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अलीगढ़ः सगे भतीजे ने संपत्ति विवाद में दंपती को घर में घुसकर मारी गोली, एक की मौत
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गोली से घायल कविता जेएन मेडिकल में भर्ती।
- फोटो : CITY OFFICE
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क्वार्सी क्षेत्र के नगला तिकौना में रविवार सुबह तहसील कोल में प्रैक्टिसरत अधिवक्ता दंपती पर घर में घुसकर हुए हमले में अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई, जबकि उनकी पत्नी गोली लगने से गंभीर रूप से जख्मी है। संपत्ति विवाद में यह हमला अधिवक्ता के सगे भतीजों ने किया है। घनी आबादी वाले इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। खबर पर एसएसपी, एसपी सिटी सहित पूरा पुलिस अमला मौके पर पहुंच गया। घायल महिला को इलाज के लिए जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। वहीं अधिवक्ता के बड़े भाई ने दोनों भतीजों पर नामजद मुकदमा दर्ज कराया है।
मूल रूप से कासगंज के गांव नंदी नगला निवासी अर्जुन सिंह लोधी ग्लैक्सो में नौकरी के चलते यहां बेगमबाग में आकर बस गए थे। उनके तीन बेटों में क्रमश: देवेंद्र, अशोक व वेदप्रकाश थे। पिता की मौत के बाद देवेंद्र व अशोक तो पिता द्वारा खरीदे गए बेगमबाग वाले मकान में रहते हैं, जबकि अधिवक्ता वेदप्रकाश (35) पिता द्वारा नगला तिकौना कर्पूरी विहार में खरीदे गए प्लाट पर मकान बनाकर परिवार सहित रहने लगे थे। उनके साथ घर में मां शांति देवी के अलावा 30 वर्षीय पत्नी कविता, 8 वर्षीय बेटी अंशिका व 3 वर्षीय बेटी खुशी रहती हैं। प्लाट वाले मकान में हिस्सेदारी को लेकर उनके व बड़े भाई देवेंद्र के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद में एक माह पहले पंचायती तरीके से समझौता भी हो गया था।
परिजनों का आरोप है कि देवेंद्र पक्ष इस समझौते को मानने को तैयार नहीं था। जिसके चलते बेगमबाग वाले घर पर दोनों भाइयों के बीच शनिवार रात भी कहासुनी हुई थी। रविवार सुबह करीब 10 बजे वेदप्रकाश, पत्नी व दोनों बेटियां घर पर मौजूद थे, जबकि मां शांति देवी पीएसी पर रिश्तेदारी में हुई गमी में शामिल होने गई थी। इसी बीच देवेंद्र के दोनों बेटे हिमांशु व धीरज वेदप्रकाश के घर आ धमके। दोनों वेदप्रकाश के साथ बैठकर बात कर रहे थे। तभी उन्होंने हिसाब किताब करते हुए 40 हजार रुपये मांगे। जिस पर वेदप्रकाश ने कह दिया कि रुपये तो मैं तुम्हारे बाप को दे चुका हूं। बस इतना सुनते ही दोनों भाई भड़क गए और हाथों में तमंचे निकालकर उन पर फायरिंग कर दी। सिर व सीने में गोलियां लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई और जब उनकी पत्नी बीच में आईं तो उन्हें मारापीटा।
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बाल पकड़कर खींच लिए। जब वह बचकर शोर मचाते हुए भागी तो आंगन में उनके सिर में गोली मार दी। इसके बाद हमलावर मोहल्ले वालों को गवाही न देने की धमकी देते हुए भाग गए। आनन-फानन सूचना पर आई पुलिस ने घायल महिला को इलाज के लिए भेजा। मौके से फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य संकलित किए। इंस्पेक्टर क्वार्सी विनोद कुमार के अनुसार इस हत्या व हमले के संबंध में दूसरे भाई अशोक ने हिमांशु व धीरज को नामजद कर मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल, आरोपियों के घरों पर ताला है। उनके दो करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
-अधिवक्ता की हत्या संपत्ति विवाद में उनके ही भतीजों ने की है। उनकी बड़ी बेटी ने गवाही भी दी है। मामले में आरोपियों को तलाशा जा रहा है। बाकी कार्रवाई भी की जा रही है।-आकाश कुलहरि एसएसपी
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मूल रूप से कासगंज के गांव नंदी नगला निवासी अर्जुन सिंह लोधी ग्लैक्सो में नौकरी के चलते यहां बेगमबाग में आकर बस गए थे। उनके तीन बेटों में क्रमश: देवेंद्र, अशोक व वेदप्रकाश थे। पिता की मौत के बाद देवेंद्र व अशोक तो पिता द्वारा खरीदे गए बेगमबाग वाले मकान में रहते हैं, जबकि अधिवक्ता वेदप्रकाश (35) पिता द्वारा नगला तिकौना कर्पूरी विहार में खरीदे गए प्लाट पर मकान बनाकर परिवार सहित रहने लगे थे। उनके साथ घर में मां शांति देवी के अलावा 30 वर्षीय पत्नी कविता, 8 वर्षीय बेटी अंशिका व 3 वर्षीय बेटी खुशी रहती हैं। प्लाट वाले मकान में हिस्सेदारी को लेकर उनके व बड़े भाई देवेंद्र के बीच काफी समय से विवाद चल रहा था। इस विवाद में एक माह पहले पंचायती तरीके से समझौता भी हो गया था।
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परिजनों का आरोप है कि देवेंद्र पक्ष इस समझौते को मानने को तैयार नहीं था। जिसके चलते बेगमबाग वाले घर पर दोनों भाइयों के बीच शनिवार रात भी कहासुनी हुई थी। रविवार सुबह करीब 10 बजे वेदप्रकाश, पत्नी व दोनों बेटियां घर पर मौजूद थे, जबकि मां शांति देवी पीएसी पर रिश्तेदारी में हुई गमी में शामिल होने गई थी। इसी बीच देवेंद्र के दोनों बेटे हिमांशु व धीरज वेदप्रकाश के घर आ धमके। दोनों वेदप्रकाश के साथ बैठकर बात कर रहे थे। तभी उन्होंने हिसाब किताब करते हुए 40 हजार रुपये मांगे। जिस पर वेदप्रकाश ने कह दिया कि रुपये तो मैं तुम्हारे बाप को दे चुका हूं। बस इतना सुनते ही दोनों भाई भड़क गए और हाथों में तमंचे निकालकर उन पर फायरिंग कर दी। सिर व सीने में गोलियां लगते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई और जब उनकी पत्नी बीच में आईं तो उन्हें मारापीटा।
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बाल पकड़कर खींच लिए। जब वह बचकर शोर मचाते हुए भागी तो आंगन में उनके सिर में गोली मार दी। इसके बाद हमलावर मोहल्ले वालों को गवाही न देने की धमकी देते हुए भाग गए। आनन-फानन सूचना पर आई पुलिस ने घायल महिला को इलाज के लिए भेजा। मौके से फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य संकलित किए। इंस्पेक्टर क्वार्सी विनोद कुमार के अनुसार इस हत्या व हमले के संबंध में दूसरे भाई अशोक ने हिमांशु व धीरज को नामजद कर मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल, आरोपियों के घरों पर ताला है। उनके दो करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है।
-अधिवक्ता की हत्या संपत्ति विवाद में उनके ही भतीजों ने की है। उनकी बड़ी बेटी ने गवाही भी दी है। मामले में आरोपियों को तलाशा जा रहा है। बाकी कार्रवाई भी की जा रही है।-आकाश कुलहरि एसएसपी