{"_id":"68f79c2cba2edc644d0ee797","slug":"innocent-child-dies-after-tractor-starts-playing-2025-10-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिवाली पर उजड़ गईं खुशियां: खेल-खेल में चालू हुए ट्रैक्टर से मासूम की मौत, बहन जिंदगी-मौत से जूझ रही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिवाली पर उजड़ गईं खुशियां: खेल-खेल में चालू हुए ट्रैक्टर से मासूम की मौत, बहन जिंदगी-मौत से जूझ रही
Tue, 21 Oct 2025 08:14 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Tue, 21 Oct 2025 08:14 PM IST
सार
परिवार ने देर रात को कविश का अंतिम संस्कार कर दिया,वह चार बहनों के बीच इकलौता भाई था। इकलौते बेटे की मौत के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मां, पिता और दादा बेसुध हैं। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया और लोगों का त्योहार फीका पड़ गया।
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इसी ट्रेक्टर की चपेट में आए थे कविश और दिव्या
- फोटो : संवाद
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विस्तार
दिवाली पर एक परिवार की खुशियां उस समय उजड़ गईं कि जब इकलौता बेटा और बेटी बच्चों के साथ ट्रैक्टर के समीप खेलते समय ट्रैक्टर के अचानक चालू होने से उसकी चपेट में आ गए, जिससे मासूम की मौके पर मौत हो गई, जबकि चार साल की बहन अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है।
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टप्पल के गांव सालपुर निवासी भीमसेन डागुर का परिवार 20 अक्तूबर दोपहर को दिवाली की खुशियों में व्यस्त था। उन्होंने बताया कि उनके बड़े बेटे कर्मवीर और छोटे बेटे राजीव की चार बेटियां और एक बेटा बरामदे में खड़े ट्रैक्टर पर खेल रहे थे, जिसमें से राजीव का बेटा कविश (2.5) और बेटी दिव्या (4) ट्रैक्टर के आगे खेल रहे थे। अचानक से बच्चों से ट्रैक्टर चालू होने से कविश और दिव्या दीवार और ट्रैक्टर की बीच में आ गए, कविश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, दिव्या का सिर और चेहरा कुचल गया। बच्चों की चीख सुनकर आईं महिलाओं ने हालत देख शोर मचाकर पड़ोस के लोगों को बुलाया, ट्रैक्टर का पिछला पहिये घूम रहे थे लोगों ने ट्रैक्टर बंदकर उसे पीछा खींचा और बच्चों को बाहर निकाला।
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चार बहनों के बीच इकलौता भाई था
अस्पताल में डॉक्टरों ने कविश डागुर को मृत घोषित कर दिया, दिव्या का जेवर के कैलाश अस्पताल में इलाज चल रहा है। परिवार ने देर रात को कविश का अंतिम संस्कार कर दिया,वह चार बहनों के बीच इकलौता भाई था। इकलौते बेटे की मौत के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। मां, पिता और दादा बेसुध हैं। घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया और लोगों का त्योहार फीका पड़ गया।
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पिता बच्चों के लिए पटाखे लेने जट्टारी गए थे
बीएसएफ में कार्यरत राजीव डागुर दिवाली के अवकाश पर घर आया था। घटना के समय दोपहर को वह चचेरे भाई मंजीत के साथ बच्चों के पटाखे व बाइक खरीदने कस्बा जट्टारी गया था। मां सर्वेश घर के काम में जुटीं थीं। दादा भीमसेन छोटे बेटे राहुल के साथ खेतों पर पानी लगा रहे थे।