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विधायक के रिश्तेदार की जांच हो..दबाव में न दब जाए साजिश
Updated Mon, 27 Jun 2016 01:43 AM IST
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हत्या
- फोटो : रुपेश
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विमला बंसल हत्याकांड के खुलासे के दौरान उस समय अजीब-ओ-गरीब स्थिति पैदा हो गई, जब वहां पहले से मौजूद रघुवीरपुरी निवासी छोटी बहन कमला बंसल ने चीख-चीखकर विधायक के मौसेरे भाई की भूमिका की जांच की मांग उठा दी। महिला का कहना था कि उन्हें पुलिस पर पूरा भरोसा है।
मगर इस हत्या में विधायक के रिश्तेदार का नाम आने के बाद साजिश की बू भी आ रही है। कहीं ऐसा न हो कि सत्ता के दबाव में कोई असलियत दबकर रह जाए। क्योंकि यह दबंग हैं। हो सकता है, संपत्ति कब्जाने में उनकी भी कोई भूमिका हो। इसके लिए वह किसी भी हद तक जाएंगी। अगर पुलिस ने जानबूझकर बचाने की कोशिश की तो वह आंदोलन तक को मजबूर होंगी। बाद में कमला ने पुलिस टीम को 11 हजार के इनाम की घोषणा खुद अपनी तरफ से की। इस दौरान खुद एसएसपी ने उन्हें पूरी तरह आश्वस्त करते हुए भरोसा दिलाया कि हर दृष्टिकोंण को जांच में शामिल रखा जाएगा।
गाड़ी मालिक सामने नहीं और दे दी क्लीनचिट
अलीगढ़ । इस हत्याकांड के खुलासे के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वह गाड़ी भी बरामद कर ली, जिसमें लाश को ले जाया गया।
पुलिस अभी तक यह कहने से बच रही है कि गाड़ी आखिर किसकी है। आरोपियों व विमला की बहन कमला की जानकारी के अनुसार कुलदीप का नाम सामने आया है। उसे भी पुलिस अपनी जुबान में बिना नाम लिए क्लीनचिट देती दिख रही है। मगर बड़ा सवाल है कि जब गाड़ी मांग कर ले जाई गई और वापस नहीं की तो फिर आज तक गाड़ी मालिक ने अपनी गाड़ी की तलाश नहीं की और न शहर या जिले के किसी थाने में वह अपनी गाड़ी के गायब करने के संबंध में शिकायत करने पुलिस के सामने नहीं आया। ऐसे में पुलिस उसे किस आधार पर क्लीनचिट दे रही है।
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आरोपियों को पीटा अैर थूका भी
कमला बंसल में बहन की हत्या के खुलासे के बाद इस कदर गुस्सा था कि जैसे ही प्रेस कांफ्रेंस खत्म होने के बाद सिपाही दोनों आरोपियों को लेकर बाहर आए तो पीछे- पीछे खुद कमला बंसल भी चली आईं और निकलते ही आरोपियों पर विफर पड़ी। साथ ही उन पर मिट्टी डालते हुए उन पर थूक दिया। जैसे तैसे सिपाहियों ने उन्हें बचाया और बाद में उन्हें गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया।
तस्वीर महल से लावारिस मिली स्विफ्ट कार
जो कार हत्या के बाद प्रयुक्त की गई, वह तस्वीर महल से खुद आरोपियों ने लावारिस अवस्था में एक मोटर मैकेनिक की दुकान के बाहर से बरामद कराई है। कार नंबर यूए07 आर 6974 रिषीकेश उत्तराखंड जनपद से किसी सतीश कुमार त्यागी के नाम से पंजीकृत है। आरोपियों के अनुसार हरेंद्र उसे कुलदीप से लेकर आया था। अब पुलिस मालिक तक पहुंचने और उससे हकीकत जानने को प्रयासरत है।
हत्या के बाद मोबाइल ट्रेन से गया मिर्जापुर
विमला की हत्या के बाद जब परिजनों ने मोबाइल मिलाया तो खुद आरोपियों में से एक ने यह कह दिया कि यह फोन उसे हरिद्वार में मिला है, जबकि असलियत यह है कि यह मोबाइल सुबह होते ही पूरी एक्सप्रेस में छिपा दिया गया। जिसके चलते उसकी लोकेशन मिर्जापुर तक मिली और एक टीम को भी वहां तक भेजा गया था। मगर कोई साक्ष्य नहीं मिला।
यह टीम रही खुलासे में शामिल
