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अपने पुरखों की विरासत को सजाए रखना
अमर उजाला ब्यूरो/अलीगढ़
Updated Tue, 26 Jan 2016 01:34 AM IST
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एएमयू उर्दू विभाग के तत्वावधान में गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर यूनिवर्सिटी पालीटेक्निक सभागार में मुशायरा का आयोजन किया गया।
प्रसिद्ध शायर खालिद फरीदी ने कहा कि ‘अपने पुराने पुरखों की विरासत को सजाए रखना, चश्मे जम्हूर को तुम यू ही सजाए रखना’। इसके अतिरिक्त शायर फरत अहसास, मैराज निसात, अब्दुल मन्नान, मखसूद खान, शैरूद्दीन आजम, मुजाहिद अजमली, खालिद फरीदी, मुईद रसीदी, राशिद अनवर राशिद, जोया जैदी, राहत हसन, प्रो. मौला बख्श, शहाबुद्दीन शाकिर, नासिर साकेत आदि ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए।
कार्यक्रम की अध्यक्ष फारसी संस्थान की निदेशक प्रो. एडी सफवी तथा संचालन डॉ. शिराज अजमली ने किया। अतिथियों का स्वागत उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो. एसएम हाशिम ने किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूनिवर्सिटी को दुल्हन की तरह सजाया गया है। प्रमुख भवनों को रौशन किया गया है।
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प्रसिद्ध शायर खालिद फरीदी ने कहा कि ‘अपने पुराने पुरखों की विरासत को सजाए रखना, चश्मे जम्हूर को तुम यू ही सजाए रखना’। इसके अतिरिक्त शायर फरत अहसास, मैराज निसात, अब्दुल मन्नान, मखसूद खान, शैरूद्दीन आजम, मुजाहिद अजमली, खालिद फरीदी, मुईद रसीदी, राशिद अनवर राशिद, जोया जैदी, राहत हसन, प्रो. मौला बख्श, शहाबुद्दीन शाकिर, नासिर साकेत आदि ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए।
कार्यक्रम की अध्यक्ष फारसी संस्थान की निदेशक प्रो. एडी सफवी तथा संचालन डॉ. शिराज अजमली ने किया। अतिथियों का स्वागत उर्दू विभागाध्यक्ष प्रो. एसएम हाशिम ने किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर यूनिवर्सिटी को दुल्हन की तरह सजाया गया है। प्रमुख भवनों को रौशन किया गया है।
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