Aligarh: चेंजिंग रूम में आकर मीट फैक्टरी ठेकेदार करते हैं 'बैड टच', थाने पर बवाल, पुलिस ने दर्ज की रिपोर्ट
महिलाओं ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे चेंजिंग रूम में कपड़े बदलती हैं, तो ठेकेदार अंदर घुस आते हैं और उनके शरीर के अंगों को छूने (बैड टच) का प्रयास करते हैं। यह प्रताड़ना अब उनके लिए असहनीय हो चुकी है।
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अलीगढ़ में थाना बन्ना देवी क्षेत्र के ऊदला स्थित एक मीट फैक्टरी में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने फैक्टरी के ठेकेदारों पर छेड़खानी और मारपीट का आरोप लगाया है। बृहस्पतिवार की देर रात पीड़ित महिलाएं बस में सवार होकर बन्ना देवी थाने पहुंचीं। नाराजगी जताते हुए जमकर हंगामा किया। महिलाओं की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
करीब 20 युवती और महिलाओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि फैक्टरी के ठेकेदार पिछले काफी समय से उनके साथ बदसलूकी कर रहे हैं। आरोप लगाते हुए कहा कि जब वे चेंजिंग रूम में कपड़े बदलती हैं, तो ठेकेदार अंदर घुस आते हैं और उनके शरीर को छूने का प्रयास करते हैं। जब उन्होंने ठेकेदारों की इस करतूत का विरोध किया तो आरोपियों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। देर रात महिलाओं द्वारा थाने पर हंगामे की सूचना मिलते ही बन्ना देवी थाना पुलिस ने पीड़ित महिलाओं को शांत कराया और उनकी शिकायत पर तत्काल संज्ञान लिया। वहीं, फैक्टरी मालिक का कहना है कि पुलिस घटना की जांच कर रही है।
फैक्टरी की महिलाएं व अन्य स्टाफ एक स्टाफ बस से ही अपने घरों तक आता है। बस में ही कुछ लोगों का झगड़ा हुआ था। इसके बाद मारपीट की घटना हुई। महिलाओं की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।- धनंजय सिंह, सीओ द्वितीय
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महिलाओं ने हंगामा किया तो चालक बस लेकर पहुंचा थाने
फैक्टरी में स्टाफ को लाने व ले जाने के लिए दो बसें लगी हैं। रात में घटना के बाद महिला कर्मचारियों ने बस चालक से बस को थाने ले जाने के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। इस पर महिलाओं ने हंगामा कर दिया, जिसके बाद चालक बस में कर्मचारियों को बैठाकर थाने पहुंचा।
कम वेतन को लेकर भी जताई नाराजगी
थाने में हंगामा कर रहीं महिला कर्मचारियों का कहना था कि उन्हें फैक्टरी में वेतन देने में भी भेदभाव किया जाता है। पुरुष कर्मचारियों को 14 हजार रुपये प्रति माह वेतन दिया जाता है तो महिलाओं को केवल 10 हजार रुपये ही देते हैं। इस संबंध में कई बार फैक्टरी मालिक से कहा, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई।
शुक्रवार के फैक्टरी में रहा सन्नाटा, पुलिसकर्मी लौटा दिए
बृहस्पतिवार की रात को थाने में हंगामे के बाद शुक्रवार को मीट फैक्टरी में सन्नाटा रहा। फैक्टरी में जाने वाले वालों को लौटा दिया गया। गार्ड ने लोगों से कहा कि फैक्टरी बंद है। इस दौरान जब पुलिसकर्मी भी पहुंचे तो उन्हें भी वहां से लौटा दिया गया। बताया जाता है कि फैक्टरी में करीब 500 कर्मचारी हैं, जिसमें करीब 150 महिलाएं हैं।
बेल्ट और डंडों से पीटने का लगाया आरोप
हंगामे के दौरान एक कर्मचारी ने पुलिस को तहरीर दी, जिसमें उसने कहा कि फैक्टरी की महिला कर्मचारियों से छेड़खानी की जा रही है। उनसे रोकने का प्रयास किया तो उसे बेल्ट और डंडों से पीटा गया। उसने बताया कि इस तरह की घटनाएं आए दिन होती हैं।