Aligarh: सफाईकर्मी की हत्या में भाई-बहन को आजीवन कारावास, नाले में पड़ा मिला था सड़ा-गला शव
सफाईकर्मी दीपू कांती 1 दिसंबर 2020 को शाम छह बजे घर से स्कूटी लेकर निकला था। उसके बाद लौटकर नहीं आया। 9 दिसंबर को उसका सड़ा-गला शव कमालपुर रोड स्थित नाले में पड़ा मिला। स्कूटी, पर्स व चेन नहीं मिली। हाथ पर बने टैटू से उसकी पहचान हुई थी।
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अलीगढ़ के थाना गांधीपार्क क्षेत्र में चार साल पहले सफाईकर्मी की हत्या में एडीजे प्रथम संजीव कुमार सिंह की अदालत ने भाई-बहन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 55-55 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
एडीजीसी रविकांत शर्मा ने बताया कि शीशियापाड़ा निवासी रॉबिन कुमार ने तहरीर में बताया था कि उनका छोटा भाई दीपू कांती सफाईकर्मी था। 1 दिसंबर 2020 को शाम छह बजे घर से स्कूटी लेकर निकला था। उसके बाद लौटकर नहीं आया। नौ दिसंबर 2020 को उसका सड़ा-गला शव कमालपुर रोड स्थित नाले में पड़ा मिला। स्कूटी, पर्स व चेन नहीं मिली। हाथ पर बने टैटू से उसकी पहचान हुई थी।
परिजनों ने हंगामा करते हुए पला साहिबाबाद निवासी यशोदा, उसके पति जयकिशोर व सराय राय निवासी भाई राजू उर्फ राजकुमार के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच की तो सामने आया कि दीपू ने अंतिम बार यशोदा से बात की थी। दोनों एक ही जगह पर थे। इसके बाद यशोदा व राजकुमार को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो दोनों ने जुर्म स्वीकार लिया।
बताया कि दीपू के यशोदा से संबंध थे। दीपू से महिला पैसे मांगती थी। दीपू ने पैसे देने से मना कर दिया और पति को भी संबंधों के बारे में पता चल गया। इसके बाद यशोदा ने अपने भाई राजकुमार के साथ हत्या की योजना बनाई। घटना से पहले एक होटल में यशोदा के सामने दीपू ने शराब पी थी। दीपू जब नशे में हो गया, तो उसने अपने भाई को बुलाया। इसके बाद तीनों स्कूटी से घटनास्थल पर पहुंचे।
इसी दौरान राजकुमार ने ईंट से दीपू के सिर पर वार किया। चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी। फिर शव को नाले में फेंक दिया। पुलिस ने यशोदा व राजकुमार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सत्र परीक्षण, साक्ष्य व गवाही के आधार पर अदालत ने यशोदा व राजकुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।