फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Life has come in the eyes, thanks Ayushman

आंख के पर्दे में आ गई जान, धन्यवाद आयुष्मान

Sat, 05 Oct 2019 01:51 AM IST
राजेश सिंह दीपक शर्मा
दीपक शर्मा Published by: राजेश सिंह Updated Sat, 05 Oct 2019 01:51 AM IST
विज्ञापन
Life has come in the eyes, thanks Ayushman
बाबूलाल। - फोटो : Amar Ujala
 लंबे समय से आंख में पर्दे की खराबी की समस्या से जूझ रहे बाबू लाल माहौर को आयुष्मान भारत योजना के तहत गांधी नेत्र चिकित्सालय में उपचार मिला और उनका दो बार आपरेशन हुआ। उनका किसी भी तरह का कोई पैसा खर्च नहीं हुआ है। मजदूरी करने वाले बाबूलाल माहौर अपनी पत्नी के साथ परिवार में रहते हैं और आर्थिक रूप से चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
विज्ञापन



थाना देहली गेट के सराय मियां में रहने वाले बाबूलाल माहौर के सभी बच्चे उनसे अलग रहते हैं। बाबूलाल कहते हैं कि पर्दे की खराबी के चलते उन्हें बिल्कुल भी दिखाई नहीं देता था। घर में पत्नी के अलावा कोई नहीं है इसलिए पूरी दुनिया अंधेरी रहती और घर से बाहर दो कदम रखने के लिए भी किसी का सहारा चाहिए होता था। एक वर्ष पहले उनका गोल्ड कार्ड जारी हो गया, जिसके बाद उन्होंने इसी वर्ष 17 अप्रैल को पहला और उसके बाद उनका दूसरा आपरेशन हुआ। यह पूरा उपचार उन्हें नि:शुल्क हासिल हुआ है।
विज्ञापन

इस तरह बनता है गोल्ड कार्ड
‘आयुष्मान भारत योजना का लाभ लेने के लिए गोल्डन कार्ड को बनाने के लिए विभाग शिविर लगा रहा है। जब भी आप योजना में रजिस्टर्ड हास्पिटल जाएंगे वहां पर आपको आयुष्मान मित्र मिलेंगे। यह आपकी सहायता करेंगे।  गोल्डन कार्ड को पाने के लिए आपको आधिकारिक वेबसाइट पर लाग इन करना होगा और कोड चुनना होगा। जिसे कामन सर्विस सेंटर में आयुष्मान मित्र को देना होगा।  आयुष्मान मित्रा सीएससी में बाकी प्रक्रिया पूरी कर देंगे।  गोल्ड कार्ड के लिए आवेदकों को सिर्फ 30 रुपये का भुगतान करना होगा’

विज्ञापन
विज्ञापन

- डॉ. खान चंद, नोडल अधिकारी, आयुष्मान भारत योजना।

इस तरह होता है योजना के तहत इलाज
- सबसे पहले एक सॉफ्टवेयर के जरिए इस बात की पुष्टि करेंगे कि आप योजना के लिए पात्र हैं या नहीं।
- इसके लिए आपसे आधार कार्ड या आपकी पहचान का दूसरा कार्ड मांगा जाएगा।
- इसके बाद आपकी बीमारी के हिसाब से हास्पिटल पैकेज का चयन करेगा। आपकी जांच और इलाज होगा।
- इलाज के दौरान सभी जरूरी दस्तावेज अस्पताल इकट्ठा करेगा, मरीज भर्ती होगा।
- इलाज के दौरान उसका पूरा विवरण रखा जाएगा। इसके बाद मरीज डिस्चार्ज होगा, डिस्चार्ज समरी जारी होगी।
 - इसके बाद हास्पिटल को पेमेंट हो जाएगा।

‘गांधी आई हास्पिटल 16 अक्तूूबर 2018 को आयुष्मान योजना में दर्ज हुआ था। अस्पताल की सीएमओ डॉ. रजिया खान और आयुष्मान योजना के प्रभारी अधिकारी एसीएमओ डॉ. अजय सक्सेना की देखरेख में आयुष्मान योजना के पात्र मरीजों का इलाज हो रहा है।’
- मधुप लहरी, चिकित्सालय अधीक्षक, गांधी आई हास्पिटल

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed