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जमीरउल्लाह फिर साइकिल पर सवार होने को तैयार
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मोहम्मद सगीर।
- फोटो : CITY OFFICE
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समाजवादी पार्टी से दो बार विधायक रह चुके जमीरउल्लाह खां की घर वापसी की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। औपचारिक एलान होना बाकी है। उन्होंने सोमवार को लखनऊ में पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव से मुलाकात की। वहीं, बसपा के पूर्व नेता मोहम्मद सगीर ने पार्टी की सदस्यता ली।
लखनऊ पहुुंचे पूर्व विधायक जमीरउल्लाह खां ने अखिलेश यादव से मुलाकात की। उनसे अलीगढ़ से लेकर प्रदेश तक की सियासत पर घंटों बातचीत हुई। हालांकि, पार्टी की सदस्यता लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका एलान चार नवंबर को होगा। यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी। सियासी गलियारों में जमीरउल्लाह के पार्टी में शामिल हो जाने को लेकर चर्चाएं हैं।
बसपा, कांग्रेस में रह चुके हैं जमीरउल्लाह
शहर विधानसभा व कोल विधानसभा क्षेत्र से सपा से जमीरउल्लाह खां विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव से पहले सपा में दो फाड़ हो गया था। कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव पार्टी से अलग हो गए थे। जमीरउल्लाह खां को शिवपाल सिंह के खेमे का माना गया था। इसलिए अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। बावजूद इसके वह निर्दलीय कोल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। उसके बाद वह बसपा में चले गए, जहां उन्हें अपनी वाकपटुता के चलते निष्कासित कर दिया गया था। लोकसभा चुनाव के दौरान पूर्व विधायक जमीरउल्लाह खां को नई दिल्ली में कांग्रेस के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी में शामिल कराया था। इससे पहले जमीरउल्लाह खां के आवास पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, करण दलाल ने भोजन किया था।
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पार्टी जैसा कहेगी, वैसा करेंगे : सगीर
अलीगढ़। हाथी से साइकिल पर सवार होने वाले एमएस ट्रैवल्स के मालिक मोहम्मद सगीर ने कहा कि पार्टी जैसा कहेगी, वैसा करेंगे। लखनऊ से अमर उजाला को उन्होंने बताया कि सपा की सदस्यता लेने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की।
मोहम्मद सगीर ने कहा कि वह वर्ष 1996 से बसपा में थे, लेकिन वर्ष 2006 में महापौर के चुनाव में पार्टी ने टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने बसपा छोड़ दी और रालोद से चुनाव लड़ा। हालांकि, पार्टी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बुलावे पर पुन: पार्टी में आ गए थे। वर्ष 2017 में बसपा से छर्रा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी थी। सगीर ने कहा कि एनआरसी, सीएए, एनपीआर के मुद्दे पर बसपा का रुख देखकर उनका मोहभंग हो गया। फिर, तीन-चार महीने पहले उन्होंने पार्टी से त्याग पत्र दे दिया था। सपा की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने कहा कि वैसे तो उन्होंने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मांगा है। अगर पार्टी टिकट देती है तो वह कोल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव अवश्य लड़ेंगे।
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लखनऊ पहुुंचे पूर्व विधायक जमीरउल्लाह खां ने अखिलेश यादव से मुलाकात की। उनसे अलीगढ़ से लेकर प्रदेश तक की सियासत पर घंटों बातचीत हुई। हालांकि, पार्टी की सदस्यता लेने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इसका एलान चार नवंबर को होगा। यह एक शिष्टाचार मुलाकात थी। सियासी गलियारों में जमीरउल्लाह के पार्टी में शामिल हो जाने को लेकर चर्चाएं हैं।
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बसपा, कांग्रेस में रह चुके हैं जमीरउल्लाह
शहर विधानसभा व कोल विधानसभा क्षेत्र से सपा से जमीरउल्लाह खां विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव से पहले सपा में दो फाड़ हो गया था। कद्दावर नेता शिवपाल सिंह यादव पार्टी से अलग हो गए थे। जमीरउल्लाह खां को शिवपाल सिंह के खेमे का माना गया था। इसलिए अखिलेश यादव ने उन्हें टिकट नहीं दिया था। बावजूद इसके वह निर्दलीय कोल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। उसके बाद वह बसपा में चले गए, जहां उन्हें अपनी वाकपटुता के चलते निष्कासित कर दिया गया था। लोकसभा चुनाव के दौरान पूर्व विधायक जमीरउल्लाह खां को नई दिल्ली में कांग्रेस के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी में शामिल कराया था। इससे पहले जमीरउल्लाह खां के आवास पर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा, करण दलाल ने भोजन किया था।
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पार्टी जैसा कहेगी, वैसा करेंगे : सगीर
अलीगढ़। हाथी से साइकिल पर सवार होने वाले एमएस ट्रैवल्स के मालिक मोहम्मद सगीर ने कहा कि पार्टी जैसा कहेगी, वैसा करेंगे। लखनऊ से अमर उजाला को उन्होंने बताया कि सपा की सदस्यता लेने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की।
मोहम्मद सगीर ने कहा कि वह वर्ष 1996 से बसपा में थे, लेकिन वर्ष 2006 में महापौर के चुनाव में पार्टी ने टिकट नहीं दिया। इसके बाद उन्होंने बसपा छोड़ दी और रालोद से चुनाव लड़ा। हालांकि, पार्टी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी के बुलावे पर पुन: पार्टी में आ गए थे। वर्ष 2017 में बसपा से छर्रा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन कामयाबी नहीं मिल सकी थी। सगीर ने कहा कि एनआरसी, सीएए, एनपीआर के मुद्दे पर बसपा का रुख देखकर उनका मोहभंग हो गया। फिर, तीन-चार महीने पहले उन्होंने पार्टी से त्याग पत्र दे दिया था। सपा की सदस्यता लेने के बाद उन्होंने कहा कि वैसे तो उन्होंने विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मांगा है। अगर पार्टी टिकट देती है तो वह कोल विधानसभा क्षेत्र से चुनाव अवश्य लड़ेंगे।

पूर्व विधायक जमीर उल्लाह खान।- फोटो : CITY OFFICE