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जन्माष्टमी : घर-घर जन्मेंगे कन्हाई, मंदिरों पर रहेगा पहरा
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कृष्ण जन्माष्टमी को लेकर महावीरगंज में कान्हा के लिए कपड़े खरीदती महिलाएं।
- फोटो : CITY OFFICE
कोरोना संक्रमण के कारण 50 साल के इतिहास में पहली बार कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर कान्हा के जन्म की शहर में धूम नहीं मचेगी। श्री वार्ष्णेय मंदिर, पुलिस लाइन, 38वीं पीएसी, रेलवे के मनोरंजन सदन में झांकियां, चरकुला नृत्य, रास, होली लीला, कान्हा जन्मोत्सव की लीलाओं जैसे आयोजन नहीं होंगे। हालांकि, श्रद्धालु घर-घर अपने कान्हा का जन्मोत्सव मना सकेंगे। गौरतलब हो कि कोरोना का संक्रमण रोकने के लिए सभी तरह के सामूहिक धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगी हुई है।
बता दें कि शहर में 1974 से 38वीं वाहिनी पीएसी में डोला और कृष्ण की झांकियां सजाई जाती हैं। यहां मेले जैसा माहौल रहता था। तकरीबन इतना ही पुराना कार्यक्रम पुलिस लाइन में होता रहा है। लगभग 50 सालों से रेलवे के मनोरंजन सदन में कृष्ण जन्मोत्सव का मेला लगता आया है। पुलिस लाइन के रास और भजन संध्या में जहां अधिकारियों के परिवार वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेते थे। वहीं, मनोरंजन सदन में शहरवासी जाया करते थे। श्री वार्ष्णेय मंदिर में कान्हा के जन्मोत्सव के दर्शन करने, जीवंत झांकी देखने और अभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती थी। हरे कृष्ण भक्ति केंद्र द्वारा आयोजित अभिषेक के कार्यक्रम में भी संस्था से जुड़े श्रद्धालु प्रतिभाग करते थे। यह सभी सामूहिक आयोजन कोरोना संक्रमण काल के चलते रद्द ही रहेंगे।
कोरोना संक्रमण के चलते पुलिस लाइन का कार्यक्रम स्थगित रहेगा। सभी साथियों को पहले से ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करें। स्वयं के साथ साथ परिवार को सुरक्षित रखना जरूरी है।
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-मुनिराज जी, एसएसपी।
- कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के चलते मंदिर का कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। सिर्फ मंदिर के सेवादार ही पूजा अर्चना करेंगे। श्रद्धालुओं से अपील है कि वह अपने घरों में ही कान्हा का जन्मोत्सव मनाएं और कोरोना संक्रमण से बचें।
- अनीस अहमद अंसारी, सेनानायक, 38वीं वाहिनी पीएसी।
- सामूहिक रूप कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। अभिषेक के लाइव दर्शन श्रद्धालुओं को सोशल मीडिया के माध्यम से करा दिए जाएंगे। अभी तक मंदिर खोलने के निर्देश नहीं मिले हैं, इसीलिए श्रद्धालु अपने-अपने घरों में ही कान्हा जन्मोत्सव का आनंद लें।
- भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक, मीडिया प्रभारी श्री वार्ष्णेय मंदिर।
- कार्यक्रम स्थगित करने के मामले में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। लेकिन यह भी सही है कि कोरोना के चलते तैयारियां नहीं की जा रही हैं। इसीलिए मनोरंजन सदन में इस बार सामूहिक आयोजन नहीं होगा। मेला भी नहीं लगेगा और लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
डीके गौतम, स्टेशन अधीक्षक।
- कोरोना के चलते अभिषेक का सामूहिक आयोजन नहीं होगा। भक्तों को कोरोना संक्रमण से बचने के नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है। परंपरागत केंद्र के परिवारीजन अभिषेक का आयोजन करेंगे। जिसका दर्शन लाइव कराया जाएगा।
- नित्यानंद दास, अध्यक्ष हरे कृष्ण भक्ति केंद्र।
रविवार को दुकान खोलने की छूट चाहते हैं पूजा सामग्री विक्रेता
शहर में पूजन सामग्री विक्रेता और ठाकुर जी की पोशाक, मूर्ति, माला विक्रेता शनिवार-रविवार को दुकान खोलने की छूट चाहते हैं। दुकानदारों ने बताया कि व्यापार मंडल की तरफ से जिला प्रशासन से मांग की जाएगी कि वह रक्षाबंधन में मिठाई की दुकानों की तरह जन्माष्टमी को देखते हुए शनिवार-रविवार या केवल रविवार को दुकान खोलने की अनुमति दें। जिससे श्रद्धालु खरीदारी कर सकें और दुकानों पर सोमवार-मंगलवार को एकाएक भीड़ नहीं उमड़ेंगी। गौरतलब हो कि शहर में जन्माष्टमी का बाजार खुल चुका है। जिन पर श्रद्धालुओं की खरीददारी जारी है।
जन्माष्टमी पर मथुरा में प्रतिबंधित रहेगा प्रवेश, न जाएं श्रद्धालु
