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गोमांस लदी मेटाडोर पकड़ी, तीन घंटे रोड किया जाम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jul 2016 12:57 AM IST
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गोमांस लदी मेटाडोर पकड़ी, तीन घंटे रोड किया जाम
- फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
क्षेत्र के छर्रा-अतरौली मार्ग स्थित भुड़िया-छबीलपुर के मध्य गौशाला के निकट मेटाडोर में गोमांस पाए जाने पर ग्रामीणों व हिंदूवादी नेताओं ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने रोड पर तीन घंटे तक जाम लगाए रखा। हालात काबू में करने के लिए कई थानों का फोर्स बुलाना पड़ा।
पुलिस ने मेटाडोर के चालक व परिचालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि वे गोमांस को कासगंज से खुर्जा ले जा रहे थे।
ग्रामीणों के अनुसार बुधवार की रात्रि को गायों से भरी एक मेटाडोर अतरौली की तरफ से आ रही थी। छर्रा-अतरौली मार्ग स्थित भुडिया-छबीलपुर के मध्य एक अज्ञात विक्षिप्त युवक घूम रहा था। मेटाडोर की टक्कर से उसकी घटना स्थल पर मौत हो गई। रात में पास में स्थित मंदिर पर रहने वाले लोगों ने देखा कि मेटाडोर वाले एक गाय को उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इतने में ग्रामीणों ने आवाज दी तो मेटाडोर वाले भाग गए।
गुरुवार की सुबह ग्रामीण लगभग चार-पांच बजे के मध्य जंगल जा रहे थे, तभी उनको एक गाय और एक अज्ञात युवक मृत अवस्था में पड़ा दिखा। ग्रामीण सड़क से मृत गाय को उठा रहे थे, तभी कासगंज की ओर से आ रही एक मेटाडोर के चालक-परिचालक भीड़ देखकर गाड़ी बंद कर भागने लगे। ग्रामीणों को उन पर शक हुआ और उनका पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। चालक-परिचालक ने तमंचा और चाकू दिखाकर उन्हें डरा धमका दिया और भाग गए। घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने अवगत कराया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। गुरुवार दोपहर लगभग एक बजे आरोपी चालक और परिचालक को एक खेत से चाकू और तमंचा समेत दबोच लिया।
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जब बरामद मेटाडोर को खोल कर देखा गया तो उसमें गोमांस था। इसको देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और छर्रा-अतरौली मार्ग पर भुड़िया छबीलपुर के मध्य जाम लगा दिया। इसी बीच हिंदूवादी नेता पहुंच गए तो नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू हो गया। तनाव बढ़ता देख पुलिस को और फोर्स मंगाना पड़ा और ग्रामीणों और हिंदूवादी नेताओं को पुलिस ने समझा बुझाकर शांत किया। उसके बाद करीब घंटे बाद जाम खुला।
गिरफ्तार किए गए मेटाडोर चालक आस मोहम्मद पुत्र इलियास और परिचालक असलम पुत्र मजीद निवासी खुर्जा ने पूछताछ पर बताया कि मांस जनपद कासगंज के गांव भरगैन से लोड कर लाए थे और खुर्जा ले जा रहे थे। दिल्ली में मांस की बहुत बड़ी फैक्टरी है। ग्राम प्रधान मुरारी लाल शर्मा की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। छर्रा कोतवाली प्रभारी हेमपाल सिंह ने बताया कि अन्य अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हिंदू वादी नेताओं में तिलक राजपूत, राम कुमार आर्य, रूपेश, रोहित चौधरी, अंकुर चौधरी, कृष्णगोपाल, कपिल चौधरी, भारतीय जनता युवा मोर्चा के ब्रजप्रांतीय उपाध्यक्ष हेमंत राजपूत, अमित शर्मा, प्रवीन भारद्वाज आदि थे।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी बरला अमित कुमार ने बताया कि मेटाडोर से अज्ञात विक्षिप्त युवक और गाय की मौत हुई। मेटाडोर में लगभग 2 टन गोमांस है। पशु चिकित्सक नितिन यादव ने मांस का परीक्षण कर उसका सैंपल भर कर सील कर परीक्षण के लिए भेज दिया है।
हरदुआगंज अतरौली और छर्रा के रास्ते से संभल पहुंचता है गौमांस
अलीगढ़। छर्रा में पकड़ा गया गौमांस मथुरा की लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। सात दिन में इसकी रिपोर्ट आएगी। लेकिन हरदुआगंज, अतरौली, छर्रा और इस तरफ का पूरा इलाका गौमांस ले जाने का सुरक्षित जोन बन गया है। जिसे गौतस्कर इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए आधी रात के बाद से सुबह के बीच का समय चुना जाता है जब पुलिस की गश्त सुस्त हो जाती है और बहुत कम ट्रैफिक के बीच तस्करों के वाहन आराम से निकल जाते हैं। अलग अलग इलाकों से लाया जाने वाला गौमांस संभल पहुंचाया जाता है। जानकारों की मानें तो संभल गौमांस को खपाने का एक बड़ा अड्डा बन चुका है। अलीगढ़ और इसके आसपास के इलाकों से गौमांस को संभल पहुंचा कर कमाई की जा रही है। पुलिस की खुफिया टीम भी इस पर काम तो कर रही है लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं होने से तस्करी बढ़ती जा रही है और खुद इलाकाई ग्रामीण ही इसको पकड़ रहे हैं।
