Good News: प्रशासन आज करेगा समीक्षा, 1.27 लाख निवेशकों के 125 करोड़ रुपये होंगे वापस
रकम दोगुना करने का लालच देकर पिछले 10 वर्षों में जिले में चिटफंड कंपनियों ने एजेंटों के माध्यम से निवेशकों से निवेश कराया। जगह-जगह अपने कार्यालय खोले। निवेश की जो समय सीमा दी गई थी, उससे पहले ही कंपनियां अपने कार्यालय समेट कर भाग गईं।
विस्तार
करीब 90 से अधिक चिटफंड कंपनियों में जिले के 1.27 लाख निवेशकों के फंसे 125 करोड़ रुपये वापस करने के लिए 4 मार्च को प्रशासन मंथन करने जा रहा है। शासन की पहल पर इन निवेशकों को अपनी रकम वापसी की आस हो चली है। अब तक 80 हजार आवेदकों के आवेदन की फीडिंग भी हो चुकी है।
रकम दोगुना करने का लालच देकर पिछले 10 वर्षों में जिले में चिटफंड कंपनियों ने एजेंटों के माध्यम से निवेशकों से निवेश कराया। जगह-जगह अपने कार्यालय खोले। निवेश की जो समय सीमा दी गई थी, उससे पहले ही कंपनियां अपने कार्यालय समेट कर भाग गईं। अब शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी स्तर से निवेशकों को पैसा वापस करने की प्रक्रिया शुरू की गई है।
चिटफंड कंपनियों के झांसे में आने वाले लोगों का पैसा वापस कराने के लिए आवेदनों की फीडिंग का काम जारी है। इसी संबंध में 4 को बैठक होने जा रही है। इसमें प्रक्रिया के तेज करने पर विचार किया जाएगा। - मीनू राणा, एडीएम वित्त एवं राजस्व
विज्ञापन विज्ञापन
मुख्य कंपनियां- निवेशक
- पल्स- 80 हजार
- कल्पतरु- 10 हजार
- साईं प्रसाद- 10 हजार
- सक्षम चिट कंपनी- 2.2 हजार
- बीएनपी चिटफंड कंपनी- 2 हजार
- उपहार कंपनी- 1.4 हजार
- एचबीएन-1.5 हजार
- सनसाइन - 1.5 हजार
- जीवन समृद्धि - 1 हजार