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काम पर लौटे जेएन मेडिकल कॉलेज के जूनियर डाॅक्टर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
Updated Fri, 09 Nov 2018 02:15 AM IST
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जेएन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पर बढ़ी मरीजों की भीड़।
- फोटो : Amar Ujala
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज के रेजीडेंट डॉक्टरों की हड़ताल खत्म हो गयी है। इससे दूर-दूर से आने वाले मरीजों को बड़ी राहत मिली है। विश्वविद्यालय से मिले आश्वासन एवं त्योहारों को देखते हुए जूनियर डॉक्टरों ने हड़ताल खत्म करने का फैसला लिया है।
सातवें वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के करीब 450 सदस्य 5 नवंबर से बेमियादी हड़ताल पर चले गए थे। इसकी वजह से जेएन मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गयी थी। इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर में नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा था। इसकी वजह से दूर-दूर से आने वाले गंभीर मरीजों का जीवन संकट में था। खासकर कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के मरीज एवं तीमारदार ज्यादा प्रभावित हो रहे थे।
कॉलेज प्रशासन द्वारा पहले ही हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया गया था। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी डॉक्टरों को त्यौहार का हवाला देकर समझाने का प्रयास किया था। बुधवार को जूनियर डॉक्टर ट्रॉमा सेंटर के सामने टेंट लगाकर धरना पर बैठ गए थे। हालांकि यह भी तय हुआ था कि यदि धरना में पर्याप्त चिकित्सक उपस्थित नहीं रहते हैं तो धरना खत्म कर दिया जाएगा। यहीं हुआ भी। बुधवार आधी रात को विश्वविद्यालय के अधिकारी आरडीए पदाधिकारी से मिले और त्योहार को देखते हुए हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया।
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इसके साथ ही उनकी मांगों के प्रति सहानुभूति दर्शाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी ने करीब रात्रि करीब ढाई बजे हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी। हालांकि उनका कहना है कि त्योहार को देखते हुए हड़ताल का निर्णय वापस लिया गया है।
त्योहार एवं अधिकारियों के आश्वासन को देखते हुए हड़ताल खत्म कर दी गई है। सभी जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए है। अब नवंबर मध्य में जीबीएम में आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। सातवें वेतनमान को लेकर वे लोग कानूनी सलाह भी ले रहे हैं। जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
- डॉ. अब्दुल्लाह आजमी, अध्यक्ष, आरडीए
जूनियर डॉक्टर हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आए हैं। इससे मरीजों खासकर निर्धन परिवार के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। रात्रि में ट्रॉमा सेंटर के सामने टेंट लगाया था लेकिन सुबह में उसे हटा लिया गया है। आरडीए पदाधिकारियों से मिलने का प्रयास किया लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर लौट आयी हैं।
- प्रो. एससी शर्मा, डीन, मेडिसन फैकल्टी एवं प्रिंसिपल, जेएन मेडिकल कॉलेज
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सातवें वेतनमान सहित अन्य मांगों को लेकर रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के करीब 450 सदस्य 5 नवंबर से बेमियादी हड़ताल पर चले गए थे। इसकी वजह से जेएन मेडिकल कॉलेज की स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गयी थी। इमरजेंसी एवं ट्रॉमा सेंटर में नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा था। इसकी वजह से दूर-दूर से आने वाले गंभीर मरीजों का जीवन संकट में था। खासकर कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के मरीज एवं तीमारदार ज्यादा प्रभावित हो रहे थे।
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कॉलेज प्रशासन द्वारा पहले ही हड़ताल को अवैध घोषित कर दिया गया था। जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी डॉक्टरों को त्यौहार का हवाला देकर समझाने का प्रयास किया था। बुधवार को जूनियर डॉक्टर ट्रॉमा सेंटर के सामने टेंट लगाकर धरना पर बैठ गए थे। हालांकि यह भी तय हुआ था कि यदि धरना में पर्याप्त चिकित्सक उपस्थित नहीं रहते हैं तो धरना खत्म कर दिया जाएगा। यहीं हुआ भी। बुधवार आधी रात को विश्वविद्यालय के अधिकारी आरडीए पदाधिकारी से मिले और त्योहार को देखते हुए हड़ताल खत्म करने का आग्रह किया।
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इसके साथ ही उनकी मांगों के प्रति सहानुभूति दर्शाते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिया। इसके बाद आरडीए अध्यक्ष डॉ. अब्दुल्लाह आजमी ने करीब रात्रि करीब ढाई बजे हड़ताल खत्म करने की घोषणा कर दी। हालांकि उनका कहना है कि त्योहार को देखते हुए हड़ताल का निर्णय वापस लिया गया है।
त्योहार एवं अधिकारियों के आश्वासन को देखते हुए हड़ताल खत्म कर दी गई है। सभी जूनियर डॉक्टर काम पर लौट आए है। अब नवंबर मध्य में जीबीएम में आगे की रणनीति पर विचार किया जाएगा। सातवें वेतनमान को लेकर वे लोग कानूनी सलाह भी ले रहे हैं। जरूरत पड़ी तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
- डॉ. अब्दुल्लाह आजमी, अध्यक्ष, आरडीए
जूनियर डॉक्टर हड़ताल खत्म कर काम पर लौट आए हैं। इससे मरीजों खासकर निर्धन परिवार के मरीजों को बड़ी राहत मिली है। रात्रि में ट्रॉमा सेंटर के सामने टेंट लगाया था लेकिन सुबह में उसे हटा लिया गया है। आरडीए पदाधिकारियों से मिलने का प्रयास किया लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। स्वास्थ्य सेवाएं पटरी पर लौट आयी हैं।
- प्रो. एससी शर्मा, डीन, मेडिसन फैकल्टी एवं प्रिंसिपल, जेएन मेडिकल कॉलेज