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गम व मातम के बीच निकला मोहर्रम का जूलूस, ताजिये सुपुर्द ए खाक
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जुलूस में अलम और ताजिया लेकर जाते लोग।
- फोटो : CITY OFFICE
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‘इंसान को बेदार तो हो लेने दो, हर कौम पुकारेगी हमारे हैं हुसैन’। यह शेर भले ही बरसों पहला कहा गया हो, लेकिन हर कौम 14 सौ साल से भी पहले पुकारती आई है हमारे हैं हुसैन। मंगलवार को भी यह मंजर देखने को मिला, जब 10वीं मोहर्रम के जुलूस में हर कौम पुकार उठी हुसैन हमारे हैं। गम व मातम के बीच मोहर्रम जुलूस निकला। करबला में ताजिये सुपुर्द-ए-खाक किए गए। कमा (चाकू) के मातम से 10 अजादार जख्मी भी हो गए।
मोहर्रम को आंतकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया गया। एएमयू के बैतुल सलात से अलम व ताजिया जुलूस निकला। सुबह 10 बजे मजलिस हुई। मौलाना हसन मोहम्मद ने करबला के वाकये का जिक्र किया। फिर अजादारों ने मातम किया। महिलाएं भी मातम करने वालों में शामिल रहीं। करीब दोपहर 12 बजे जुलूस आफताब हॉल से होते शमशाद मार्केट पर पहुंचा, जहां नोहा ख्वानी फिर मजलिस हुई। अजादारों ने जंजीरी मातम किया। इसमें वह खून से लथपथ हो गए। वहीं, कश्मीरी छात्रों ने इमाम हुसैन के किरदार व पैगाम को लेकर पर्चे भी बांटे। छात्रों का कहना है कि पर्चा बांटने का मकसद सिर्फ यह है कि दुनिया इमाम हुसैन के किरदार, पैगाम, सब्र, कुर्बानी को जाने।
ऊपरकोट के इलाके से आना वाला ताजिया जुलूस नुमाइश मैदान के पास पहुंचा। इसके बाद जुलूस गूलर रोड, देहली गेट होते हुए शाहजमाल स्थित करबला पहुंचा। करबला में 225 ताजिये व अलम दाखिल हुए। करबला में मौलाना हसन मोहम्मद ने भी तकरीर की इससे पहले जेल रोड व देहली गेट पर इमाम हुसैन के बारे में मौलाना ने तकरीर की। करबला के मुतवल्ली मुख्तार जैदी व तंजीम उल अजा बैतुल सलात के सचिव नादिर अब्बास नकवी ने जिला प्रशासन व नगर निगम की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। इस अवसर पर हमजा मुख्तार, मुर्तजा जैदी, इंजी. आगा यूनुस सहित हजारों की तादाद में अजादार मौजूद रहे। वहीं, जुलूस में पालीथिन के नुकसान को लेकर जागरूक किया गया।
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दुनिया में आज भी हो रहे जुल्म
शमशाद मार्केट पर मौलाना हसन मोहम्मद ने कहा कि इमाम हुसैन जालिम के मुकाबले में थे और मजलूमों के मददगार थे। पहले भी जालिम हुए थे, आज भी जालिम हैं। पहले इमाम हुसैन थे, आज भी उनकी जरूरत है। इमाम हुसैन जंग के पक्षधर नहीं थे। उन्हें जंग के लिए मजबूर किया गया, क्यों कि यजीद चाहता था कि वह दासता स्वीकार करें या जंग लड़ें। उन्होंने कहा कि मुसलमान आतंकवादी नहीं है, जो आतंकवादी है वह मुसलमान नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया में आज भी जुल्म हो रहे हैं। इनमें फिलिस्तीन व अन्य देश शामिल है।
आतंकवाद मुर्दाबाद के लगे नारे
जेल रोड पर जब मोहर्रम जुलूस पहुंचा, तब जुलूस में शामिल लोगों ने हिंदुस्तान जिंदाबाद व आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगाए। यह नारे कई बार लगे।
गांधीजी के संदेश लेकर चल रहे थे बच्चे
जुलूस में आतंकवाद विरोधी दिवस बैनर भी था। साथ ही महात्मा गांधी सहित महान लोगों के इमाम हुसैन के बारे में कहे संदेश को बच्चे लेकर चल रहे थे।
नुमाइश मस्जिद में पढ़ी नमाज
मोहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों ने जोहर की नमाज नुमाइश की मस्जिद में पढ़ी। हालांकि, पहले यह नमाज नुमाइश मैदान में पढ़ी जाती थी। नमाज मौलाना हसन मोहम्मद ने पढ़ायी।
अजादार को करना पड़ा बस का इंतजार
