फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Lalitpur people shifted to college building due to heavy water logging

यूपी: बाढ़ के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त, कई बस्तियों में घुसा पानी

Sun, 18 Aug 2019 03:59 AM IST
Prachi Priyam न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ललितपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ललितपुर Published by: Prachi Priyam Updated Sun, 18 Aug 2019 03:59 AM IST
सार

  • गोविंद सागर बांध के गेटों से पानी छोड़ा गया
  • कई मकान और दुकानों में पानी भरा
  • परिवारों को नेहरू महाविद्यालय में डेरा डालना पड़ा

विज्ञापन
Lalitpur people shifted to college building due to heavy water logging
गांव में भरा पानी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गुरुवार शहरवासियों के लिए काफी मुसीबत भरा रहा। नागरिकों को प्रकृति की दोहरी मार झेलनी पड़ी। जहां आसमान से पानी की बरसात हो रही थी, वहीं गोविंद सागर बांध के गेटों से भी पानी छोड़ा जा रहा था। शाम चार बजे ऐसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। बांध के बीस में से बारह साइफनों ने अचानक पानी पकड़ लिया। कुछ ही मिनटों में शहर में पानी ही पानी हो गया। कई मकान और दुकानों में पानी भर गया।  

विज्ञापन


ये भी पढ़ें- एसवाईएल नहर विवाद: आसान नहीं है समाधान, एक सप्ताह में जल शक्ति मंत्रालय दोबारा लेगी बैठक
विज्ञापन


वर्ष 2013 में गोविंद सागर बांध के साइफन चले थे, तब भी लोगों का काफी नुकसान हुआ था। ठीक, सात साल बाद शहरवासियों को एक बार फिर लोगों को  बाढ़ जैसे हालातों का सामना करना पड़ा। चौदह अगस्त को शाम चार बजे गोविंद सागर बांध के गेट खोले गए थे जो शुक्रवार की दोपहर में बंद किए गए। गुरुवार की दोपहर में बांध का जल स्तर तेजी से बढ़ने लगा। इस दौरान बांध के सभी अठारह गेट खोल दिए गए। इसके बाद भी बांध में जल स्तर कम नहीं हुआ। शाम चार बजे बांध के बीस में से बारह साइफनों ने पानी पकड़ लिया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इधर, गेटों से पानी की निकासी हो रही थी, उधर, साइफनों ने अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी। देखते ही देखते ही शहजाद नदी का पानी मोहल्ला नदीपुरा, कांशीराम कॉलोनी, चौबयाना, डोड़ाघाट सहित विभिन्न क्षेत्रों में फैल गया। हाइवे के इर्दगिर्द रहने वाले लोग भी पानी की चपेट में आने से बच नहीं सके। साइफन खोलने की सूचना माइक के माध्यम से दी गई लेकिन जब तक लोग घरों का सामान समेट पाते, तब तक बस्तियों में पानी घुस चुका था।

कई लोग छतों और ऊपरी मंजिल पर चढ़ गए तो कुछ परिवारों को नेहरू महाविद्यालय में डेरा डालना पड़ा, जो लोग ऊपरी मंजिल और छतों पर थे, वे घरों में ही कैद होकर रह गए। मोहल्ला चौबयाना निवासी बिल्ले, विष्णु झा के मकान में नदी का पानी घुस गया। प्रजापति धर्मशाला में भी पानी अंदर प्रवेश कर गया। रामराजा मंदिर के दरवाजे तक पानी पहुंच गया।

नदीपुरा निवासी राजेंद्र साहू के घर में चार, पांच फीट पानी था। उनका कहना है कि पानी के कारण टुल्लू और एलसीडी खराब हो गई। वहीं, अलमारी में रखे कपड़े गीले हो गए। जब बांध का पानी कम हुआ तो घर में जगह-जगह गंदगी पसरी थी। रात भर ऊपरी मंजिल में जागकर निकाली। मछली मार्केट में पांच फुट से ऊपर पानी था। देर शाम स्थिति बिगड़ते देख नाव का इंतजाम किया गया।

ये भी पढ़ें- उत्तराखंड: नौ जिलों में दो दिन भारी बारिश का खतरा, बागेश्वर में मकान ढहा, चार लोग नदी में बहे

जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। एसडीएम मो. कमर को मोहल्ला रावतयाना, गोविंद नगर, एसडीएम ज्ञानेश्वर प्रसाद को मोहल्ला खिरकापुरा, आरएमवी कांशीराम कालोनी, एसडीएम पाली राजेंद्र बहादुर को मोहल्ला चौबयाना, भीमनगर, एसडीएम रमेश चंद्र को मोहल्ला नदीपुरा, तालाबपुरा में लगाया गया।

वहीं, एसडीएम नरेंद्र सिंह को विस्थापित व्यक्तियों को जिस स्थान पर रखा जाएगा, वहां ईओ नगर पालिका के साथ भ्रमण कर उनके खानपान, रहने की समुचित व्यवस्था करेंगे। प्रदेश के श्रम सेवायोजन मंत्री मनोहरलाल पंथ ने भी बांध के खुले गेटों से उत्पन्न स्थिति का जायजा लिया। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा, नगर पालिका अध्यक्ष रजनी साहू के पति घनश्याम साहू ने भी डूब क्षेत्र का भ्रमण किया। उधर, शुक्रवार की सुबह राजस्व विभाग के कर्मियों ने नुकसान का आंकलन का करने के लिए सर्वे प्रारंभ कर दिया है। 

प्रभावित लोग देखते ही सरकारी कर्मियों की राह

जिस समय साइफन का पानी बस्तियों में घुस रहा था, उस दौरान सरकारी कर्मचारी डूब क्षेत्र में नहीं पहुंचे। इस कारण लोगों को खुद ही पानी से बचाव करना पड़ा। कई लोगों को घंटों  भोजन, पानी भी नसीब नहीं हुआ। इस बात को लेकर लोगों में नाराजगी देखी गई। हालांकि, देर रात प्रशासनिक अमला हरकत में दिखा, तब जाकर स्थिति में सुधार दिखा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed