{"_id":"67e64354f1a46548830dbec4","slug":"lucknow-directorate-team-will-also-investigate-the-gpf-scam-2025-03-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"जीपीएफ घोटाला: लखनऊ निदेशालय की टीम भी करेगी जांच, अप्रैल में अलीगढ़ आने की चर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जीपीएफ घोटाला: लखनऊ निदेशालय की टीम भी करेगी जांच, अप्रैल में अलीगढ़ आने की चर्चा
Fri, 28 Mar 2025 12:06 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 28 Mar 2025 12:06 PM IST
सार
520 शिक्षकों के डमी खाते खोले गए। उनमें 4 करोड़ 92 लाख 39 हजार 749 रुपये का लेनदेन किया गया। मामले में थाना बन्नादेवी में वर्ष 2003 से 2013 तक तैनात रहे बीएसए समेत 61 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
घोटाला सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जीपीएफ घोटाले की जांच अब लखनऊ निदेशालय की टीम भी करेगी। टीम के बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अप्रैल में आने की चर्चा है। मामले की जांच आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) भी करेगी।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें... जीपीएफ घोटाला: आधे-अधूरे दस्तावेजों से ही सामने आया था 4.92 करोड़ का गबन, जांच रिपोर्ट कह रही यह
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, जीपीएफ घोटाले में जिन शिक्षकों के खातों में धनराशि भेजे गए हैं वह चालान और चेक माध्यम से विभाग को लौटा रहे हैं। उन्हें डर है कि कहीं उनका पेंशन न रुक जाए। इसलिए शिक्षक अपने वेतन से हर महीने 50 से 60 हजार रुपये दे रहे हैं। इस प्रकरण में तीन सहायक पटल की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। उत्तर प्रदेश जूनियर शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. प्रशांत शर्मा ने कहा कि शिक्षकों के खाते में पैसा क्यों और किस लिए भेजा गया। अगर शिक्षकों को दोषी ठहरने का काम किया तो जूनियर शिक्षक संघ भी चुप नहीं बैठेगा। भले ही उन्हें आमरण अनशन क्यों न करना पड़े।
विज्ञापन
इसे भी पढ़ें... GPF scam: 520 खातों में ट्रांसफर हुई गबन की रकम, 2013 से 2021 तक के अधिकारी आएंगे जांच के दायरे में
यह है प्रकरण
जिले में वर्ष 2003-2013 तक 520 शिक्षकों के डमी खाते खोले गए। उनमें चार करोड़ 92 लाख 39 हजार 749 रुपये का लेनदेन किया गया। मामले में थाना बन्नादेवी में वर्ष 2003 से 2013 तक तैनात रहे बीएसए समेत 61 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।