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‘डर्टी इंडिया’ का दाग मिटाने को किया भारत भ्रमण
अलीगढ़
Updated Tue, 29 Dec 2015 02:11 AM IST
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देश के माथे पर लगे ‘डर्टी इंडिया’ का दाग धोने के लिए 13 महीने और 10 दिनों में 25 राज्यों में करीब 20 हजार किलोमीटर साइकिल यात्रा करने वाले अभिषेक शर्मा का सोमवार को अलीगढ़ में भव्य स्वागत किया गया। महाजन पैलेस में विश्व ब्राह्मण संगठन के प्रदेश अध्यक्ष एवं भाजपा नेता राजेश भारद्वाज ने कानपुर विश्वविद्यालय से पर्यावरण विज्ञान से एमएससी करने के बाद रिसर्च कर रहे अभिषेक शर्मा का प्रतीक चिन्ह एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित गया।
अभिषेक शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर उन्होंने स्वच्छ भारत के लिए अभियान पर निकला। शुरू में परिवार के लोगों ने भी सहयोग नहीं किया लेकिन यात्रा पूरी करने एवं उसका रिजल्ट आने के बाद सब लोग समर्थन कर रहे है।
उन्होंने कहा कि गूगल पर सर्च करने पर भारत की छवि डर्टी इंडिया के रूप में है। इस छवि को तोड़ने एवं देश में सफाई के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए उन्होंने इस यात्रा की शुरूआत की। पूरी यात्रा के दौरान तीन साइकिलें बदली। मुश्किलें भी आई लेकिन सहयोगी भी मिले और यात्रा पूरा किया। मोदी ने बुलाकर स्वयं शाबासी दी।
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उन्होंने 14 नवंबर 2014 को कानपुर के फतेहगढ़ से यात्रा आरंभ की थी और 22 दिसंबर 2015 को दिल्ली में आकर समापन किया। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज अलीगढ़ के थे। पिता ब्रजेश कुमार शर्मा बरेली में पुलिस विभाग में है। यात्रा के दौरान मैसूर सबसे सुंदर एवं साफ-सुथरा नजर आया। इसके अतिरिक्त कई गांव एवं शहरों में कचरा प्रबंधन का शानदार तकनीक इस्तेमाल करते हुए लोगों को देखा।
उन्होंने कहा कि नगर निगम एवं नगर पालिका मेहनत करे तो कचरे एवं गंदगी की समस्या से निजात मिल सकता है और भारत स्वच्छ एवं सुंदर बन सकता है। अभिषेक का कहना है कि गंदगी अशिक्षित एवं गरीब लोग नहीं बल्कि शिक्षित एवं धनी लोग फैला रहे है। उन्होंने कहा कि वेस्ट मटेरियल को कैटेगरी बनाकर कैश में बदला जा सकता है। स्वागत करने वालों में अमित शर्मा, रवि शर्मा, आशीष गौड़, अनुराग पांडेय, मुकुल वशिष्ठ, विनोद शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, मनोज भारद्वाज आदि मौजूद थे।
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अभिषेक शर्मा ने पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरित होकर उन्होंने स्वच्छ भारत के लिए अभियान पर निकला। शुरू में परिवार के लोगों ने भी सहयोग नहीं किया लेकिन यात्रा पूरी करने एवं उसका रिजल्ट आने के बाद सब लोग समर्थन कर रहे है।
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उन्होंने कहा कि गूगल पर सर्च करने पर भारत की छवि डर्टी इंडिया के रूप में है। इस छवि को तोड़ने एवं देश में सफाई के प्रति जागरूकता पैदा करने के लिए उन्होंने इस यात्रा की शुरूआत की। पूरी यात्रा के दौरान तीन साइकिलें बदली। मुश्किलें भी आई लेकिन सहयोगी भी मिले और यात्रा पूरा किया। मोदी ने बुलाकर स्वयं शाबासी दी।
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उन्होंने 14 नवंबर 2014 को कानपुर के फतेहगढ़ से यात्रा आरंभ की थी और 22 दिसंबर 2015 को दिल्ली में आकर समापन किया। उन्होंने बताया कि उनके पूर्वज अलीगढ़ के थे। पिता ब्रजेश कुमार शर्मा बरेली में पुलिस विभाग में है। यात्रा के दौरान मैसूर सबसे सुंदर एवं साफ-सुथरा नजर आया। इसके अतिरिक्त कई गांव एवं शहरों में कचरा प्रबंधन का शानदार तकनीक इस्तेमाल करते हुए लोगों को देखा।
उन्होंने कहा कि नगर निगम एवं नगर पालिका मेहनत करे तो कचरे एवं गंदगी की समस्या से निजात मिल सकता है और भारत स्वच्छ एवं सुंदर बन सकता है। अभिषेक का कहना है कि गंदगी अशिक्षित एवं गरीब लोग नहीं बल्कि शिक्षित एवं धनी लोग फैला रहे है। उन्होंने कहा कि वेस्ट मटेरियल को कैटेगरी बनाकर कैश में बदला जा सकता है। स्वागत करने वालों में अमित शर्मा, रवि शर्मा, आशीष गौड़, अनुराग पांडेय, मुकुल वशिष्ठ, विनोद शर्मा, ओमप्रकाश शर्मा, मनोज भारद्वाज आदि मौजूद थे।