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अहेरिया समाज का आंदोलन : ठंड में ठिठुरे यात्री... भूख से बिलबिलाए छोटे बच्चे
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ट्रेन रुकने से प्लेटफार्म बैठे यात्री।
- फोटो : CITY OFFICE
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अहेरिया समाज द्वारा हाथरस में रेलवे ट्रैक पर कब्जा जमाने से ट्रेनों का संचालन ठप हो गया था। जहां-तहां ट्रेनें रोके जाने से लोग खाने-पीने से लेकर बच्चों के दूध तक परेशान रहे। शाम को ठंड बढ़ने से लोग ठिठुरते नजर आए। वहीं, अलीगढ़ जंक्शन के आसपास के ढाबों पर भीड़ बढ़ने से खाना महंगा हो गया। इधर, ट्रेनों का संचालन बाधित होने आसपास के जिलों के यात्रियों ने रोडवेज बसों से सफर तय किया।
अलीगढ़ स्टेशन पर कई ट्रेनों को एक साथ रोका गया तो लोगों के बीच असमंजस का माहौल रहा। इस दौरान आरपीएफ इंस्पेक्टर यात्रियों को समझाते दिखे। ट्रेनों के अंदर पानी खत्म होने लगा तो लोग प्लेटफार्म पर आ गए। वहीं, आउटर पर खड़ी ट्रेनों में यात्री पानी के लिए परेशान होते रहे। शाम को एकाएक ठंड बढ़ी तो लोग ठिठुरते दिखे। अलाव की व्यवस्था न होने से उनकी मुसीबत और बढ़ गई। इंतजार करते-करते समय काफी हो गया तो लोग लूडो, ताश खेलते दिखे। टूंडला ईएमयू के 50 प्रतिशत यात्री बाहर निकलकर रोडवेज बसों से आगरा के लिए रवाना हुए।
छोटे बच्चे दूध के लिए परेशान रहे तो बढ़े भी भूख से बेहाल दिखे। बाद में लोगों की भीड़ अलीगढ़ जंक्शन के बाहर गई। आसपास के ढाबों पर एकाएक भीड़ लग गई तो खाने के रेट हाथों हाथ बढ़ गए। अलीगढ़ जंक्शन की दुकानों पर भी खरीदारी कर लोग अपना पेट भरते दिखे।
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इंटरनेट हुआ बंद तो रेलवे लाइन पर निकले युवा
अलीगढ़। जंक्शन पर जैसे ही ट्रेनें रुकीं, वैसे ही इस क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद हो गई। न तो रेलवे का इंटरनेट चला और न ही लोग अपने मोबाइल में इंटरनेट चला पाए। इस दौरान कुछ युवक प्लेटफार्म से आउटर की ओर गए तो नेट चालू हो गया। यह खबर यात्रियों में फैल गई। इससे कई यात्री इधर-उधर जाकर इंटरनेट चलाते हुए नजर आए।
पूछताछ कार्यालय पर पहुंची भीड़
अलीगढ़। ट्रेनों के रुकने से यात्रियों की भीड़ बार-बार पूछताछ कार्यालय पहुंच जाती। सभी का एक ही सवाल था कि ट्रेनें कब चलेंगी तो जवाब दिया जाता कि अभी कुछ नहीं कह सकते। ऐसे में मायूस होकर लोग वापस अपने कोच में जाकर बैठ जाते।
ये ट्रेनें की गईं डायवर्ट
शाम सात बजे तक अहेरिया समाज के नेताओं से कोई सफल वार्ता न होने पाने की स्थिति में रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों के डायवर्ट करने वाले प्लान पर अमल करना प्रारंभ किया। लाउडस्पीकरों के माध्यम से ट्रेनों को टूंडला से आगरा-पलवल होते हुए दिल्ली और वापसी में भी इसी रूट से निकालने की घोषणा की गई। इस दौरान पुरी से आनंद बिहार टर्मिनल जाने वाली 12815 नंदन कानन एक्सप्रेस काफी देर तक टूंडला में खड़ी रही थी। उत्तर मध्य रेलवे ने डायवर्ट प्लान के तहत इस ट्रेन को आगरा, पलवल होते हुए आनंद बिहार टर्मिनल भेजा। जबकि उत्तर रेलवे ने 02564 नई दिल्ली सहरसा स्पेशल को पलवल-आगरा-टूंडला होते हुए कानपुर के लिए रवाना किया। शाम 07:40 बजे ट्रैक क्लीयरेंस मिलने पर डायवर्ट प्लान रद्द कर दिया गया। इसके बाद सभी ट्रेनों को अलीगढ़ रूट से ही निकाला गया।
ये ट्रेनें हो गईं लेट
दिल्ली की ओर से आने का समय इस वक्त आईं
-12381 हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस - 15:38 21:10
-12003 लखनऊ-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी - 20:10 21:20
-15483 सिक्किम महानंदा - 17:45 21:30
-12311 नेताजी एक्सप्रेस - 18:05 21:45
-12487 सीमांचल एक्सप्रेस - 18.35 21:50
टूंडला की ओर
-12562 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी - 22.58 सवा तीन घंटे लेट।
बोले लोग
- कई घंटों से परेशान हैं। अच्छा खाना तक नहीं मिल पा रहा है। बच्चे भी परेशान हैं। - नजरुल हक, यात्री।
