अब अलीगढ़ में भी मानवाधिकार कोर्ट
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अलीगढ़। मानवाधिकार वादों और प्रकरणों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्रत्येक जिले में मानवाधिकार कोर्ट संचालित किया जाना है। इस क्रम में अब अपने जिले में भी एडीजे-प्रथम के न्यायालय में मानवाधिकार वादों की सुनवाई की जाएगी। इस संबंधी में हाई कोर्ट ने नोटीफिकेशन जारी कर दिया है।
बृहस्पतिवार को जारी नोटीफिकेशन के अनुसार, एडीजे-प्रथम मोहम्मद जहीरुद्दीन वादों की सुनवाई करेंगे। प्रत्येक जिले में मानवाधिकार वादों की सुनवाई के लिए अदालतें गठित करने संबंधी सुप्रीम कोर्ट का यह काफी पुराना आदेश है। इसके तहत ही सभी जिलों में अदालतें गठित की जा रही हैं। अब तक अलीगढ़ जनपद में कोई अदालत नहीं थी। एडीजे प्रथम ही ऐसे मामलों की सुनवाई करते थे। मगर बृहस्पतिवार को नोटीफिकेशन जारी कर एडीजे-प्रथम मो.जहीरुद्दीन को इसकी जिम्मेदारी सौंप दी गई।
इधर, हाईकोर्ट के नोटीफिकेशन के बाद विधिक सेवा प्राधिकरण ने इसके प्रचार-प्रसार पर जोर दिया है। प्राधिकरण के सचिव संजय चौधरी ने बताया कि बृहस्पतिवार को पीएलवी व अधिवक्ताओं की बैठक कर मानवाधिकार मामलों की सुनवाई के लिए अदालत के गठन का प्रचार प्रसार करने का निर्णय लिया गया। इस बैठक में अधिवक्ता सत्य प्रकाश राना, श्याम सारस्वत, सुधाकर, आमिर खान, पीएलवी उपेंद्र मिश्रा, शाजिया सिद्दीकी, सुमया खान, निधि शर्मा, आभा शर्मा, डॉ. मुकेश शर्मा, अशोक शर्मा, सोनू, विवेक त्रिपाठी, राजीव शर्मा आदि शामिल हुए थे।