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बकरीदः मोहब्बत मांगती है कुर्बानी

Mon, 12 Aug 2019 08:18 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2019 08:18 PM IST
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id ul azha
ईद उल जुहा पर एक दूसरे को गले लगकर मुबारकबाद देते बच्चे। - फोटो : CITY OFFICE
ईद-उल-जुहा (बकरीद) का त्योहार अमन चैन के साथ मनाया जा रहा है। तीन दिन का ये त्योहार सोमवार को बकरीद की नमाज के साथ शुरू हो गया है। बारिश नहीं होने से ईदगाहों से लेकर दूसरी प्रमुख मस्जिदों में नमाजियों को बैठने में दिक्कत तो नहीं हुई, लेकिन उमस और गरमी ने परेशान किया। शाहजमाल ईदगाह, जमालपुर ईदगाह, ऊपरकोट जामा मस्जिद, एएमयू की जामा मस्जिद, बू अली शाह सहित अन्य सभी बड़ी मस्जिदों में अमन चैन की दुआ के साथ नमाज अदा की गई। लाखों मुस्लिम भाइयों ने नमाज अदा की। नमाज के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम रहे। नगर निगम द्वारा ने कुर्बानी के मद्देनजर साफ सफाई के पुख्ता इंतजाम किए। पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक दलों के नेताओं ने शाहजमाल ईदगाह पहुंचकर मुस्लिम भाइयों को बकरीद की मुबारकबाद दी। नमाज और कुर्बानी कर रस्म पूरी करने के बाद युवाओं की टोलियां शहर में एक दूसरे मिलने और घूमने निकली। इस दौरान सिनेमा हॉल, पार्क और सार्वजनिक स्थलों पर भीड़भाड़ रही।
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शाहजमाल ईदगाह में हुई बकरीद की सबसे बड़ी नमाज में शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने अपनी तकरीर में कहा कि कुर्बानी के बगैर कोई भी मोहब्बत मुकम्मल नहीं हो सकती है। चाहे वह अल्लाह से हो या किसी शख्स सेे या अपने वतन से हो। हरेक मोहब्बत कुर्बानी मांगती है। इंसानियत और मोहब्बत दोनों कुर्बानी मांगती हैं। बकरीद का धार्मिक पहलू बयां करते हुए उन्होंने फरमाया कि अल्लाह ने अपने पैंगबर रसूल हजरत इब्राहिम को सबसे पहले कुर्बानी का सबक सिखाया था। जब हजरत इब्राहिम ने पहले सौ ऊंट की कुर्बानी दी।
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इसके बाद वह लगातार कुर्बानी देते रहे। फिर उन्होंने सोचा कि उन्हें जिंदगी में सबसे अजीज उनका बेटा हजरत इस्माइल है तो उन्होंने उसकी भी कुर्बानी देने की तैयारी की, लेकिन जब इस्माइल की गर्दन पर छुरी रखी गई तो अल्लाह ने अपने फरिश्ते जिबरायल को भेजा। जिसने इस्माइल की जगह एक दुंबा (भेंड़) खड़ा कर दिया। जिसकी कुर्बानी दी गई। अल्लाह को पैंगबर रसूल हजरत इब्राहिम की ये कुर्बानी इतनी पसंद आई कि उन्होंने दुंबे की कुर्बानी को सुन्नत ए इब्राहिम का खिताब दिया। जिसके बाद से ये इस्लामिक रवायत जारी है।
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शहर मुफ्ती ने इसके बाद एक मोहेदिज (इस्लामिक धार्मिक ग्रंथ हदीस लिखने वाले को मोहदिज कहते हैं) का वाकया सुनाया। उन्होंने कहा कि एक बार किताब लिखते वक्त एक मक्खी उनकी दावत पर बैठ कर पानी पीने लग गई तो उन्होंने तब तक इंतजार किया जब तक मक्खी उड़ न जाए। तब मक्खी उड़ गई तो उन्होंने आगे लिखना शुरू किया। जब उनका इंतकाल हुआ और वह जन्नत पहुंचे तो वहां उनसे पूछा गया कि आपको जन्नत कैसे नसीब हुई तो उन्होंने बताया कि मुझे धार्मिक किताबों के लिखने के लिए नहीं, बल्कि एक हकीर (मामूली) कीड़े को पानी पीने देने के लिए जन्नत मिली है। शहर मुफ्ती ने कहा कि ये वाकया हमें सिखाता है कि हम मामूली से मामूली जीव जंतु को भी प्यार दें। इंसानियत को सबसे ज्यादा तरजीह दें।
कब्रिस्तान को इमदाद दें : शहर मुफ्ती
शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने कहा कि शाहजमाल स्थित शम्सुल आरफीन कब्रिस्तान में अभी तक 22 लाख रुपये की मिट्टी पड़ चुकी है। जिससे उसकी सतह को ऊपर उठाया गया है। अभी यहां और काम होना है। इसके लिए सभी लोग दिल खोल कर मदद करें। जिससे बुजुर्गाें और जान से ज्यादा अजीज लोगों को यहां दफनाते वक्त हमें ये अफसोस न हो कि हम उन्हें कहां छोड़ कर जा रहे हैं। शहर मुफ्ती खालिद हमीद ने कहा कि ऊपरकोट स्थित नेशनल चैरिटेबिल हास्पिटल को भी मदद की दरकार है। जिससे वहां पर 24 घंटे की स्वास्थ्य सेवाएं दी जा सकें।
ऐसे रास्तों से जाएं, जहां जाम न लगे
शहर मुफ्ती ने आखिरी में कहा कि नमाज के बाद सब ऐसे रास्तों से जाएं कि जिससे जाम न लगे। हमवतन (हिंदू) भाइयों का भी त्योहार है। उनको कहीं कोई दिक्कत न हो। इसका ख्याल रखें। कुर्बानी भी ऐसे दें कि किसी को कोई परेशानी न हो। गंदगी न करें। अपने आसपास के पड़ोसियों का पूरा ख्याल रखें।
शाहजमाज में पांच मिनट लेट हुई नमाज
शाहजमाल ईदगाह में इमाम कारी सागिल ने नमाज अदा कराई। यहां मौजूद शहर मुफ्ती ने पहले से मुकरर सात बजे के वक्त से पांच मिनट देरी से नमाज कराई। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के फोन आ रहे हैं कि वह रास्ते में हैं। इसलिए पांच मिनट तक उनका इंतजार कर लिया जाए। ऊपरकोट जामा मस्जिद में इमाम मोहम्मद उल हसन ने नमाज अदा कराई। बू अली शाह मस्जिद में मौलाना इजरायल ने नमाज अदा कराई। शाहजमाल की नमाज में ईदगाह कमेटी के सदस्य हाजी सिराजुद्दीन, राशिद नजीर, मोइन कुरैशी, मो. मोइन, रिजवान अहमद, शहर मुफ्ती के छोटे भाई मौलाना इरफान, समाजसेवी गुलजार अहमद आदि मौजूद रहे।
सुरक्षा-सफाई के पुख्ता इंतजाम : डीएम
डीएम चंद्रभूषण सिंह ने कहा है कि बकरीद और सावन के आखिरी सोमवार के मद्देनजर शहर के मिश्रित आबादी वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। आरएएफ , सीआरपीएफ के साथ पुलिस फ ोर्स को लगाया गया है। नगर निगम द्वारा सफ ाई व्यवस्था के इंतजाम किए गए है। शाहजमाल ईदगाह पहुंचे डीएम, एसएसपी और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने शहर मुफ्ती के घर पहुंच कर उनको बकरीद की बधाई दी। इसके बाद डीएम, एसएसपी और एडीएम ने कैलाश मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया।
ईद में गायब रहे अजीत बकरीद में नजर आए
बसपा नेताओं ने ईदगाह में शिविर लगा कर मुस्लिम भाइयों से गले मिल कर बकरीद की बधाई दी। इससे पहले ईद उल फितर की नमाज में लोकसभा चुनाव लड़े डा. अजीत बालियान के गायब रहने पर कई नेताओं ने उन पर कटाक्ष किया था कि वह चुनाव खत्म होते ही वह गायब हो गए। इस बार बसपा ने इस भूल को सुधार लिया। अजीत सुबह से ही नमाजियों के बीच नजर आए। यहां पर बसपा नेता मेयर मो. फुरकान, जिलाध्यक्ष तिलकराज यादव, अलीगढ़ मंडल कोआर्डिनेटर रणवीर सिंह कश्यप, गजराज विमल, सूरज सिंह, अलीगढ़ प्रभारी महेश चौधरी, महानगर अध्यक्ष संदीप पाटिल, एडवोकेट केपी सिंह, डा. हरीश, छर्रा से प्रत्याशी रहे मो. सगीर सहित कई नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
सपाइयों को जेल भेजने का मुद्दा छाया रहा
सपा के शिविर में पूर्व नगर विधायक जफर आलम, जिलाध्यक्ष अशोक यादव और महानगर अध्यक्ष सैयद जावेद अजीज ने साथी नेताओं ने साथ सभी से गले मिल कर बकरीद की बधाई दी। इस शिविर में सपाइयों को जेल भेजने का मुद्दा छाया रहा। यहां पर कुंवर बहादुर बघेल, राजेश यादव, मुराद बच्चन, आमिर आबिद, कालीचरन यादव, उमेश श्रीवास्तव सहित अन्य नेता मौजूद रहे। जिलाध्यक्ष अशोक यादव ने बताया कि वह जल्द ही प्रशासनिक अधिकारियों से मिल कर सपाइयों पर हुई कार्रवाई का विरोध दर्ज कराएंगे।
मुसलमान कुर्बानी देने को तैयार : जमीरउल्लाह
शाहजमाल में नमाज अदा करने के बाद पूर्व विधायक हाजी जमीरउल्लाह ने कहा कि बकरीद आपसी भाईचारे ओर दूसरों के लिए कुर्बानी देने का संदेश देता है। हमारे देश पर अगर कोई भी बुरी नजर डालेगा तो देश का मुसलमान अपने मुल्क की आनबान शान के लिए कोई भी कुर्बानी देने को तैयार है।

भाईचारे का प्रतीक है बकरीद : प्रसपा लोहिया
प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया महानगर अध्यक्ष बाबा फ रीद आजाद ने ऊपरकोट जामा मस्जिद पर सभी लोगों को गले मिलकर ईद की मुबारकबाद दी। उन्होंने कहा कि ईद एकता एवं भाईचारे का प्रतीक है।

 ईद की मुबारकबाद देते जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी।

ईद की मुबारकबाद देते जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी।- फोटो : CITY OFFICE

शाहजमाल ईदगाह पर ईद उल जुहा की नमाज ने दौरान तैनात सीआरपी का जवान।

शाहजमाल ईदगाह पर ईद उल जुहा की नमाज ने दौरान तैनात सीआरपी का जवान।- फोटो : CITY OFFICE

शाहजमाल ईदगाह पर ईद उल जुहा की नमाज अदा करते लोग।

शाहजमाल ईदगाह पर ईद उल जुहा की नमाज अदा करते लोग।- फोटो : CITY OFFICE

शाहजमाल ईदगाह में नमाज अदा करते बच्चे।

शाहजमाल ईदगाह में नमाज अदा करते बच्चे।- फोटो : CITY OFFICE

 शाहजमाल ईदगाह में तकरीर करते शहर मुप्ती मौहम्मद खालिद हमीद।

शाहजमाल ईदगाह में तकरीर करते शहर मुप्ती मौहम्मद खालिद हमीद।- फोटो : CITY OFFICE

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