- इस देश में ट्रेनें रोककर धरना प्रदर्शन करने की प्रथा गलत है। क्योंकि लोग परेशान होते हैं। - शिवम, यात्री।
- कब ट्रेनें चलेंगी। काफी परेशान हूं। लखनऊ जाना था। ठंड से बचने के लिए कोई सुविधा नहीं है। -रामसेवक, यात्री।
- बच्चे परेशान होकर बिलबिला उठे हैं। बच्चों के लिए दूध तक नहीं मिलने से परेशान हैं। -ईश्वरी देवी, यात्री।
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अलीगढ़ स्टेशन पर कई ट्रेनों को एक साथ रोका गया तो लोगों के बीच असमंजस का माहौल रहा। इस दौरान आरपीएफ इंस्पेक्टर यात्रियों को समझाते दिखे। ट्रेनों के अंदर पानी खत्म होने लगा तो लोग प्लेटफार्म पर आ गए। वहीं, आउटर पर खड़ी ट्रेनों में यात्री पानी के लिए परेशान होते रहे। शाम को एकाएक ठंड बढ़ी तो लोग ठिठुरते दिखे। अलाव की व्यवस्था न होने से उनकी मुसीबत और बढ़ गई। इंतजार करते-करते समय काफी हो गया तो लोग लूडो, ताश खेलते दिखे। टूंडला ईएमयू के 50 प्रतिशत यात्री बाहर निकलकर रोडवेज बसों से आगरा के लिए रवाना हुए।
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छोटे बच्चे दूध के लिए परेशान रहे तो बढ़े भी भूख से बेहाल दिखे। बाद में लोगों की भीड़ अलीगढ़ जंक्शन के बाहर गई। आसपास के ढाबों पर एकाएक भीड़ लग गई तो खाने के रेट हाथों हाथ बढ़ गए। अलीगढ़ जंक्शन की दुकानों पर भी खरीदारी कर लोग अपना पेट भरते दिखे।
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इंटरनेट हुआ बंद तो रेलवे लाइन पर निकले युवा
अलीगढ़। जंक्शन पर जैसे ही ट्रेनें रुकीं, वैसे ही इस क्षेत्र में इंटरनेट सेवा बंद हो गई। न तो रेलवे का इंटरनेट चला और न ही लोग अपने मोबाइल में इंटरनेट चला पाए। इस दौरान कुछ युवक प्लेटफार्म से आउटर की ओर गए तो नेट चालू हो गया। यह खबर यात्रियों में फैल गई। इससे कई यात्री इधर-उधर जाकर इंटरनेट चलाते हुए नजर आए।
पूछताछ कार्यालय पर पहुंची भीड़
अलीगढ़। ट्रेनों के रुकने से यात्रियों की भीड़ बार-बार पूछताछ कार्यालय पहुंच जाती। सभी का एक ही सवाल था कि ट्रेनें कब चलेंगी तो जवाब दिया जाता कि अभी कुछ नहीं कह सकते। ऐसे में मायूस होकर लोग वापस अपने कोच में जाकर बैठ जाते।
ये ट्रेनें की गईं डायवर्ट
शाम सात बजे तक अहेरिया समाज के नेताओं से कोई सफल वार्ता न होने पाने की स्थिति में रेलवे प्रशासन ने ट्रेनों के डायवर्ट करने वाले प्लान पर अमल करना प्रारंभ किया। लाउडस्पीकरों के माध्यम से ट्रेनों को टूंडला से आगरा-पलवल होते हुए दिल्ली और वापसी में भी इसी रूट से निकालने की घोषणा की गई। इस दौरान पुरी से आनंद बिहार टर्मिनल जाने वाली 12815 नंदन कानन एक्सप्रेस काफी देर तक टूंडला में खड़ी रही थी। उत्तर मध्य रेलवे ने डायवर्ट प्लान के तहत इस ट्रेन को आगरा, पलवल होते हुए आनंद बिहार टर्मिनल भेजा। जबकि उत्तर रेलवे ने 02564 नई दिल्ली सहरसा स्पेशल को पलवल-आगरा-टूंडला होते हुए कानपुर के लिए रवाना किया। शाम 07:40 बजे ट्रैक क्लीयरेंस मिलने पर डायवर्ट प्लान रद्द कर दिया गया। इसके बाद सभी ट्रेनों को अलीगढ़ रूट से ही निकाला गया।
ये ट्रेनें हो गईं लेट
दिल्ली की ओर से आने का समय इस वक्त आईं
-12381 हावड़ा-नई दिल्ली पूर्वा एक्सप्रेस - 15:38 21:10
-12003 लखनऊ-नई दिल्ली स्वर्ण शताब्दी - 20:10 21:20
-15483 सिक्किम महानंदा - 17:45 21:30
-12311 नेताजी एक्सप्रेस - 18:05 21:45
-12487 सीमांचल एक्सप्रेस - 18.35 21:50
टूंडला की ओर
-12562 स्वतंत्रता संग्राम सेनानी - 22.58 सवा तीन घंटे लेट।
बोले लोग
- कई घंटों से परेशान हैं। अच्छा खाना तक नहीं मिल पा रहा है। बच्चे भी परेशान हैं। - नजरुल हक, यात्री।
- इस देश में ट्रेनें रोककर धरना प्रदर्शन करने की प्रथा गलत है। क्योंकि लोग परेशान होते हैं। - शिवम, यात्री।
- कब ट्रेनें चलेंगी। काफी परेशान हूं। लखनऊ जाना था। ठंड से बचने के लिए कोई सुविधा नहीं है। -रामसेवक, यात्री।
- बच्चे परेशान होकर बिलबिला उठे हैं। बच्चों के लिए दूध तक नहीं मिलने से परेशान हैं। -ईश्वरी देवी, यात्री।