यह पहला मौका है, जब करबला गए अजादारों को बस के लिए इंतजार करना पड़ा। कमेटी की तरफ से हर साल 10वीं मोहर्रम के जुलूस में शामिल अजादारों को करबला से वापस लाने के लिए अधिकारी को पत्र दिया जाता है। इसके बाद छह बसें उपलब्ध करायी जाती हैं। इस बार आठ बसों की मांग की गई थी। मगर केवल दो बसें मिलीं, वह भी काफी मशक्कत के बाद।
शामे गरीबां में रोए अजादार
करबला से देर शाम लौटने के बाद शामे गरीबां इमामबाड़ों में हुईं। बत्ती, चिराग बुझाकर अंधेरे में करबला में इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों की शहादत और इमाम हुसैन के खेमों को जलाने को याद कर अजादार खूब रोए।
ड्रोन कैमरे से हुई मोहर्रम जुलूस की निगरानी
मोहर्रम के जुलूस की निगरानी पुलिस ने ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी से की। थाना देहली गेट इंद्रेश पाल सिंह के नेतृत्व में शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। सीसीटीएनएस टीम के अरविंद उपाध्याय एवं अजीत कुमार द्वारा इसमें सहयोग किया गया।
अलम व ताजिया जुलूस निकला
मोहम्मद शफी आलम निजामी के सज्जादा नशीं रफीक निजामी के आवास से अलम व ताजिया का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस ख्वाजा चौक से लेकर ऊपरकोट होकर देहली गेट होते हुए करबला पहुंचा। इस दौरान बच्चों ने करतब दिखाए। ट्यूबलाइट फोेड़े। ढोल-ताशे बजाए। सज्जादा नशीं ने कहा कि 10 मोहर्रम जीनत-ए-इस्लाम है। इस अवसर पर अतीक कुरैशी, हाजी खलील, रिहान निजामी, राजू, सलीम, दिलशाद निजामी, मोहम्मद सईद आदि मौजूद रहे।
पिलाया शरबत
मुस्लिम यूथ एसोसिएशन की ओर से जेल रोड पर जुलूस में शामिल लोगों को शरबत पिलाया गया। इस अवसर एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद आमिर रशीद, तनवीर रशीद, रुकनुद्दीन, परवेज अजीज, अजीमुद्दीन, बिन्नामी, उजैफा, कामरान, शानू खान, फराज, वली बाबू आदि मौजूद रहे। मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड महानगर कैंप कार्यालय के बाहर मोहर्रम जुलूस में शामिल लोगों को पूर्व महानगर उपाध्यक्ष यूथ ब्रिगेड मोहम्मद मोहसिन मेवाती, अरशद चौधरी, अबसर मलिक, इकरार सोलंकी, रिहान सलमानी आदि मौजूद रहे।
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मोहर्रम को आंतकवाद विरोधी दिवस के रूप में मनाया गया। एएमयू के बैतुल सलात से अलम व ताजिया जुलूस निकला। सुबह 10 बजे मजलिस हुई। मौलाना हसन मोहम्मद ने करबला के वाकये का जिक्र किया। फिर अजादारों ने मातम किया। महिलाएं भी मातम करने वालों में शामिल रहीं। करीब दोपहर 12 बजे जुलूस आफताब हॉल से होते शमशाद मार्केट पर पहुंचा, जहां नोहा ख्वानी फिर मजलिस हुई। अजादारों ने जंजीरी मातम किया। इसमें वह खून से लथपथ हो गए। वहीं, कश्मीरी छात्रों ने इमाम हुसैन के किरदार व पैगाम को लेकर पर्चे भी बांटे। छात्रों का कहना है कि पर्चा बांटने का मकसद सिर्फ यह है कि दुनिया इमाम हुसैन के किरदार, पैगाम, सब्र, कुर्बानी को जाने।
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ऊपरकोट के इलाके से आना वाला ताजिया जुलूस नुमाइश मैदान के पास पहुंचा। इसके बाद जुलूस गूलर रोड, देहली गेट होते हुए शाहजमाल स्थित करबला पहुंचा। करबला में 225 ताजिये व अलम दाखिल हुए। करबला में मौलाना हसन मोहम्मद ने भी तकरीर की इससे पहले जेल रोड व देहली गेट पर इमाम हुसैन के बारे में मौलाना ने तकरीर की। करबला के मुतवल्ली मुख्तार जैदी व तंजीम उल अजा बैतुल सलात के सचिव नादिर अब्बास नकवी ने जिला प्रशासन व नगर निगम की व्यवस्थाओं की प्रशंसा की। इस अवसर पर हमजा मुख्तार, मुर्तजा जैदी, इंजी. आगा यूनुस सहित हजारों की तादाद में अजादार मौजूद रहे। वहीं, जुलूस में पालीथिन के नुकसान को लेकर जागरूक किया गया।
