का रिकॉर्ड सरकार के पास है तो फिर सर्वे क्यों कराया जा रहा है। इससे सरकार का मंसूबा ठीक नहीं लग रहा है। असम में तीन मदरसों पर बुलडोजर चल चुका है। अब यूपी में भी मदरसों पर बुलडोजर चलाने की कोशिश शुरू हो रही है।

-मोहम्मद सलमान गौरी, छात्र एएमयू
ये हें मदरसे
जिले में 120 मान्यता प्राप्त मदरसे हैं। इनमें चार अनुदानित, 33 आधुनिकीकरण मदरसे शामिल हैं। गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का अल्पसंख्यक विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। प्रदेश सरकार ने जिले में गैर मान्यता प्राप्त मदरसों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है। सर्वे के लिए एडीएम प्रशासन के नेतृत्व में गठित टीम में संबंधित तहसील के एसडीएम, बीएसए, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी हैं। टीम मदरसों का स्थलीय व भैातिक सत्यापन करते हुए पांच अक्तूबर तक रिपोर्ट तैयार करेगी।

सलमान गौरी

सलमान गौरी- फोटो : CITY OFFICE

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