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मनरेगा मजदूरों के फंसे साढ़े छह करोड़
अमर उजाला, अलीगढ़
Updated Sat, 17 Sep 2016 02:04 AM IST
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जनपद के 30 हजार मजदूरों का 6.65 करोड़ रुपये की मजदूरी लखनऊ में अटक गई है। जिले के सभी 12 ब्लाक में दो माह से मनरेगा मजदूरों का भुगतान नहीं हो रहा है। मजदूर परेशान हैं। मजदूरी के लिए ब्लाक से विकास भवन कार्यालय तक चक्कर लगा रहे हैं। अधिकारी लखनऊ स्तर पर समस्या बता अपने हाथ खड़े कर रहे हैं।
मनरेगा में मजदूरों का भुगतान लखनऊ से सीधे उनके खातों में किया जा रहा है।
मनरेगा में हुए काम को मास्टररोल में दर्ज कर ब्लाक कर्मचारी मनरेगा साइट पर अपलोड कर देते हैं। शासन से भुगतान सीधे मजदूर के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाता है। ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के अनुसार उनके स्तर पर फंड ट्रांसफर आर्डर कर दिया गया है, जिले की 12 ब्लाकों को दो माह से नहीं मिल रकम
मगर दो माह से धनराशि मजदूरों के खातों में नहीं पहुंची हैं। यह धन ट्रांसफर न होने से कई ब्लाकों में दूसरा फंड ट्रांसफर आर्डर भी नहीं भेजा जा सका है। ब्लाक स्तरीय अधिकारी इस इंतजार में हैं कि पहले रुका हुआ भुगतान हो, तब दूसरा फंड ट्रांसफर आर्डर भेजा जाए। उधर मनरेगा मजूदर परेशान हैं।
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काम के बावजूद धन न होने से घर की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही हैं।
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मनरेगा में मजदूरों का भुगतान लखनऊ से सीधे उनके खातों में किया जा रहा है।
मनरेगा में हुए काम को मास्टररोल में दर्ज कर ब्लाक कर्मचारी मनरेगा साइट पर अपलोड कर देते हैं। शासन से भुगतान सीधे मजदूर के बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाता है। ब्लाक स्तरीय अधिकारियों के अनुसार उनके स्तर पर फंड ट्रांसफर आर्डर कर दिया गया है, जिले की 12 ब्लाकों को दो माह से नहीं मिल रकम
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मगर दो माह से धनराशि मजदूरों के खातों में नहीं पहुंची हैं। यह धन ट्रांसफर न होने से कई ब्लाकों में दूसरा फंड ट्रांसफर आर्डर भी नहीं भेजा जा सका है। ब्लाक स्तरीय अधिकारी इस इंतजार में हैं कि पहले रुका हुआ भुगतान हो, तब दूसरा फंड ट्रांसफर आर्डर भेजा जाए। उधर मनरेगा मजूदर परेशान हैं।
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