{"_id":"61200b248ebc3e79eb1951c7","slug":"irregularities-in-the-construction-of-public-toilets-city-office-news-ali271155746","type":"story","status":"publish","title_hn":"अलीगढ़ः सामुदायिक शौचालय निर्माण में अनियमितताएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अलीगढ़ः सामुदायिक शौचालय निर्माण में अनियमितताएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वच्छ भारत मिशन के तहत सामुदायिक शौचालयों के निर्माण में अनियमितताओं की भरमार है। स्वतंत्र एजेंसी रीजनल सेंटर फार अर्बन एंड एन्वायरमेंट स्टडीज द्वारा 184 शौचालयों की जांच में यह खुलासा हुआ है। धनीपुर ब्लॉक को छोड़कर कहीं भी सोलर पैनल नहीं लगे हैं तो कई स्थानों पर शौचालयों के सेप्टिक टैंक में दो के बजाय एक ही पिट बना है। 174 शौचालयों के संपर्क मार्ग जर्जर हैं। यहां बरसात में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। पिछले साल हुए सर्वे में अलीगढ़ प्रदेश में दूसरे स्थान पर था। लेकिन निर्माण की आपाधापी में शौचालय निर्माण के मानकों को ताक पर रख दिया गया। स्वतंत्र एजेंसी की जांच में इसका खुलासा हुआ। एजेंसी की एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 184 ग्राम पंचायतों के सामुदायिक शौचालयों की जांच हो सकी है। इनमें से धनीपुर ब्लाक को छोड़कर कहीं भी सोलर पैनल नहीं लगे हैं। जबकि हर सामुदायिक शौचालय में सोलर पैनल अनिवार्य है। ताकि महिलाएं एवं पुरुष रात्रि में असुविधा महसूस न करें। कुछ जगहों पर शौचालय के सेप्टिक टैंक में दो के बजाय एक ही पिट बना है। जबकि ग्रे वाटर के लिए एक पिट और दूसरा पिट ब्लैक वाटर के लिए बनना चाहिये। 174 सामुदायिक शौचालयों के संपर्क मार्ग जर्जर मिले हैं। इसकी रिपोर्ट जिला पंचायत राज विभाग को दे दी गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि इन सभी कमियों को दूर कराया जा रहा है।
नौ ग्राम पंचायतों में है अड़चन
जिले की नौ ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर ब्रेक लगा हुआ है। अधूरे संगठन वाली दो पंचायतों के अलावा जिले की तीन पंचायतों के प्रधान जेल में हैं। इनमें धनीपुर ब्लॉक की सिंधौली, जवां की दवथा, बिजौली की खडौआ शामिल हैं। अकराबाद ब्लाक के कठैरा में ग्राम प्रधान की मौत हो चुकी है। वहीं, शहर से सटी तीन नई पंचायत रामगढ़ पंजीपुर, महेशपुर व मंजूरगढ़ी में भुगतान में दिक्कत आ रही हैं। इसके चलते इन पंचायतों में भी काम रुका हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले की सभी ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। पिछले साल हुए सर्वे में अलीगढ़ प्रदेश में दूसरे स्थान पर था। लेकिन निर्माण की आपाधापी में शौचालय निर्माण के मानकों को ताक पर रख दिया गया। स्वतंत्र एजेंसी की जांच में इसका खुलासा हुआ। एजेंसी की एक अधिकारी ने बताया कि अब तक 184 ग्राम पंचायतों के सामुदायिक शौचालयों की जांच हो सकी है। इनमें से धनीपुर ब्लाक को छोड़कर कहीं भी सोलर पैनल नहीं लगे हैं। जबकि हर सामुदायिक शौचालय में सोलर पैनल अनिवार्य है। ताकि महिलाएं एवं पुरुष रात्रि में असुविधा महसूस न करें। कुछ जगहों पर शौचालय के सेप्टिक टैंक में दो के बजाय एक ही पिट बना है। जबकि ग्रे वाटर के लिए एक पिट और दूसरा पिट ब्लैक वाटर के लिए बनना चाहिये। 174 सामुदायिक शौचालयों के संपर्क मार्ग जर्जर मिले हैं। इसकी रिपोर्ट जिला पंचायत राज विभाग को दे दी गई है। जिला पंचायत राज अधिकारी धनंजय जायसवाल ने बताया कि इन सभी कमियों को दूर कराया जा रहा है।
विज्ञापन
नौ ग्राम पंचायतों में है अड़चन
जिले की नौ ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों पर ब्रेक लगा हुआ है। अधूरे संगठन वाली दो पंचायतों के अलावा जिले की तीन पंचायतों के प्रधान जेल में हैं। इनमें धनीपुर ब्लॉक की सिंधौली, जवां की दवथा, बिजौली की खडौआ शामिल हैं। अकराबाद ब्लाक के कठैरा में ग्राम प्रधान की मौत हो चुकी है। वहीं, शहर से सटी तीन नई पंचायत रामगढ़ पंजीपुर, महेशपुर व मंजूरगढ़ी में भुगतान में दिक्कत आ रही हैं। इसके चलते इन पंचायतों में भी काम रुका हुआ है।
विज्ञापन