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लर्निंग आउटकम परीक्षा की ओएमआर शीट हुई वायरल
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अभी हाल ही में आठ नवंबर को पूरे प्रदेश के बेसिक स्कूलों में विद्यार्थियों के शैक्षिक स्तर की जांच के लिए आयोजित की गई लर्निंग आउटकम परीक्षा की ओएमआर शीट वायरल हो गई है। शासन के सख्य निर्देश थे कि परीक्षा पर्यवेक्षणों की मौजूदगी में आयोजित होगी। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट लिफाफे में सील कर जल्द से जल्द कार्यालय और बीआरसी पर जमा कराने के निर्देश थे। इसके बावजूद शहर के किसी विद्यालय से कुछ एएमआर शीट वायरल की गई हैं।
बेसिक स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए लर्निंग आउटकम परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इस परीक्षा के माध्यम से स्कूल के प्रत्येक बच्चे के न्यूनतम शैक्षिक ज्ञान को जांचा जाता है। ओएमआर शीट यह बता देती है कि छात्र या छात्रा किस विषय में कमजोर है। यह ठीक उसी तरह से हैं। जैसे मैदानी क्षेत्र का विद्यार्थी पहाड़ी इलाका देर से समझेगा। वहीं पहाड़ी इलाके का बच्चा मैदानी दिनचर्या को कम जानता होगा। शिक्षा महा निदेशक विजय किरण आनंद विद्यालयों में शिक्षा के स्तर के लिए विभिन्न प्रयास भी कर रहे हैं।
इसी के चलते पूरे प्रदेश में एक साथ लर्निंग आउटकम की परीक्षा आयोजित हुई। शहर के विद्यालय से इस परीक्षा की कुछ ओएमआर शीट सोशल मीडिया पर वायरल की गई हैं। यहां सवाल उठता है कि प्रत्येक विद्यालय में पर्यवेक्षक तैनात थे। सभी को परीक्षा खत्म होते ही पेपर व ओएमआर शीट लिफाफे में बंद करने थे। इस बीच आखिर ओएमआर शीट क्यों वायरल की गई।
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लर्निंग आउटकम की परीक्षा की गोपनीयता रखने के शासन स्तर से ही निर्देश थे। मामला संज्ञान में नहीं है, लेकिन किसी को भी परीक्षा के मानकों को दर किनारे करते हुए ओएमआर शीट वायरल नहीं करनी चाहिए। अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
- संजीव शर्मा, एसआरजी
मामला संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की जांच करवाई जाएगी। जिसने भी गोपनीयता भंग की है। संबंधित दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए
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बेसिक स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बढ़ाने के लिए लर्निंग आउटकम परीक्षा का आयोजन किया जाता है। इस परीक्षा के माध्यम से स्कूल के प्रत्येक बच्चे के न्यूनतम शैक्षिक ज्ञान को जांचा जाता है। ओएमआर शीट यह बता देती है कि छात्र या छात्रा किस विषय में कमजोर है। यह ठीक उसी तरह से हैं। जैसे मैदानी क्षेत्र का विद्यार्थी पहाड़ी इलाका देर से समझेगा। वहीं पहाड़ी इलाके का बच्चा मैदानी दिनचर्या को कम जानता होगा। शिक्षा महा निदेशक विजय किरण आनंद विद्यालयों में शिक्षा के स्तर के लिए विभिन्न प्रयास भी कर रहे हैं।
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इसी के चलते पूरे प्रदेश में एक साथ लर्निंग आउटकम की परीक्षा आयोजित हुई। शहर के विद्यालय से इस परीक्षा की कुछ ओएमआर शीट सोशल मीडिया पर वायरल की गई हैं। यहां सवाल उठता है कि प्रत्येक विद्यालय में पर्यवेक्षक तैनात थे। सभी को परीक्षा खत्म होते ही पेपर व ओएमआर शीट लिफाफे में बंद करने थे। इस बीच आखिर ओएमआर शीट क्यों वायरल की गई।
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लर्निंग आउटकम की परीक्षा की गोपनीयता रखने के शासन स्तर से ही निर्देश थे। मामला संज्ञान में नहीं है, लेकिन किसी को भी परीक्षा के मानकों को दर किनारे करते हुए ओएमआर शीट वायरल नहीं करनी चाहिए। अधिकारियों को इस संबंध में विस्तृत जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
- संजीव शर्मा, एसआरजी
मामला संज्ञान में आया है। पूरे प्रकरण की जांच करवाई जाएगी। जिसने भी गोपनीयता भंग की है। संबंधित दोषी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
- डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय, बीएसए