Aligarh: युवक की हत्या के विरोध में पहुंचे सांसद, चंद्रशेखर आजाद ने सरकार पर मढ़े यह आरोप
सांसद नगीना चंद्रशेखर आजाद घंटाघर पार्क में अकराबाद के अनुसूचित जाति के परिवार द्वारा हत्या के विरोध में दिए जा रहे धरने में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान धरने पर परिवार से बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि चुनौती देकर हत्या किए जाने वाली ये घटना बहुत डरावनी है।
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आजाद समाज पार्टी के संस्थापक और सांसद नगीना चंद्रशेखर आजाद ने 18 जून को यूपी सरकार पर प्रदेश में गुंडों को खुली छूट देने का आरोप मढ़ दिया। कहा कि अकराबाद के अनुसूचित जाति के युवक की हत्या इसी का परिणाम है, जिसे चुनौती देकर अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि सड़क से लेकर संसद तक इन घटनाओं को और देश व प्रदेश के अनुसूचित जातियों के लोगों व कमजोरों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने ये बातें 18 जून को यहां मीडिया से बातचीत में कहीं। वे यहां घंटाघर पार्क में अकराबाद के अनुसूचित जाति के परिवार द्वारा हत्या के विरोध में दिए जा रहे धरने में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान धरने पर परिवार से बातचीत के बाद उन्होंने कहा कि चुनौती देकर हत्या किए जाने वाली ये घटना बहुत डरावनी है।
उन्होंने कहा कि सबसे खास बात है कि पुलिस ने थाना स्तर पर बाल अपचारी को मौका दिया और उसने सरेंडर कर दिया। इसके बाद वह ऐसे लोगों के नाम बताकर गया, जो घटना में शामिल नहीं हैं। ये सब उसके शातिरपन व थाना स्तर से हुई लापरवाही का हिस्सा रहा है। ऐसे पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा परिवार की हालात ऐसी नहीं कि अब गुजर बसर हो सके। परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी व पचास लाख रुपये मुआवजा मिलना चाहिए।
उन्होंने देश व प्रदेश के अनुसूचित जाति, पिछड़ों, मुस्लिम, आदिवासियों, किसानों व महिलाओं के मुद्दों पर कहा कि अब उनसे जुड़े उत्पीड़न के मुद्दे संसद के अंदर व संसद के बाहर सड़क पर उठाए जाएंगे। बेशक सांसद बन गए। मगर सड़क पर प्रदर्शन करना नहीं छोड़ेंगे। संघर्ष जारी रहेगा। महापुरुषों के मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा।
खैर उपचुनाव में पार्टी के लड़ने का इशारा
मीडिया के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिले की खैर सीट पर उपचुनाव होना है। साथ में जहां भी उप चुनाव होने हैं। वहां विधानसभा, बूथ, सेक्टर कमेटियों के गठन का कार्य शुरू कर दिया गया है। उस पर चुनाव लड़ा जाएगा। कौन लड़ेगा। इसका फैसला संगठन करेगा और जैसे जनता ने आवाज दिल्ली पहुंचाई है। वैसे ही आवाज लखनऊ पहुंचाने का काम किया जाएगा।
डीएम आवास पर हंगामा-जाम, तोड़फोड़ की कोशिश
सांसद चंद्रशेखर के आने से पहले ही घंटाघर पर खासी भीड़ जमा थी। युवा समर्थकों की भीड़ में नेता के आने को लेकर गजब का उत्साह था। इस दौरान घटना के विरोध में युवा सड़क पर प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से पहले से तैनात पुलिस व आरएएफ उन्हें रोकने का प्रयास करती रही। इस दौरान डीएम आवास पर हंगामा करते हुए जाम लगा दिया। पुलिस प्रशासन व सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। साथ में वाहनों में तोड़फोड़ के इरादे से आगे बढ़े, मगर पुलिस ने जैसे-तैसे उन्हें रोका और नोकझोंक हुई। बाद में आरएएफ के आगे आने पर व कुछ वरिष्ठ नेताओं के समझाने पर युवा शांत हुए। इसके बाद घंटाघर के इर्द गिर्द प्रदर्शन करते रहे। नेता के आने के बाद सभी उनके स्वागत में उमड़ पड़े।
मांग पूरी न हुईं तो कलेक्ट्रेट पर देंगे धरना
अकराबाद के गौरव हत्याकांड के विरोध में धरना मंगलवार को 9 वें दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर आजाद समाज पार्टी के संस्थापक सांसद चंद्रशेखर आजाद भी पहुंचे। परिवार संग तीन घंटे तक धरना स्थल पर बैठे। इस दौरान उन्होंने खुला ऐलान किया कि अगर परिवार की मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे परिवार के साथ कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे और डीएम को भी इस धूप में धरने पर बैठना पड़ेगा। इस दौरान पुलिस अधिकारी भी धरने में उनके साथ मौजूद रहे और परिवार से जुड़े सवालों का तत्काल जवाब भी देते रहे।
देरी से आए सांसद, तपती दोपहरी में कम नहीं हुआ उत्साह
सांसद चंद्रशेखर का आगमन कार्यक्रम 11 बजे का था। मगर वे दोपहर 2:33 बजे धरना स्थल पहुंचे। उनके आगमन को लेकर समर्थक, पार्टी कार्यकर्ता सुबह से ही जमा थे। इस तपती दोपहरी में भी उनका उत्साह कम नहीं हुआ। इस दौरान चौराहे पर चारों ओर से यातायात व्यवस्था परिवर्तित रही। पुलिस सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। एडीएम सिटी, एसपी सिटी नजर बनाए रहे, जबकि दो सीओ, कई थानों का पुलिस बल, पीएसी व आरएएफ मौजूद रही।
अपने नेता की एक झलक पाने के लिए पार्क की टंकी, चहारदीवारी और पेड़ों पर भी कई कार्यकर्ता चढ़ गए। सांसद परिवार से बातचीत के दौरान समर्थकों को शांत रहने के लिए समझाते रहे। इस दौरान समाज को एकजुट होने की सलाह दी और खैर चुनाव में जुटने का आह्वान किया। यहां राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन भी एसीएम व सीओ को सौंपा। जिसमें परिवार की मांग पूरी न होने पर कलेक्ट्रेट पर धरने का ऐलान किया। कहा कि उस धरने पर डीएम को बैठने को मजबूर कर देंगे। इसके बाद वे पार्टी कार्यकर्ताओं की बैठक में शामिल होने जमालपुर गए। वहां से रवाना हो गए। इसके बाद से परिवार का धरना देर रात तक जारी रहा।
बता दें कि बहादुरगढ़ी के गौरव की हत्या के बाद शव नहर में मिला था। इस मामले में एक बाल अपचारी ने कोर्ट में सरेंडर किया है। परिवार इस मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी, मुआवजा, नौकरी आदि मांगों को लेकर धरने पर बैठा है। एसपी देहात पलाश बंसल के अनुसार इस मामले में दो और आरोपी उजागर हुए हैं, उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।