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हिंदुस्तान से सीखें पाकिस्तान के प्रधानमंत्री: प्रो. इराकी
Mon, 24 Dec 2018 01:27 AM IST
राजेश सिंह
न्यूूज डेस्क,कौशल कुमार ओझा , अलीगढ़।
न्यूूज डेस्क,कौशल कुमार ओझा , अलीगढ़।
Published by: राजेश सिंह
Updated Mon, 24 Dec 2018 01:27 AM IST
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प्रो. इराकी
- फोटो : Rupesh
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फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के बयान पर भारत की अंदरूनी राजनीति में दखल देने की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को एएमयू के इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष व जाने माने इतिहासकार प्रो. शहाबुद्दीन इराकी ने करारा जवाब दिया है। कहा कि जिन्ना ने मुसलमानों की भलाई के लिए नहीं बल्कि अपने स्वार्थ की पूर्ति के लिए पाकिस्तान का निर्माण किया। उन्होंने इमरान खान को हिंदुस्तान से सीखने की भी नसीहत दी। उन्होंने ने नसीरुद्दीन शाह के बयान को भी गलत ठहराया।
फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के विवादित बयान पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि वह भारत की सत्ता पर काबिज मोदी सरकार को दिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के बयान का समर्थन करते हुए यह भी कहा था कि पाकिस्तान के निर्माता जिन्ना को पहले से ही पता था, शायद इसलिए उन्होंने मुसलमानों के लिए अलग देश बनाने की बात कही थी।
एएमयू के इतिहास विभाग के अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए प्रो. शहाबुद्दीन इराकी ने कहा कि इमरान खान गलत कह रहे हैं। नसीरुद्दीन शाह भी गलत बोल गए हैं। यह बात गलत है कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यकों पर ज्यादती हो रही है। यहां अल्पसंख्यक के साथ कोई भेदभाव नहीं है। सभी पूरी आजादी से रहते हैं।
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इमरान खान क्या सिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार होता है। वह स्वयं हिंदुस्तान से सीखें। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का बुरा हाल है। मुसलमानों में भी भेदभाव किया जाता है। बलूचिस्तान का हाल बेहद खराब है। प्रो. इराकी ने कहा कि इमरान खान यह भी गलत कह रहे हैं कि जिन्ना ने मुसलमानों की बेहतरी के लिए पाकिस्तान बनवाया था।
यदि ऐसा होता तो वह सभी मुसलमानों को पाकिस्तान ले जाते। दरअसल जिन्ना ने मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि अपनी बेहतरी के लिए पाकिस्तान बनवाया था। वह जानते थे कि नेहरू का प्रधानमंत्री एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद का राष्ट्रपति बनना तय है।
उनका काम इतना बड़ा नहीं था कि वह प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकें। वह यह जानते थे कि अलग देश बनने की स्थिति में उन्हें सबसे बड़ा पद मिल जाएगा और यहीं हुआ भी। प्रो. इराकी का कहना है कि इमरान खान सियासी या जज्बाती बात कर रहे हैं जबकि वह इतिहास के हिसाब से बात कर रहे हैं।
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फिल्म अभिनेता नसीरुद्दीन शाह के विवादित बयान पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि वह भारत की सत्ता पर काबिज मोदी सरकार को दिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार करते हैं। उन्होंने नसीरुद्दीन शाह के बयान का समर्थन करते हुए यह भी कहा था कि पाकिस्तान के निर्माता जिन्ना को पहले से ही पता था, शायद इसलिए उन्होंने मुसलमानों के लिए अलग देश बनाने की बात कही थी।
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एएमयू के इतिहास विभाग के अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए प्रो. शहाबुद्दीन इराकी ने कहा कि इमरान खान गलत कह रहे हैं। नसीरुद्दीन शाह भी गलत बोल गए हैं। यह बात गलत है कि हिंदुस्तान में अल्पसंख्यकों पर ज्यादती हो रही है। यहां अल्पसंख्यक के साथ कोई भेदभाव नहीं है। सभी पूरी आजादी से रहते हैं।
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इमरान खान क्या सिखाएंगे कि अल्पसंख्यकों के साथ कैसा व्यवहार होता है। वह स्वयं हिंदुस्तान से सीखें। पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों का बुरा हाल है। मुसलमानों में भी भेदभाव किया जाता है। बलूचिस्तान का हाल बेहद खराब है। प्रो. इराकी ने कहा कि इमरान खान यह भी गलत कह रहे हैं कि जिन्ना ने मुसलमानों की बेहतरी के लिए पाकिस्तान बनवाया था।
यदि ऐसा होता तो वह सभी मुसलमानों को पाकिस्तान ले जाते। दरअसल जिन्ना ने मुसलमानों के लिए नहीं बल्कि अपनी बेहतरी के लिए पाकिस्तान बनवाया था। वह जानते थे कि नेहरू का प्रधानमंत्री एवं डॉ. राजेंद्र प्रसाद का राष्ट्रपति बनना तय है।
उनका काम इतना बड़ा नहीं था कि वह प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकें। वह यह जानते थे कि अलग देश बनने की स्थिति में उन्हें सबसे बड़ा पद मिल जाएगा और यहीं हुआ भी। प्रो. इराकी का कहना है कि इमरान खान सियासी या जज्बाती बात कर रहे हैं जबकि वह इतिहास के हिसाब से बात कर रहे हैं।