एएमयू: दर्जन भर नामी कंपनियों ने रद्द किए प्लेसमेंट कैंप, छात्रों के हाथ से फिसलीं नौकरियां
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नागरिकता संशोधन कानून, एनआरसी के विरोध में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी में चल रहे धरना-प्रदर्शन और इससे पैदा हुए माहौल का असर शैक्षणिक गतिविधियों पर ही नहीं, यहां होने वाले कैंपस प्लेसमेंट पर भी पड़ा है। अनुमान के मुताबिक, एक महीने में 12 कंपनियों को कैंपस में विभिन्न विभागों में आकर 100 के करीब सीटों पर प्लेसमेंट देना था, लेकिन कैंपस के हालात के चलते इन कंपनियों ने अपने कार्यक्रम रद्द कर दिए हैं।
इस तरह एक महीने से कैंपस में अस्थिरता के कारण छात्रों के हाथ से 100 नौकरियां फिसल गई हैं। इस बात को एएमयू इंतजामियां ने भी स्वीकार किया है। देश और विदेश की नामी कंपनियों के लिए एएमयू का कैंपस हमेशा से ही आकर्षण रहा है। कंस्ट्रक्शन, आईटी, पेट्रोलियम, साफ्टवेयर, एजुकेशन, एफएमसीजी, एचआर आदि कंपनियां यहां के छात्र-छात्राओं को हाथों-हाथ लेती हैं।
लेकिन 9 दिसंबर के बाद से कैंपस में अस्थिरता का माहौल है। देश-विदेश में कंपनी के प्रतिनिधि हालात पर नजर रख रहे हैं। कंपनियों के फोन संबंधित विभागों में आ रहे हैं और पूछा जा रहा है कि स्थिति कब सामान्य होगी। जिन कंपनियों के प्लेसमेंट का शेड्यूल यहां लगा था, उन्होंने रद्द कर दिया। इसकी एक वजह कैंपस में छात्रों का न होना और दूसरा सामान्य स्थिति नहीं होना है।
जिन कंपनियों ने अपने कार्यक्रम रद्द किए उनकी सभी सीटें सौ के करीब बैठती हैं। कहा जा रहा है कि अगर ये प्लेसमेंट कैंप होते तो 100 छात्रों को नौकरी मिलती। एएमयू छात्र संघ के पूर्व उपाध्यक्ष सैयद माजिन जैदी कहते हैं कि इस स्थिति की पूरी जिम्मेदारी एएमयू प्रशासन की है। जबरदस्ती यूनिवर्सिटी बंद करने की वजह से न सिर्फ शैक्षिक गतिविधियां चरमरा गईं, बल्कि छात्रों को मिलने वाली नौकरियां भी हाथ से निकल गईं।
कॉरपोरेट मीट पर भी आशंका के बादल
आठ फरवरी को कैंपस में एक कारपोरेट मीट होनी है। इसमें देश विदेश की दिग्गज कंपनियों और कारपोरेट जगत के बड़े नाम शामिल होंगे। इस कारपोरेट मीट के माध्यम से छात्रों को भी कॉरपोरेट जगत की जरूरतें जानने का मौका मिलेगा, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए होने वाली इस मीट पर भी आशंका के बादल मंडरा रहे हैं।