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Aligarh News: सड़क के किनारे खेत में फेंक गए आयरन फोलिक एसिड के सिरप
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गांव कसेर में सड़क किनारे पड़े सिरप। संवाद
- फोटो : samvad
गंगीरी ब्लॉक की ग्राम पंचायत कसेर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर से करीब 300 मीटर दूर सड़क के किनारे एक खेत में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा वितरित किए जाने वाले आयरन फोलिक एसिड सिरप आईपी का कर्टन पड़ा मिला। खेत में सिरप का कर्टन देख कर ग्रामीणों ने इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी। इस सिरप पर उत्पादन तिथि 2025 और एक्सपायरी डेट (समाप्ति तिथि) 2027 अंकित है।
ग्रामीणों के अनुसार गांव की ही एक महिला इस कर्टन को खेत में डाल गई थी। ग्रामीण नरेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और कुछ सिरप अपने साथ ले गए। मौके पर करीब दो दर्जन से अधिक सिरप पड़े थे।
बता दें कि कुछ दिन पूर्व गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर एक कैंप आयोजित किया गया था, जिसमें गर्भवती महिलाओं को दवाइयों का वितरण किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि वितरण के दौरान बची हुई दवाओं को किसी आशा कार्यकर्ता द्वारा खेत में फेंक दिया गया हो। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है।
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इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छर्रा के अधीक्षक डॉ. कुशलपाल ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी दवाओं की बर्बादी न हो।
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ग्रामीणों के अनुसार गांव की ही एक महिला इस कर्टन को खेत में डाल गई थी। ग्रामीण नरेंद्र कुमार ने बताया कि सूचना मिलने पर गांव के कुछ लोग वहां पहुंचे और कुछ सिरप अपने साथ ले गए। मौके पर करीब दो दर्जन से अधिक सिरप पड़े थे।
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बता दें कि कुछ दिन पूर्व गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर एक कैंप आयोजित किया गया था, जिसमें गर्भवती महिलाओं को दवाइयों का वितरण किया गया था। आशंका जताई जा रही है कि वितरण के दौरान बची हुई दवाओं को किसी आशा कार्यकर्ता द्वारा खेत में फेंक दिया गया हो। हालांकि, अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग में हलचल मच गई है।
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इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छर्रा के अधीक्षक डॉ. कुशलपाल ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी। इधर, स्थानीय ग्रामीणों ने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि सरकारी दवाओं की बर्बादी न हो।