ओहदेदार हो जाओ सावधान: लेखपाल की रिश्वतखोरी से आगे बढ़ी जांच...कितनों पर गिरेगी गाज ?
फरवरी में लेखपाल नारायण प्रताप सिंह को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था। जिस पर मुकदमे के बाद उसे मेरठ कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेजा गया था। इस मामले में डीएम स्तर से लेखपाल को निलंबित किया गया था। कुछ लेखपालों के क्षेत्र भी बदले गए थे।
विस्तार
अलीगढ़ के धनीपुर स्थित अलीगढ़ एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के भूमि अधिग्रहण में रिश्वतखोरी के आरोप में गिरफ्तार लेखपाल से जुड़ी जांच महकमे के कई ओहदेदारों तक पहुंच रही है। यह साफ हो रहा है कि वह अकेले इस भ्रष्टाचार में शामिल नहीं था। विजिलेंस स्तर से जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर कुछ विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों के नाम मुकदमे में शामिल किए जा सकते हैं। जिसके विषय में जिला प्रशासन को सूचना भी भेजे जाने की तैयारी चल रही है।
एयरपोर्ट के रनवे विस्तार के लिए भूमि अग्रिहण के दौरान एक किसान द्वारा विजिलेंस से शिकायत की गई थी। जिसमें कहा गया था कि किसान को जिस भूमि का पट्टा पूर्व में हुआ। उसको संक्रमणीय करा लिया गया। उसी जमीन का बैनामा हो रहा था। उसमें आवंटन से पहले एक नलकूप लगा हुआ था। लेखपाल उस नलकूप वाली जमीन को एक बीघा घटाकर रिपोर्ट देने की जिद पर अड़ा था। उसके बदले रिश्वत मांग रहा था। वहीं किसान का तर्क था कि जब उसे नलकूप सहित भूमि का पट्टा हुआ तो जमीन अब एक बीघा कम क्यों होगी।
शिकायत पर काम करते हुए फरवरी में लेखपाल नारायण प्रताप सिंह को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था। जिस पर मुकदमे के बाद उसे मेरठ कोर्ट में पेश किया गया और जेल भेजा गया था। इस मामले में डीएम स्तर से लेखपाल को निलंबित किया गया था। कुछ लेखपालों के क्षेत्र भी बदले गए थे। साथ में एडीएम वित्त व एडीएम प्रशासन को इलाके में कैंप लगा कर बैनामा निस्तारण के निर्देश दिए थे। तब बैनामों की प्रक्रिया पूरी हुई।
इधर, विजिलेंस जांच में उजागर हुआ था कि यह अकेला प्रकरण नहीं। लेखपाल ने अनगिनत मामलों में गोलमाल किया। उजागर हुआ कि दो दलालों के जरिये किसानों से बात होती थी। लेखपाल किसानों के मनमर्जी रिपोर्ट लगाता था। उसी आधार पर बैनामे होते थे। जिसके बदले में वह रकम लेता था। विजिलेंस ने इन तथ्यों पर भी काम किया कि इस गोलमाल में और कौन कौन अधिकारी शामिल रहते थे। विभागीय सूत्र बताते हैं कि इसी आधार पर कुछ नाम सामने आए हैं। जिनके विषय में जिला प्रशासन को जानकारी भेजी जा रही है। उसी आधार पर आगे मुकदमे में उन्हें शामिल किए जाने की तैयारी है।
लेखपाल के खिलाफ चार्जशीट की तैयारी, अभियोजन स्वीकृति मांगी
भ्रष्टाचार के मुकदमे में जेल भेजे गए लेखपाल के खिलाफ विजिलेंस ने चार्जशीट तैयार कर ली है। उसे कोर्ट में दाखिल करने से पहले शासन से अभियोजन स्वीकृति ली गई। बताया गया है कि शासन स्तर से सहमति मिल गई है। उस पर डीएम स्तर से भी अपनी स्वीकृति दी जाएगी। इस संबंध में विजिलेंस की ओर से डीएम को पत्राचार किया गया है। डीएम की स्वीकृति मिलते ही विजिलेंस द्वारा लेखपाल पर चार्जशीट दायर कर दी जाएगी, क्योंकि गिरफ्तारी के तीन माह के अंदर चार्जशीट दायर करने का नियम है।
अभियोजन स्वीकृति को लेकर अभी तक कोई पत्रावली नहीं प्राप्त हुई है। जैसे ही प्राप्त होगी, उसी अनुसार संस्तुति कर भेजी जाएगी। रहा सवाल अन्य लोगों के नाम को लेकर तो जैसा पत्राचार होगा, उसके अनुसार जवाब दिया जाएगा।-विशाख जी, डीएम