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होर्डिंग, बैनर और पोस्टर वार...साधने लगे चुनावी समीकरण
सार
नगर निकाय चुनावों को लेकर बिसात सजने लगी है।वार्डों के परिसीमन को लेकर इन दिनों आपत्तियां दी जा रही हैं।इस बीच अपनी पहचान बनाने के लिए बहुत से दावेदारों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में अपने बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स सजा दिए।
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विस्तार
नगर निकाय चुनावों को लेकर बिसात सजने लगी है। ऐसे में त्योहारों का साथ मिल जाए तो सरगर्मी का बढ़ना स्वाभाविक है। कुछ ऐसी ही सरगर्मी शहर में इन दिनों देखने को मिल रही है। वार्डों के परिसीमन की प्रक्रिया के साथ मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण कार्य के बीच होर्डिंग, बैनर और पोस्टर वार छिड़ गया है।
यह पोस्टर उन दावेदारों के हैं, जिन्होंने पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक दी है। पोस्टर, बैनर में लिखे शब्द तो नवरात्र, दशहरा और दीवाली की बधाई देने के हैं, पर इसको चुनावी समीकरण से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा, नई बनी नगर पंचायतों में भी इस बार माहौल बदला हुआ है और दावेदारों की लंबी फेहरिस्त सामने आ रही है।
परिसीमन से कई दावेदारों का बिगड़ेगा, महापुरुषों के नाम पर भी आपत्ति
परिसीमन के बाद जिन वार्डों का भूगोल बदल रहा है, उन वार्डों के पार्षद खासे चिंतित हैं। उनकी पहली समस्या परिसीमन के बाद वार्ड में शामिल नए इलाकों के मतदाताओं को साधना है और दूसरा संभावित प्रत्याशियों द्वारा पोस्टर वार शुरू कर देना है।
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इस बदले परिदृश्य से कई पार्षदों को अपनी कुर्सी जाती दिख रही है। साथ ही, पारंपरिक वोट भी दूसरे क्षेत्र में जाने की चिंता भी उन्हें सता रही है। वार्डों के परिसीमन को लेकर इन दिनों आपत्तियां दी जा रही हैं। इनमें से अधिकतर वार्डों के नामकरण को लेकर है। कुछ लोगों ने नए नामों को लेकर आपत्ति की है तो किसी की आपत्ति जाति एवं समुदाय के महापुरुषों के नाम पर वार्ड का नाम रखने को लेकर हैं।
भाजपा में सबसे अधिक दावेदार
निकाय चुनाव को लेकर सर्वाधिक दबाव भाजपा नेतृत्व पर है, क्योंकि टिकट के ज्यादातर दावेदारों का जोर इसी पार्टी से टिकट हासिल करने में है। हर वार्ड से एक-एक दर्जन दावेदार हैं और विभिन्न माध्यमों से टिकट के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया है।
ऐसे में पार्टी के वर्तमान पार्षदों की नींद उड़ गई है। टिकट तो किसी एक को मिलेगा, ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने अभी से कार्यकर्ताओं के बागी न होने के लिए माथापच्ची भी शुरू कर दी है। हर बैठक में उन्हें पार्टी के प्रति निष्ठा और समर्पण की याद दिलाई जा रही है। कहा जा रहा है कि टिकट हर हाल में पार्टी के ही कर्मठ कार्यकर्ता को मिलेगा।
चढ़ रहा चुनावी पारा
बीते दिनों भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का जिले का पहला दौरा हुआ। कार्यकर्ताओं के साथ हुई बैठक में उन्होंने निकाय चुनाव की तैयारियों के मूल मंत्र दिए। इस दौरान चुनाव लड़ने वाले दावेदारों ने अपनी ताकत दिखाने में कसर नहीं छोड़ी है।
इस बीच अपनी पहचान बनाने के लिए बहुत से दावेदारों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में अपने बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स सजा दिए। ऐसे में शहर का चुनावी पारा चढ़ गया है। भाजपा के अलावा सपा, बसपा, कांग्रेस, आप आदि पार्टियों में चुनाव के दावेदार ताल ठोकते नजर आ रहे हैं।
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यह पोस्टर उन दावेदारों के हैं, जिन्होंने पार्षद का चुनाव लड़ने के लिए ताल ठोक दी है। पोस्टर, बैनर में लिखे शब्द तो नवरात्र, दशहरा और दीवाली की बधाई देने के हैं, पर इसको चुनावी समीकरण से जोड़ा जा रहा है। इसके अलावा, नई बनी नगर पंचायतों में भी इस बार माहौल बदला हुआ है और दावेदारों की लंबी फेहरिस्त सामने आ रही है।
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परिसीमन से कई दावेदारों का बिगड़ेगा, महापुरुषों के नाम पर भी आपत्ति
परिसीमन के बाद जिन वार्डों का भूगोल बदल रहा है, उन वार्डों के पार्षद खासे चिंतित हैं। उनकी पहली समस्या परिसीमन के बाद वार्ड में शामिल नए इलाकों के मतदाताओं को साधना है और दूसरा संभावित प्रत्याशियों द्वारा पोस्टर वार शुरू कर देना है।
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इस बदले परिदृश्य से कई पार्षदों को अपनी कुर्सी जाती दिख रही है। साथ ही, पारंपरिक वोट भी दूसरे क्षेत्र में जाने की चिंता भी उन्हें सता रही है। वार्डों के परिसीमन को लेकर इन दिनों आपत्तियां दी जा रही हैं। इनमें से अधिकतर वार्डों के नामकरण को लेकर है। कुछ लोगों ने नए नामों को लेकर आपत्ति की है तो किसी की आपत्ति जाति एवं समुदाय के महापुरुषों के नाम पर वार्ड का नाम रखने को लेकर हैं।
भाजपा में सबसे अधिक दावेदार
निकाय चुनाव को लेकर सर्वाधिक दबाव भाजपा नेतृत्व पर है, क्योंकि टिकट के ज्यादातर दावेदारों का जोर इसी पार्टी से टिकट हासिल करने में है। हर वार्ड से एक-एक दर्जन दावेदार हैं और विभिन्न माध्यमों से टिकट के लिए जोर लगाना शुरू कर दिया है।
ऐसे में पार्टी के वर्तमान पार्षदों की नींद उड़ गई है। टिकट तो किसी एक को मिलेगा, ऐसे में पार्टी नेतृत्व ने अभी से कार्यकर्ताओं के बागी न होने के लिए माथापच्ची भी शुरू कर दी है। हर बैठक में उन्हें पार्टी के प्रति निष्ठा और समर्पण की याद दिलाई जा रही है। कहा जा रहा है कि टिकट हर हाल में पार्टी के ही कर्मठ कार्यकर्ता को मिलेगा।
चढ़ रहा चुनावी पारा
बीते दिनों भाजपा के नए प्रदेशाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का जिले का पहला दौरा हुआ। कार्यकर्ताओं के साथ हुई बैठक में उन्होंने निकाय चुनाव की तैयारियों के मूल मंत्र दिए। इस दौरान चुनाव लड़ने वाले दावेदारों ने अपनी ताकत दिखाने में कसर नहीं छोड़ी है।
इस बीच अपनी पहचान बनाने के लिए बहुत से दावेदारों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में अपने बैनर, पोस्टर, होर्डिंग्स सजा दिए। ऐसे में शहर का चुनावी पारा चढ़ गया है। भाजपा के अलावा सपा, बसपा, कांग्रेस, आप आदि पार्टियों में चुनाव के दावेदार ताल ठोकते नजर आ रहे हैं।