{"_id":"5de420028ebc3e54a856ebba","slug":"kalindi-express-news-aligarh-news-ali2202935172","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिश्वत न देने पर सिपाहियों ने चार यात्रियों को ट्रेन से उतारा, तीन निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिश्वत न देने पर सिपाहियों ने चार यात्रियों को ट्रेन से उतारा, तीन निलंबित
विज्ञापन
demo pic
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भिवानी जंक्शन से कानपुुर जा रही कालिंदी एक्सप्रेस (14724) में तैनात फर्रुखाबाद जीआरपी के सिपाही पर अवैध रूप से टिकट चेक कर वसूली करने का आरोप लगा है। दिल्ली की एक युवती ने शनिवार रात को मारीपत स्टेशन पर उतारे जाने के बाद 100 नंबर पर फोन कर सूचना दी कि सिपाही ने उसके साथ अभद्रता की।
विज्ञापन
अन्य तीन यात्रियों सहित उसे जबरन ट्रेन से नीचे उतरा दिया गया। इस दौरान उसके पैर में भी चोट लग गई। मामले में जीआरपी आगरा अनुभाग एसपी ने सीओ जीआरपी आगरा अनुराग दर्शन से जांच कराई। जांच में सिपाही कमलेंद्र, उपदेश और शीलेंद्र को दोषी पाए जाने पर एसपी ने तत्काल प्रभाव से तीनों को निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन
वाकया शनिवार रात करीब साढे़ ग्यारह बजे का है। दिल्ली के शाहदरा निवासी युवती राखी ने 100 नंबर पर फोन कर शिकायत की कि वह सहयात्री मुकेश पुत्र सुखराम निवासी रामघाट, बुलंदशहर, सौरभ पुत्र भगवान सिंह, गौरव वर्मा पुत्र भगवान सिंह निवासी लोनी, गाजियाबाद के साथ ट्रेन की स्लीपर बोगी में सफर कर रही थी। सभी के पास जनरल की टिकट थी।
विज्ञापन
जनरल बोगी में भीड़ अधिक होने पर सभी स्लीपर बोगी में खड़े हुए थे। तभी जीआरपी के तीन सिपाही आए और टिकट चेक करने लगे, जबकि सिपाही को यह अधिकार नहीं है। जनरल टिकट देखते ही वह बोगी में सफर कराने के नाम पर पैसे मांगने लगे। पैसे न देने पर उनसे अभद्रता करते हुए ट्रेन से नीचे उतारने लगे। इसी दौरान उसके पैर में चोट लग गई। मामले की जब शिकायत की गई तो वहां आरपीएफ की टीम पहुंची।
इसके बाद उन्हें उपचार के लिए भेजा गया। राखी के अनुसार मामले की शिकायत जीआरपी एसपी आगरा अनुभाग से की गई है। एसपी जीआरपी जोगिंदर सिंह के मुताबिक सीओ आगरा अनुराग दर्शन से प्रकरण की जांच कराई गई। जांच में तीनों सिपाही दोषी पाए गए। इस पर उनको निलंबित कर दिया गया है। सिपाहियों को यात्रियों की टिकट चेक करने का अधिकार नहीं था। अगर, यात्री गलत बोगी मेें सवार थे तो सिपाहियों को टीटीई को इस प्रकरण से अवगत कराना चाहिए था।