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भाजपा व कांग्रेस की ज्यादातर नीतियां गलत: मायावती
Tue, 16 Apr 2019 01:41 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Tue, 16 Apr 2019 01:41 AM IST
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महेश्वर इंटर कॉलेज में बसपा, सपा, रालोद गठबंधन की जनसभा में उपस्थित भीड़।
- फोटो : Rupesh
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महेश्वर इंटर कॉलेज के मैदान में बसपा सुप्रीमो मायावती तकरीबन 33 मिनट बोलीं। कहा कि आजादी के बाद देश और प्रदेश में कांग्रेस और भाजपा की सरकारें रहीं। कांग्रेस की केंद्र और कई राज्यों में सरकार होने के बावजूद उनकी अधिकांश गलत नीतियों से सामाजिक विकास नहीं हुआ। इसी तरह से संर्कीण मानसिकता, सांप्रदायिकता, पूंजीवादी सोच, द्वेषपूर्ण और जातिवादी गलत नीतियों से इस बार भाजपा सरकार सत्ता से चली जाएगी। इस बार के चुनाव में चौकीदार की कोई नई नाटकबाजी भाजपा को नहीं बचा पाएगी।
महेश्वर इंटर कालेज के मैदान पर अलीगढ़ से गठबंधन प्रत्याशी अजीत बालियान, हाथरस से प्रत्याशी रामजी लाल सुमन के समर्थन में सोमवार को हुई चुनावी सभा में रालोद मुखिया चौ. अजित सिंह ने भी भाजपा की घेराबंदी की। यहां अलीगढ़ से प्रत्याशी अजीत बालियान, हाथरस से प्रत्याशी रामजी लाल सुमन, सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव, पूर्व विधायक सपा वीरेश यादव, जफर आलम, बसपा के पूर्व सांसद मुनकाद अली, आगरा के सेक्टर प्रभारी सुनील चित्तौड़, अलीगढ़ मंडल जोन कोआर्डिनेटर रणवीर सिंह कश्यप, जोन इंचार्ज गजराज विमल सहित अन्य नेताओं ने सभा को संबोधित किया।
मुख्य मंच के दूसरी ओर बने छोटे मंच में बसपा, सपा और रालोद के स्थानीय अन्य नेताओं ने संबोधन किया। बहन जी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले चुनाव में गरीब, मजदूर, किसान, युवा, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों सेे अच्छे दिन आने का वादा किया था लेकिन वादों के मुताबिक एक चौथाई काम भी नहीं हुआ। ध्यान बांटने के लिए मोदी किस्म किस्म के हथकंडे अपना कर गुमराह कर रहे हैं। चुनाव तारीख घोषित होने से पहले सरकार ने हवा हवाई घोषणाओं के साथ उद्घाटन और शिलान्यास का ड्रामा किया।
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मोदी अगर वाकई में ईमानदार और गंभीर होते तो जबरदस्ती के शिलान्यास और घोषणाएं नहीं करते। वह बड़े बड़े पूंजीपतियों और धन्ना सेठों को मालमाल करने में और उनकी चौकीदार में लगे रहे। इसके बाद वह सीधे किसान और खेती के मुद्दे पर कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद यूपी में किसान दुखी हैं। आवारा पशुओं से फसलें बर्बाद हो रही हैं। गन्ना किसानों और अन्य फसलों का भुगतान नहीं हुआ।
सवर्ण समुदाय की हालत में सुधार नहीं
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार में पूर्व के कांग्रेस शासन काल की तरह ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, मुसलमानों आदि सर्वजन का विकास नहीं हो पाया। सरकारी नौकरियों में आरक्षण ठीक से लागू नहीं हो पा रहा है। पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है। बोेलीं.. भाजपा आरएसएस की सरकार में गरीब सवर्ण समुदाय की हालत में भी कोई सुधार नहीं हुआ है।
नोटबंदी और जीएसटी ने गरीबी बढ़ाई
मायावती ने कहा कि बिना किसी तैयारी के नोटबंदी और जीएसटी को लागू किया गया जिससे गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। मध्यमवर्गीय लोग और व्यापारी परेशान हैं। भ्रष्टाचार बढ़ा और देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। कांग्रेस के समय बोफोर्स तो भाजपा सरकार में राफेल घोटाला हुआ है। भाजपा शासन में देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन आतंकी हमले होते रहते हैं जिससे जानमाल का नुकसान हुआ है। पूर्व की कांग्रेस की तरह ही भाजपा सरकार में सीबीआई, ईडी और अन्य संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है।
एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप और स्थायी नौकरी का वादा
बसपा सुप्रीमो जनसभा में समर्थकों के बीच एक अभिभावक और शिक्षिका की भूमिका में रहीं। भाषण में अंत में हर हाल में 18 अप्रैल को सबसे पहले मतदान का वादा लिया। उन्हाेंने बहुत सलीके से समझाया कि कांग्रेस और भाजपा एक जैसे ही हैं किसी के प्रलोभन में नहीं आना है।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने 72 हजार रुपये और भाजपा ने 12 हजार रुपये हर साल देेने का प्रलोभन दिया है लेकिन इससे गरीबी का हल नहीं निकलेगा। जब उनको केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिलेगा तो वह सरकारी और निजी क्षेत्र में आरक्षण नियमों के तहत स्थायी नौकरी देंगी। पदोन्नति में आरक्षण का लाभ मिलेगा। हर हाथ को काम देने की कोशिश होगी। सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीति लागू होगी।
अलीगढ़ में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय है, इसके पूर्ववर्ती अल्पसंख्यक स्वरूप को बरकरार रखने का वादा किया। आगे बोलीं कि सभी पार्टियां ऐसे प्रलोभनों का चुनावी घोषणा पत्र जारी करतीं हैं लेकिन बसपा का कोई घोषणा पत्र नहीं होता है। बसपा कहने से ज्यादा करने में विश्वास करती है। भाजपा के घोषणा पत्र के वादे में पूर्व में कांग्रेस के वादों की तरह ही खोखले साबित हुए हैैं। खातों में 15 लाख रुपये आने का वादा झूठा था।
‘सबका साथ-सबका विकास’ केवल जुमलेबाजी है। समर्थकों को आगाह किया कि कांग्रेस और भाजपा साम, दाम, दंड और भेद। हर हथकंडा अपनाएंगे। पार्टियां अपने अपने पक्ष में हवा चलने का दावा करेंगी। ओपिनियन पोल से हवा बनाएंगे, लेकिन गुमराह नहीं होना है। हवाहवाई प्रलोभन भरी चुनावी घोषणाओं में नहीं फंसना है। ऐसी घोषणाएं चुनाव के बाद दरकिनार कर दी जातीं हैं।
कांग्रेस ने क्यों उतार जाट उम्मीदवार
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अलीगढ़ मंडल में जाट भाइयों को लगता था कि बसपा में उनकी उपेक्षा हो रही है। सबको लगे कि पार्टी उनकी है इसलिए इस बार जाट प्रत्याशी मैदान में उतारा है। जब बसपा ने जाट उम्मीदवार मैदान में पहले उतार दिया था तो कांग्रेस को उसी बिरादरी का दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारना चाहिए। बोलीं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट बहुत हैं और वे बहुत दुखी हैं। उनका दुख दर्द दूर करेंगे। कहा कि उनके कार्यकाल में गन्ना किसानों का पूरा भुगतान किया गया। पुलिस भर्ती में बिना पैसे लिए पूरी ईमानदारी से युवाओं को मौका दिया गया।
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महेश्वर इंटर कालेज के मैदान पर अलीगढ़ से गठबंधन प्रत्याशी अजीत बालियान, हाथरस से प्रत्याशी रामजी लाल सुमन के समर्थन में सोमवार को हुई चुनावी सभा में रालोद मुखिया चौ. अजित सिंह ने भी भाजपा की घेराबंदी की। यहां अलीगढ़ से प्रत्याशी अजीत बालियान, हाथरस से प्रत्याशी रामजी लाल सुमन, सपा जिलाध्यक्ष अशोक यादव, बसपा जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव, पूर्व विधायक सपा वीरेश यादव, जफर आलम, बसपा के पूर्व सांसद मुनकाद अली, आगरा के सेक्टर प्रभारी सुनील चित्तौड़, अलीगढ़ मंडल जोन कोआर्डिनेटर रणवीर सिंह कश्यप, जोन इंचार्ज गजराज विमल सहित अन्य नेताओं ने सभा को संबोधित किया।
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मुख्य मंच के दूसरी ओर बने छोटे मंच में बसपा, सपा और रालोद के स्थानीय अन्य नेताओं ने संबोधन किया। बहन जी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने पिछले चुनाव में गरीब, मजदूर, किसान, युवा, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों सेे अच्छे दिन आने का वादा किया था लेकिन वादों के मुताबिक एक चौथाई काम भी नहीं हुआ। ध्यान बांटने के लिए मोदी किस्म किस्म के हथकंडे अपना कर गुमराह कर रहे हैं। चुनाव तारीख घोषित होने से पहले सरकार ने हवा हवाई घोषणाओं के साथ उद्घाटन और शिलान्यास का ड्रामा किया।
