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अब पता चलेगा कि अलीगढ़ में दूषित जल आ रहा या निर्मल
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काली नदी के जल की निगरानी के लिए बुलंदशहर एवं कासगंज में स्टेशन बनेगा। जल निगरानी स्टेशन बनने से यह भी पता चल जाएगा कि अलीगढ़ में दूषित जल आ रहा या निर्मल। इसी हिसाब से जल उपचार का प्रयास हो सकता है, ताकि गंगा में दूषित जल न पहुंचे।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहने वाली काली नदी करीब 300 किलोमीटर लंबी है। यह मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा और फार्रुखाबाद जिले से गुजरती हुई कन्नौज में जाकर गंगा से मिलती है। कभी यह नदी जीवनदायनी थी, लेकिन अब गंदे नाले में तब्दील हो गई है। केंद्रीय भू जल बोर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नदी के पानी में अत्यधिक मात्रा में सीसा, मैग्नीज व लोहा जैसे भारी तत्व एवं प्रतिबंधित कीटनाशक अत्यधिक मात्रा में घुल चुके हैं। अब इसका पानी किसी भी प्रयोग के लायक नहीं है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल का कहना है कि नदियों के प्रदूषण को दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हो रहे हैं। बुलंदशहर एवं कासगंज में जल निगरानी स्टेशन बनाने की मंजूरी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिल गई है। इससे पता चल जाएगा कि अलीगढ़ में आकर नदी प्रदूषित हो रही है या पहले से ही दूषित जल आ रहा है। हमलोग पूरी कोशिश करेंगे कि अलीगढ़ में आकर नदी दूषित नहीं हो। कासगंज के स्टेशन से हमें यह जानकारी मिल जाएगी कि हमारे यहां का जल दूषित है या निर्मल।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रयास तेज
अलीगढ़। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में सर्विलांस सेल का गठन किया जाएगा। क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल का कहना है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति मिल गई है। सर्विलांस सेल कैसा होगा और उसके अधिकार क्या होंगे अभी यह स्पष्ट नहीं है। निकट भविष्य में इससे संबंधित गाइड लाइन आने की उम्मीद है।
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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बहने वाली काली नदी करीब 300 किलोमीटर लंबी है। यह मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, एटा और फार्रुखाबाद जिले से गुजरती हुई कन्नौज में जाकर गंगा से मिलती है। कभी यह नदी जीवनदायनी थी, लेकिन अब गंदे नाले में तब्दील हो गई है। केंद्रीय भू जल बोर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस नदी के पानी में अत्यधिक मात्रा में सीसा, मैग्नीज व लोहा जैसे भारी तत्व एवं प्रतिबंधित कीटनाशक अत्यधिक मात्रा में घुल चुके हैं। अब इसका पानी किसी भी प्रयोग के लायक नहीं है। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल का कहना है कि नदियों के प्रदूषण को दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य हो रहे हैं। बुलंदशहर एवं कासगंज में जल निगरानी स्टेशन बनाने की मंजूरी केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिल गई है। इससे पता चल जाएगा कि अलीगढ़ में आकर नदी प्रदूषित हो रही है या पहले से ही दूषित जल आ रहा है। हमलोग पूरी कोशिश करेंगे कि अलीगढ़ में आकर नदी दूषित नहीं हो। कासगंज के स्टेशन से हमें यह जानकारी मिल जाएगी कि हमारे यहां का जल दूषित है या निर्मल।
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प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रयास तेज
अलीगढ़। प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय में सर्विलांस सेल का गठन किया जाएगा। क्षेत्रीय अधिकारी रामगोपाल का कहना है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से अनुमति मिल गई है। सर्विलांस सेल कैसा होगा और उसके अधिकार क्या होंगे अभी यह स्पष्ट नहीं है। निकट भविष्य में इससे संबंधित गाइड लाइन आने की उम्मीद है।
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