इस खुलासा टीम में सर्विलांस/सीआईडब्ल्यू से छोटेलाल, धर्मेंद्र कुमार, राकेश यादव, रिषी कुमार, सुखवीर सिंह, मोहनलाल, एमपी सिंह के अलावा सिविल लाइंस इंस्पेक्टर सूर्यकांत द्विवेदी, अजीत सिंह, इसरार अहमद आदि शामिल रहे।
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मगर इस हत्या में विधायक के रिश्तेदार का नाम आने के बाद साजिश की बू भी आ रही है। कहीं ऐसा न हो कि सत्ता के दबाव में कोई असलियत दबकर रह जाए। क्योंकि यह दबंग हैं। हो सकता है, संपत्ति कब्जाने में उनकी भी कोई भूमिका हो। इसके लिए वह किसी भी हद तक जाएंगी। अगर पुलिस ने जानबूझकर बचाने की कोशिश की तो वह आंदोलन तक को मजबूर होंगी। बाद में कमला ने पुलिस टीम को 11 हजार के इनाम की घोषणा खुद अपनी तरफ से की। इस दौरान खुद एसएसपी ने उन्हें पूरी तरह आश्वस्त करते हुए भरोसा दिलाया कि हर दृष्टिकोंण को जांच में शामिल रखा जाएगा।
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गाड़ी मालिक सामने नहीं और दे दी क्लीनचिट
अलीगढ़ । इस हत्याकांड के खुलासे के बाद पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर वह गाड़ी भी बरामद कर ली, जिसमें लाश को ले जाया गया।
पुलिस अभी तक यह कहने से बच रही है कि गाड़ी आखिर किसकी है। आरोपियों व विमला की बहन कमला की जानकारी के अनुसार कुलदीप का नाम सामने आया है। उसे भी पुलिस अपनी जुबान में बिना नाम लिए क्लीनचिट देती दिख रही है। मगर बड़ा सवाल है कि जब गाड़ी मांग कर ले जाई गई और वापस नहीं की तो फिर आज तक गाड़ी मालिक ने अपनी गाड़ी की तलाश नहीं की और न शहर या जिले के किसी थाने में वह अपनी गाड़ी के गायब करने के संबंध में शिकायत करने पुलिस के सामने नहीं आया। ऐसे में पुलिस उसे किस आधार पर क्लीनचिट दे रही है।
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आरोपियों को पीटा अैर थूका भी
कमला बंसल में बहन की हत्या के खुलासे के बाद इस कदर गुस्सा था कि जैसे ही प्रेस कांफ्रेंस खत्म होने के बाद सिपाही दोनों आरोपियों को लेकर बाहर आए तो पीछे- पीछे खुद कमला बंसल भी चली आईं और निकलते ही आरोपियों पर विफर पड़ी। साथ ही उन पर मिट्टी डालते हुए उन पर थूक दिया। जैसे तैसे सिपाहियों ने उन्हें बचाया और बाद में उन्हें गाड़ी में बैठाकर ले जाया गया।
तस्वीर महल से लावारिस मिली स्विफ्ट कार
जो कार हत्या के बाद प्रयुक्त की गई, वह तस्वीर महल से खुद आरोपियों ने लावारिस अवस्था में एक मोटर मैकेनिक की दुकान के बाहर से बरामद कराई है। कार नंबर यूए07 आर 6974 रिषीकेश उत्तराखंड जनपद से किसी सतीश कुमार त्यागी के नाम से पंजीकृत है। आरोपियों के अनुसार हरेंद्र उसे कुलदीप से लेकर आया था। अब पुलिस मालिक तक पहुंचने और उससे हकीकत जानने को प्रयासरत है।
हत्या के बाद मोबाइल ट्रेन से गया मिर्जापुर
विमला की हत्या के बाद जब परिजनों ने मोबाइल मिलाया तो खुद आरोपियों में से एक ने यह कह दिया कि यह फोन उसे हरिद्वार में मिला है, जबकि असलियत यह है कि यह मोबाइल सुबह होते ही पूरी एक्सप्रेस में छिपा दिया गया। जिसके चलते उसकी लोकेशन मिर्जापुर तक मिली और एक टीम को भी वहां तक भेजा गया था। मगर कोई साक्ष्य नहीं मिला।
यह टीम रही खुलासे में शामिल
इस खुलासा टीम में सर्विलांस/सीआईडब्ल्यू से छोटेलाल, धर्मेंद्र कुमार, राकेश यादव, रिषी कुमार, सुखवीर सिंह, मोहनलाल, एमपी सिंह के अलावा सिविल लाइंस इंस्पेक्टर सूर्यकांत द्विवेदी, अजीत सिंह, इसरार अहमद आदि शामिल रहे।