कोरोना संक्रमण के चलते 11 अगस्त से लेकर 13 अगस्त तक मथुरा जनपद में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के सार्वजनिक आयोजनों में पहुंचने वाली भीड़ का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे में अलीगढ़ जिला प्रशासन ने जिले के लोगों से अपील की है कि वह जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा-वृंदावन न जाएं। वहां पर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे में व्यर्थ में परेशान होने की जगह अपने घरों में ही रहें।
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बता दें कि शहर में 1974 से 38वीं वाहिनी पीएसी में डोला और कृष्ण की झांकियां सजाई जाती हैं। यहां मेले जैसा माहौल रहता था। तकरीबन इतना ही पुराना कार्यक्रम पुलिस लाइन में होता रहा है। लगभग 50 सालों से रेलवे के मनोरंजन सदन में कृष्ण जन्मोत्सव का मेला लगता आया है। पुलिस लाइन के रास और भजन संध्या में जहां अधिकारियों के परिवार वाले कार्यक्रम में हिस्सा लेते थे। वहीं, मनोरंजन सदन में शहरवासी जाया करते थे। श्री वार्ष्णेय मंदिर में कान्हा के जन्मोत्सव के दर्शन करने, जीवंत झांकी देखने और अभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती थी। हरे कृष्ण भक्ति केंद्र द्वारा आयोजित अभिषेक के कार्यक्रम में भी संस्था से जुड़े श्रद्धालु प्रतिभाग करते थे। यह सभी सामूहिक आयोजन कोरोना संक्रमण काल के चलते रद्द ही रहेंगे।
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कोरोना संक्रमण के चलते पुलिस लाइन का कार्यक्रम स्थगित रहेगा। सभी साथियों को पहले से ही निर्देश दिए जा चुके हैं कि कोरोना से बचाव के नियमों का पालन करें। स्वयं के साथ साथ परिवार को सुरक्षित रखना जरूरी है।
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-मुनिराज जी, एसएसपी।
- कोरोना संक्रमण के बढ़ते आंकड़ों के चलते मंदिर का कार्यक्रम आयोजित नहीं होगा। सिर्फ मंदिर के सेवादार ही पूजा अर्चना करेंगे। श्रद्धालुओं से अपील है कि वह अपने घरों में ही कान्हा का जन्मोत्सव मनाएं और कोरोना संक्रमण से बचें।
- अनीस अहमद अंसारी, सेनानायक, 38वीं वाहिनी पीएसी।
- सामूहिक रूप कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे। अभिषेक के लाइव दर्शन श्रद्धालुओं को सोशल मीडिया के माध्यम से करा दिए जाएंगे। अभी तक मंदिर खोलने के निर्देश नहीं मिले हैं, इसीलिए श्रद्धालु अपने-अपने घरों में ही कान्हा जन्मोत्सव का आनंद लें।
- भुवनेश वार्ष्णेय आधुनिक, मीडिया प्रभारी श्री वार्ष्णेय मंदिर।
- कार्यक्रम स्थगित करने के मामले में अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। लेकिन यह भी सही है कि कोरोना के चलते तैयारियां नहीं की जा रही हैं। इसीलिए मनोरंजन सदन में इस बार सामूहिक आयोजन नहीं होगा। मेला भी नहीं लगेगा और लोगों को कोरोना संक्रमण से बचने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
डीके गौतम, स्टेशन अधीक्षक।
- कोरोना के चलते अभिषेक का सामूहिक आयोजन नहीं होगा। भक्तों को कोरोना संक्रमण से बचने के नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है। परंपरागत केंद्र के परिवारीजन अभिषेक का आयोजन करेंगे। जिसका दर्शन लाइव कराया जाएगा।
- नित्यानंद दास, अध्यक्ष हरे कृष्ण भक्ति केंद्र।
रविवार को दुकान खोलने की छूट चाहते हैं पूजा सामग्री विक्रेता
शहर में पूजन सामग्री विक्रेता और ठाकुर जी की पोशाक, मूर्ति, माला विक्रेता शनिवार-रविवार को दुकान खोलने की छूट चाहते हैं। दुकानदारों ने बताया कि व्यापार मंडल की तरफ से जिला प्रशासन से मांग की जाएगी कि वह रक्षाबंधन में मिठाई की दुकानों की तरह जन्माष्टमी को देखते हुए शनिवार-रविवार या केवल रविवार को दुकान खोलने की अनुमति दें। जिससे श्रद्धालु खरीदारी कर सकें और दुकानों पर सोमवार-मंगलवार को एकाएक भीड़ नहीं उमड़ेंगी। गौरतलब हो कि शहर में जन्माष्टमी का बाजार खुल चुका है। जिन पर श्रद्धालुओं की खरीददारी जारी है।
जन्माष्टमी पर मथुरा में प्रतिबंधित रहेगा प्रवेश, न जाएं श्रद्धालु
कोरोना संक्रमण के चलते 11 अगस्त से लेकर 13 अगस्त तक मथुरा जनपद में श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव के सार्वजनिक आयोजनों में पहुंचने वाली भीड़ का प्रवेश प्रतिबंधित किया गया है। ऐसे में अलीगढ़ जिला प्रशासन ने जिले के लोगों से अपील की है कि वह जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा-वृंदावन न जाएं। वहां पर प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। ऐसे में व्यर्थ में परेशान होने की जगह अपने घरों में ही रहें।