नहीं रुक रहे आंसू: पत्नी और बच्ची की मौत से पति बेहाल, जेठानी ने बच्चों संग ऊपर से कूदकर बचाई जान
दुर्घटना में पत्नी व बेटी को खोने वाले रिजवान का हाल बेहाल है। वहीं खुल बाल बाल बची सनम दहशत में है और मां व बहन के खोने का गम है। उसके आंसू नहीं रुक पा रहे हैं। परिवार की अन्य महिलाएं उसे संभाले हुए हैं।
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अलीगढ़ के रोरावर में हादसे के बाद मौके पर लोगों का हुजूम लग गया। तमाम लोग खुद ही परिवार को बचाने में लग गए। हालांकि पुलिस ने आकर जैसे तैसे प्रयास कर भीड़ के रूप में खड़े लोगों को इधर उधर किया और फिर रेस्क्यू टीम ने काम शुरू किया। इस दौरान मां व बड़ी बेटी को खोजने में एक घंटे लग गए। जब यह पता चला कि छोटी बेटी का सुराग नहीं लग रहा तो भीड़ और बढ़ती चली गई। इसे नियंत्रित करने को पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी।
जिस इलाके में यह घटना हुई है। वह पहले खेती की जमीन थी। अब वहां अनियोजित तरीके से प्लाटिंग में मकान बनने लगे हैं। एक गड्ढेनुमा खेत में सुबराति ने अपना मकान बनाया, जिसमें नीचे बेसमेंट और ऊपर अलग मकान बनाया। जिस समय दुर्घटना हुई, उस समय रिजवान घर पर नहीं था। वह अपने काम पर गया हुआ था। उसके आने का समय हो रहा था। इसी के चलते उसकी पत्नी खाना बनाने में लगी थी। दोनों बेटियों को उसने बारिश के चलते पास ही बैठा रखा था।
जब दीवार गिरी तो उसका अधिकांश मलबा तीनों पर गिरा, जबकि कुछ हिस्सा बाहर की ओर गिरा। इससे यह भ्रम पैदा हो गया कि ये लोग कहां दबे हैं। हालांकि एक घंटे के प्रयास में मां व बड़ी बेटी तो मिल गए। मगर छोटी का पता न लगने पर यह अंदेशा जताया जाने लगा कि कहीं पानी में बह तो नहीं गई। मगर चार घंटे के प्रयास के बाद वह उसी जगह कमरे के हिस्से में ही मिल गई।
पति बेहाल, बड़ी बेटी के नहीं थम रहे आंसू
इस दुर्घटना में पत्नी व बेटी को खोने वाले रिजवान का हाल बेहाल है। वहीं खुल बाल बाल बची सनम दहशत में है और मां व बहन के खोने का गम है। उसके आंसू नहीं रुक पा रहे हैं। परिवार की अन्य महिलाएं उसे संभाले हुए हैं।
जेठानी बच्चों संग ऊपर से कूदी
इस दुर्घटना के समय अपने मकान के हिस्से में बिब्बो की जेठानी गुलफ्सां अपने बच्चों को साथ लेकर खाना बना रही थी। जब उसे खबर लगी कि नीचे देवारीन बच्चों सहित दब गई है तो वह इस कदर दहशत में आ गई कि उसने झीने से आने के बजाय ऊपर से ही बच्चों सहित पड़ोसी के मकान में छलांग लगा दी। तब वह बचे। अन्यथा लोगों को बेसमेंट के साथ मकान का पूरा हिस्से का डर बना था। मगर वह नहीं गिरा।
जाम में फंसी रेस्क्यू टीम
यह सूचना पुलिस कंट्रोल रूम को सात बजे मिली और रेस्क्यू टीम को तत्काल रवाना होने का आदेश हुआ। मगर टीम करीब एक घंटे तक शाहजमाल पर जाम में फंसी। इसलिए टीम देरी से पहुंची। लोगों का कहना था कि अगर टीम समय से आ जाती तो शायद बच्ची पहले मिलती। इसे लेकर लोगों में नाराजगी भी दिखी। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाकर शांत किया।
बसपा नेता ने दी आंदोलन की चेतावनी
इस दुर्घटना की खबर पर बसपा नेता सलमान शाहिद मौके पर पहुंच गए। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और प्रशासन से मुआवजे की मांग रखी। साथ में कहा कि अगर इस तरह की दुर्घटनाएं रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान उनके साथ मुराद बच्चन, नफीस, संजू, नासिर चांद, वसीम चौहान, डॉ. सद्दाम आदि लोग मौजूद रहे।
इस दुर्घटना में मां-बेटी की मौत हुई है। परिवार की स्थिति भी बहुत अच्छी नहीं है। पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिवार को दोनों की मौत पर आपदा प्रबंधन के तहत शासन के नियमानुसार मुआवजे की संस्तुति व मुआवजा दिलाने प्रक्रिया की जाएगी।-अमित कुमार भट्ट, एडीएम सिटी
तीन साल में साफ न हुआ नाला, हादसे पर हो मुकदमा
महफूज नगर की आबादी निचले हिस्से में बनी हुई है। जहां बेसमेंट भी हैं। नालियों का पानी सीधे बेसमेंट में बने घरों में घुस गया। मकान गिरने से हुई तीनों मौतों का जिम्मेदार नगर निगम है। दोषी अधिकारियों के खिलाफ, गैर इरादतन हत्या 304 के तहत मुकदमा दर्ज होना चाहिए। परिवार को 50 लाख का मुआवजा और पीडि़त परिवार को घर बनाकर दिया जाए। नगर निगम की लापरवाही से पूर्व में भी गोंडा रोड पर इसी तरीके की घटनाएं हुई हैं। जिसमें कई जाने चली गईं। पूर्व में भी आंदोलन किए हैं।
नगर निगम को चेतावनी दी है। उसके बाद भी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो रही है। आगे आने वाले दिनों में भी महफूज नगर गोंडा रोड रोरावर में ऐसी घटनाएं होंगी। इन सारी घटनाओं के लिए नगर निगम ही जिम्मेदार होगा। अगर जरूरत पड़ी तो नगर निगम के खिलाफ सडक़ पर उतरा जाएगा। इस मौके पर पार्षद मुशर्रफ महजऱ,मौ. राशिद चौधरी, पार्षद दिलशाद अहमद, पार्षद विनीत यादव, पार्षद नईम अहमद, पार्षद मोहम्मद इरशाद, आदि लोग मौजूद थे।