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Aligarh News: खैर के अधिवक्ताओं ने शुरू किया न्यायालयों का बहिष्कार

Sat, 20 Sep 2025 01:56 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़ Updated Sat, 20 Sep 2025 01:56 AM IST
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Khair lawyers begin boycott of courts
अधिवक्ताओं ने शुक्रवार को तहसील के न्यायालयों का अनिश्चितकालीन बहिष्कार शुरू कर दिया। तीन बजे के बाद बैठक कर निर्णय लिया कि शनिवार को तहसील दिवस में डीएम के सामने प्रदर्शन कर अधिवक्ताओं और वादकारियों की समस्या रखी जाएगी। समस्या का समाधान होने तक न्यायालयों का बहिष्कार जारी रहेगा।
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दि सिविल बार एसोसिएशन के महामंत्री अजय चौहान और संजय शर्मा ने कहा कि ठाकुर अमर सिंह जादौन के नेतृत्व में 11 सितंबर को जिलाधिकारी ज्ञापन देकर बताया गया था कि तहसील में तैनात दोनों उप जिलाधिकारी अभी नए हैं। इससे अधिवक्ता और जनता के कार्य सही नहीं हो पा रहे हैं। किसी अनुभवी उप जिलाधिकारी की नियुक्ति होना आवश्यक है।
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आरोप लगाया कि तहसील में भ्रष्टाचार व्याप्त है। शिकायतों के बावजूद तहसीलदार के स्तर पर कोई सुधार नहीं किया जा रहा। निजी व्यक्तियों के जरिये तहसील में अधिकारी-कर्मचारी अवैध वसूली करा रहे हैं। ग्राम घरबरा, शेरपुर, गिरधरपुर, लालपुर, रैयतपुर की विवादित पत्रावलियां हलका लेखपाल अपने पास रखते हैं। उक्त गांवों में चकबंदी प्रक्रिया निरस्त होने के बावजूद चकबंदी प्रक्रिया के दौरान पारित
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आदेशों का खतौनी में अमल नहीं किया गया। सर्वे लेखपाल चुनिंदा लोगों के साथ सांठगांठ कर केवल संक्रमणीय भूमिधरी के आदेश का अमल कर रहे हैं। गरीब जनता का आर्थिक व मानसिक शोषण किया जा रहा है।
अधिवक्ताओं के यह भी आरोप
- उप निबंधक कार्यालय में दो-दो माह नहीं हो रहे ऑनलाइन दाखिल, जिससे 35 दिन के बजाय 90-95 दिन की नियत की जा रही तारीख।
- 90-95 दिन बाद भी अधिवक्ता नहीं मिल पाने पर दाखिल खारिज की पत्रावलियों को साक्षी की अभाव में किया जा रहा निरस्त।
- लेखपाल बिना विधिक प्रक्रिया के रियल टाइम खतौनी में 80-85% खतौनियों में काश्तकारों के अंश गलत अंकित कर दिए हैं।
- वर्तमान में प्रक्रिया जटिल व कानूनी पेचीदगी में उलझा दिया गया, जिससे किसान अंश निर्धारण व खतौनी दुरुस्त नहीं करा पा रहे।
- तहसीलदार विधिक कार्य नहीं कर रहे। कई बार अपर जिला अधिकारी से शिकायत व एडीएम की हिदायत पर भी विधिक कार्य बंद हैं।
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