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खैर में सामूहिक हत्याकांड : हत्यारों को सजा से लोग खुश, कॉलोनी में नहीं लौटी रौनक

Wed, 24 Nov 2021 01:07 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 24 Nov 2021 01:07 AM IST
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Khair Murder Case
इसी मकान में हुईं थी खैर में हत्याएं। - फोटो : CITY OFFICE
अलीगढ़-पलवल रोड से चंद कदम अंदर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस के पीछे बसी ब्लॉक कॉलोनी में केदार-हेमलता परिवार के खात्मे की घटना इलाके के लोगों को दंश देकर गई है। एक तरफ जहां केदार-हेमलता के मकान पर आज भी ताला लटक रहा है, कोई उसमें रहने को तैयार नहीं होता है। वहीं, कॉलोनी में अन्य मकानों की कीमतें भी गिर गई हैं। शायद यही वजह है कि इस कॉलोनी में आज भी रौनक नहीं लौटी है। सोमवार को तीन हत्यारों को उम्रकैद की सजा के बाद इलाके के लोगों ने राहत महसूस की है। उन्होंने कहा कि फैसला देरी से आया, लेकिन सजा तो इन हत्यारों को बहुत पहले हो जानी चाहिए थी।
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ब्लॉक कॉलोनी में केदार सिंह अपनी पत्नी हेमलता, दो बच्चों व पिता को लेकर वर्ष 2000 के आसपास आकर बसे थे। 2011 में लोमहर्षक वारदात में पूरे परिवार के खात्मे के बाद लंबे समय तक इस कॉलोनी में लोग दहशत में जीते रहे। जैसे-तैसे समय बीता घटना की यादें हल्की होती चली गईं। मगर जब भी कोई उस मकान के सामने से गुजरता तो यादें ताजा हो जातीं। एक वजह तो यह कि कोई उस मकान को खरीदने या किराये पर रहने तक को लंबे समय तक तैयार न हुआ। बस मकान पर ताला ही पड़ा रहा। केदार के परिवार ने इलाके में रहने वाले लोगों से कह रखा था कि कोई खरीदार या किरायेदार आए तो अपने हिसाब से तय कर लें।
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हालांकि, करीब चार साल पहले पास के गांव कीरथपुर का एक परिवार कुछ समय तक इस मकान में किराये पर रहा। वह भी इसलिए रहा कि पास में ही यह परिवार अपना मकान बनवा रहा था। जब उनका मकान बनकर तैयार हो गया तो वे भी इस मकान खाली कर गए। दो साल पहले किसी तरह लोगों के प्रयास से गांव अंडला के एक व्यक्ति ने इस मकान को खरीद लिया। मगर अब भी उसमें कोई रहने वाला नहीं है। इलाके के लोग स्वीकारते हैं कि इस घटना की वजह से मकान तो खाली है। साथ में कॉलोनी के अन्य मकानों की कीमत भी गिर गई हैं। लोगों को मंगलवार को जब समाचार पत्रों से आरोपियों को सजा की खबर लगी तो उन्होंने राहत महसूस की। मगर एक ही टिप्पणी की कि फैसला देरी से आया है।
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उस समय जैसे तैसे संभाला था पुलिस ने
इस घटना को याद कर पुराने लोग बताते हैं कि परिवार के पांच लोगों की हत्या के आरोपियों को जब पुलिस पकड़कर थाने लाई थी तो उन्हें देखने और उन्हें मौके पर ही सजा देने के लिए लोगों की भीड़ थाने पर टूट पड़ी थी। जैसे तैसे लोगों को पुलिस ने संभाला था। कहा था कि आप लोग क्यों कानून हाथ में लोगे, इन्हें कानून सजा देगा।

नए लोग फोटो देखने को रहे उतावले
सुबह समाचार पत्रों में खबर प्रकाशित होने के बाद वे लोग आरोपियों के फोटो देखने को उतावले रहे, जिन्होंने इन्हें पहले नहीं देखा था या जानते नहीं थे। बस यह सुना था कि ब्लाक कालोनी में परिवार को खत्म करने वाली कभी कोई घटना हुई थी।
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