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दुनिया में आज भी हो रहे जुल्म
शमशाद मार्केट पर मौलाना हसन मोहम्मद ने कहा कि इमाम हुसैन जालिम के मुकाबले में थे और मजलूमों के मददगार थे। पहले भी जालिम हुए थे, आज भी जालिम हैं। पहले इमाम हुसैन थे, आज भी उनकी जरूरत है। इमाम हुसैन जंग के पक्षधर नहीं थे। उन्हें जंग के लिए मजबूर किया गया, क्यों कि यजीद चाहता था कि वह दासता स्वीकार करें या जंग लड़ें। उन्होंने कहा कि मुसलमान आतंकवादी नहीं है, जो आतंकवादी है वह मुसलमान नहीं है। उन्होंने कहा कि दुनिया में आज भी जुल्म हो रहे हैं। इनमें फिलिस्तीन व अन्य देश शामिल है।
आतंकवाद मुर्दाबाद के लगे नारे
जेल रोड पर जब मोहर्रम जुलूस पहुंचा, तब जुलूस में शामिल लोगों ने हिंदुस्तान जिंदाबाद व आतंकवाद मुर्दाबाद के नारे लगाए। यह नारे कई बार लगे।
गांधीजी के संदेश लेकर चल रहे थे बच्चे
जुलूस में आतंकवाद विरोधी दिवस बैनर भी था। साथ ही महात्मा गांधी सहित महान लोगों के इमाम हुसैन के बारे में कहे संदेश को बच्चे लेकर चल रहे थे।
नुमाइश मस्जिद में पढ़ी नमाज
मोहर्रम के जुलूस में शामिल लोगों ने जोहर की नमाज नुमाइश की मस्जिद में पढ़ी। हालांकि, पहले यह नमाज नुमाइश मैदान में पढ़ी जाती थी। नमाज मौलाना हसन मोहम्मद ने पढ़ायी।
अजादार को करना पड़ा बस का इंतजार
यह पहला मौका है, जब करबला गए अजादारों को बस के लिए इंतजार करना पड़ा। कमेटी की तरफ से हर साल 10वीं मोहर्रम के जुलूस में शामिल अजादारों को करबला से वापस लाने के लिए अधिकारी को पत्र दिया जाता है। इसके बाद छह बसें उपलब्ध करायी जाती हैं। इस बार आठ बसों की मांग की गई थी। मगर केवल दो बसें मिलीं, वह भी काफी मशक्कत के बाद।
शामे गरीबां में रोए अजादार
करबला से देर शाम लौटने के बाद शामे गरीबां इमामबाड़ों में हुईं। बत्ती, चिराग बुझाकर अंधेरे में करबला में इमाम हुसैन व उनके 71 साथियों की शहादत और इमाम हुसैन के खेमों को जलाने को याद कर अजादार खूब रोए।
ड्रोन कैमरे से हुई मोहर्रम जुलूस की निगरानी
मोहर्रम के जुलूस की निगरानी पुलिस ने ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी से की। थाना देहली गेट इंद्रेश पाल सिंह के नेतृत्व में शांति व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। सीसीटीएनएस टीम के अरविंद उपाध्याय एवं अजीत कुमार द्वारा इसमें सहयोग किया गया।
अलम व ताजिया जुलूस निकला
मोहम्मद शफी आलम निजामी के सज्जादा नशीं रफीक निजामी के आवास से अलम व ताजिया का जुलूस निकाला गया। यह जुलूस ख्वाजा चौक से लेकर ऊपरकोट होकर देहली गेट होते हुए करबला पहुंचा। इस दौरान बच्चों ने करतब दिखाए। ट्यूबलाइट फोेड़े। ढोल-ताशे बजाए। सज्जादा नशीं ने कहा कि 10 मोहर्रम जीनत-ए-इस्लाम है। इस अवसर पर अतीक कुरैशी, हाजी खलील, रिहान निजामी, राजू, सलीम, दिलशाद निजामी, मोहम्मद सईद आदि मौजूद रहे।
पिलाया शरबत
मुस्लिम यूथ एसोसिएशन की ओर से जेल रोड पर जुलूस में शामिल लोगों को शरबत पिलाया गया। इस अवसर एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहम्मद आमिर रशीद, तनवीर रशीद, रुकनुद्दीन, परवेज अजीज, अजीमुद्दीन, बिन्नामी, उजैफा, कामरान, शानू खान, फराज, वली बाबू आदि मौजूद रहे। मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड महानगर कैंप कार्यालय के बाहर मोहर्रम जुलूस में शामिल लोगों को पूर्व महानगर उपाध्यक्ष यूथ ब्रिगेड मोहम्मद मोहसिन मेवाती, अरशद चौधरी, अबसर मलिक, इकरार सोलंकी, रिहान सलमानी आदि मौजूद रहे।

एएमयू बैतुल सलात से मोहर्रम जुलूस में मातम करती महिलाएं व बच्चे। - फोटो : CITY OFFICE

एएमयू बैतुल सलात से मोर्हरम जुलूस में जंजीरी मातम करते अजादार। - फोटो : CITY OFFICE