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पुलिस ने मेटाडोर के चालक व परिचालक को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने बताया कि वे गोमांस को कासगंज से खुर्जा ले जा रहे थे।
ग्रामीणों के अनुसार बुधवार की रात्रि को गायों से भरी एक मेटाडोर अतरौली की तरफ से आ रही थी। छर्रा-अतरौली मार्ग स्थित भुडिया-छबीलपुर के मध्य एक अज्ञात विक्षिप्त युवक घूम रहा था। मेटाडोर की टक्कर से उसकी घटना स्थल पर मौत हो गई। रात में पास में स्थित मंदिर पर रहने वाले लोगों ने देखा कि मेटाडोर वाले एक गाय को उठाने की कोशिश कर रहे हैं। इतने में ग्रामीणों ने आवाज दी तो मेटाडोर वाले भाग गए।
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गुरुवार की सुबह ग्रामीण लगभग चार-पांच बजे के मध्य जंगल जा रहे थे, तभी उनको एक गाय और एक अज्ञात युवक मृत अवस्था में पड़ा दिखा। ग्रामीण सड़क से मृत गाय को उठा रहे थे, तभी कासगंज की ओर से आ रही एक मेटाडोर के चालक-परिचालक भीड़ देखकर गाड़ी बंद कर भागने लगे। ग्रामीणों को उन पर शक हुआ और उनका पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। चालक-परिचालक ने तमंचा और चाकू दिखाकर उन्हें डरा धमका दिया और भाग गए। घटना की सूचना पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस को ग्रामीणों ने अवगत कराया। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। गुरुवार दोपहर लगभग एक बजे आरोपी चालक और परिचालक को एक खेत से चाकू और तमंचा समेत दबोच लिया।
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जब बरामद मेटाडोर को खोल कर देखा गया तो उसमें गोमांस था। इसको देखकर ग्रामीण आक्रोशित हो गए और छर्रा-अतरौली मार्ग पर भुड़िया छबीलपुर के मध्य जाम लगा दिया। इसी बीच हिंदूवादी नेता पहुंच गए तो नारेबाजी व प्रदर्शन शुरू हो गया। तनाव बढ़ता देख पुलिस को और फोर्स मंगाना पड़ा और ग्रामीणों और हिंदूवादी नेताओं को पुलिस ने समझा बुझाकर शांत किया। उसके बाद करीब घंटे बाद जाम खुला।
गिरफ्तार किए गए मेटाडोर चालक आस मोहम्मद पुत्र इलियास और परिचालक असलम पुत्र मजीद निवासी खुर्जा ने पूछताछ पर बताया कि मांस जनपद कासगंज के गांव भरगैन से लोड कर लाए थे और खुर्जा ले जा रहे थे। दिल्ली में मांस की बहुत बड़ी फैक्टरी है। ग्राम प्रधान मुरारी लाल शर्मा की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। छर्रा कोतवाली प्रभारी हेमपाल सिंह ने बताया कि अन्य अभियुक्तों को शीघ्र गिरफ्तार कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। हिंदू वादी नेताओं में तिलक राजपूत, राम कुमार आर्य, रूपेश, रोहित चौधरी, अंकुर चौधरी, कृष्णगोपाल, कपिल चौधरी, भारतीय जनता युवा मोर्चा के ब्रजप्रांतीय उपाध्यक्ष हेमंत राजपूत, अमित शर्मा, प्रवीन भारद्वाज आदि थे।
इस संबंध में क्षेत्राधिकारी बरला अमित कुमार ने बताया कि मेटाडोर से अज्ञात विक्षिप्त युवक और गाय की मौत हुई। मेटाडोर में लगभग 2 टन गोमांस है। पशु चिकित्सक नितिन यादव ने मांस का परीक्षण कर उसका सैंपल भर कर सील कर परीक्षण के लिए भेज दिया है।
हरदुआगंज अतरौली और छर्रा के रास्ते से संभल पहुंचता है गौमांस
अलीगढ़। छर्रा में पकड़ा गया गौमांस मथुरा की लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। सात दिन में इसकी रिपोर्ट आएगी। लेकिन हरदुआगंज, अतरौली, छर्रा और इस तरफ का पूरा इलाका गौमांस ले जाने का सुरक्षित जोन बन गया है। जिसे गौतस्कर इस्तेमाल करते हैं। इसके लिए आधी रात के बाद से सुबह के बीच का समय चुना जाता है जब पुलिस की गश्त सुस्त हो जाती है और बहुत कम ट्रैफिक के बीच तस्करों के वाहन आराम से निकल जाते हैं। अलग अलग इलाकों से लाया जाने वाला गौमांस संभल पहुंचाया जाता है। जानकारों की मानें तो संभल गौमांस को खपाने का एक बड़ा अड्डा बन चुका है। अलीगढ़ और इसके आसपास के इलाकों से गौमांस को संभल पहुंचा कर कमाई की जा रही है। पुलिस की खुफिया टीम भी इस पर काम तो कर रही है लेकिन सख्त कार्रवाई नहीं होने से तस्करी बढ़ती जा रही है और खुद इलाकाई ग्रामीण ही इसको पकड़ रहे हैं।