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मोदी अगर वाकई में ईमानदार और गंभीर होते तो जबरदस्ती के शिलान्यास और घोषणाएं नहीं करते। वह बड़े बड़े पूंजीपतियों और धन्ना सेठों को मालमाल करने में और उनकी चौकीदार में लगे रहे। इसके बाद वह सीधे किसान और खेती के मुद्दे पर कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद यूपी में किसान दुखी हैं। आवारा पशुओं से फसलें बर्बाद हो रही हैं। गन्ना किसानों और अन्य फसलों का भुगतान नहीं हुआ।
सवर्ण समुदाय की हालत में सुधार नहीं
बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार में पूर्व के कांग्रेस शासन काल की तरह ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, मुसलमानों आदि सर्वजन का विकास नहीं हो पाया। सरकारी नौकरियों में आरक्षण ठीक से लागू नहीं हो पा रहा है। पदोन्नति में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा रहा है। बोेलीं.. भाजपा आरएसएस की सरकार में गरीब सवर्ण समुदाय की हालत में भी कोई सुधार नहीं हुआ है।
नोटबंदी और जीएसटी ने गरीबी बढ़ाई
मायावती ने कहा कि बिना किसी तैयारी के नोटबंदी और जीएसटी को लागू किया गया जिससे गरीबी और बेरोजगारी बढ़ी है। मध्यमवर्गीय लोग और व्यापारी परेशान हैं। भ्रष्टाचार बढ़ा और देश की अर्थव्यवस्था पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। कांग्रेस के समय बोफोर्स तो भाजपा सरकार में राफेल घोटाला हुआ है। भाजपा शासन में देश की सीमाएं पूरी तरह सुरक्षित नहीं हैं। आए दिन आतंकी हमले होते रहते हैं जिससे जानमाल का नुकसान हुआ है। पूर्व की कांग्रेस की तरह ही भाजपा सरकार में सीबीआई, ईडी और अन्य संस्थाओं का दुरुपयोग हो रहा है।
एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप और स्थायी नौकरी का वादा
बसपा सुप्रीमो जनसभा में समर्थकों के बीच एक अभिभावक और शिक्षिका की भूमिका में रहीं। भाषण में अंत में हर हाल में 18 अप्रैल को सबसे पहले मतदान का वादा लिया। उन्हाेंने बहुत सलीके से समझाया कि कांग्रेस और भाजपा एक जैसे ही हैं किसी के प्रलोभन में नहीं आना है।
मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने 72 हजार रुपये और भाजपा ने 12 हजार रुपये हर साल देेने का प्रलोभन दिया है लेकिन इससे गरीबी का हल नहीं निकलेगा। जब उनको केंद्र में सरकार बनाने का मौका मिलेगा तो वह सरकारी और निजी क्षेत्र में आरक्षण नियमों के तहत स्थायी नौकरी देंगी। पदोन्नति में आरक्षण का लाभ मिलेगा। हर हाथ को काम देने की कोशिश होगी। सर्वजन हिताय सर्वजन सुखाय की नीति लागू होगी।
अलीगढ़ में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय है, इसके पूर्ववर्ती अल्पसंख्यक स्वरूप को बरकरार रखने का वादा किया। आगे बोलीं कि सभी पार्टियां ऐसे प्रलोभनों का चुनावी घोषणा पत्र जारी करतीं हैं लेकिन बसपा का कोई घोषणा पत्र नहीं होता है। बसपा कहने से ज्यादा करने में विश्वास करती है। भाजपा के घोषणा पत्र के वादे में पूर्व में कांग्रेस के वादों की तरह ही खोखले साबित हुए हैैं। खातों में 15 लाख रुपये आने का वादा झूठा था।
‘सबका साथ-सबका विकास’ केवल जुमलेबाजी है। समर्थकों को आगाह किया कि कांग्रेस और भाजपा साम, दाम, दंड और भेद। हर हथकंडा अपनाएंगे। पार्टियां अपने अपने पक्ष में हवा चलने का दावा करेंगी। ओपिनियन पोल से हवा बनाएंगे, लेकिन गुमराह नहीं होना है। हवाहवाई प्रलोभन भरी चुनावी घोषणाओं में नहीं फंसना है। ऐसी घोषणाएं चुनाव के बाद दरकिनार कर दी जातीं हैं।
कांग्रेस ने क्यों उतार जाट उम्मीदवार
बसपा सुप्रीमो ने कहा कि अलीगढ़ मंडल में जाट भाइयों को लगता था कि बसपा में उनकी उपेक्षा हो रही है। सबको लगे कि पार्टी उनकी है इसलिए इस बार जाट प्रत्याशी मैदान में उतारा है। जब बसपा ने जाट उम्मीदवार मैदान में पहले उतार दिया था तो कांग्रेस को उसी बिरादरी का दूसरा उम्मीदवार नहीं उतारना चाहिए। बोलीं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट बहुत हैं और वे बहुत दुखी हैं। उनका दुख दर्द दूर करेंगे। कहा कि उनके कार्यकाल में गन्ना किसानों का पूरा भुगतान किया गया। पुलिस भर्ती में बिना पैसे लिए पूरी ईमानदारी से युवाओं को मौका दिया गया।