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AMU: शिकायत करने वाले हिंदू छात्रों को मिला कमरा, एएमयू के कुलपति ने दिए आदेश
Fri, 31 Mar 2023 04:09 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 31 Mar 2023 04:09 AM IST
सार
कुलपति ने मानवीय आधार और विशेष मामले में शिकायतकर्ता छात्रों को हॉस्टल में कमरा देने का आदेश दे दिया है, जो देर रात तक उन्हें मिल जाएगा। यह छात्र प्रतीक्षा सूची और वरिष्ठता के आधार पर काफी नीचे हैं।
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एएमयू विश्वविद्यालय
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
32-33 घंटे में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के उन हिंदू छात्रों को हॉस्टल में कमरा आवंटित कर दिया गया, जिन्होंने बुधवार को हिंदू होने के चलते हॉस्टल में कमरा आवंटित न करने का आरोप लगाया था। इस मामले में छात्रों ने अपर जिलाधिकारी सिटी से शिकायत की थी।
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बुधवार दोपहर करीब एक बजे राजस्थान के छात्र इंद्राज विश्नोई सहित अन्य साथियों ने हॉस्टल में कमरा आवंटित न होने की शिकायत जिलाधिकारी से करने कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। छात्रों ने अपर जिलाधिकारी सिटी से मुलाकात कर उन्हें अपनी परेशानी बताई। इसके बाद इंतजामिया ने आरोप को बेबुनियाद बताया। प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली ने कहा कि विश्वविद्यालय में धर्म के आधार पर भेदभाव का आरोप गलत है। केवल प्रतीक्षारत और वरिष्ठता के आधार पर हॉस्टल में कमरा आवंटित किए जाते हैं।
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कुलपति ने मानवीय आधार और विशेष मामले में शिकायतकर्ता छात्रों को हॉस्टल में कमरा देने का आदेश दे दिया है, जो देर रात तक उन्हें मिल जाएगा। यह छात्र प्रतीक्षा सूची और वरिष्ठता के आधार पर काफी नीचे हैं। -उमर पीरजादा, पीआरओ, एएमयू
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शोर-शराबा करने पर दे दिया कमरा, जिसने नहीं क्या, उन्हें मिलेगा : प्रो. इलियास
एएमयू कोर्ट मेंबर व सेवानिवृत्त प्रो. हाफिज मोहम्मद इलियास खान ने कहा कि जिसने शोर-शराबा किया, उन्हें कमरा दे दिया गया, जो नहीं कर रहा है और प्रतीक्षा सूची उनकी काफी ऊंची पहुंच चुकी है, उनका क्या होगा? उनके बारे में कुलपति ने क्या सोचा है? एएमयू में एक बार फिर नियम तार-तार हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी को कमरे मिलने चाहिए, लेकिन नियम के खिलाफ नहीं। किसी को खुश करने के लिए किसी के हक से खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है। कई पीएचडी और सीनियर छात्रों को कमरा आवंटित हो चुका है, लेकिन वह अपने कमरे पर काबिज नहीं हो पा रहे हैं, क्योंकि पहले से लोग काबिज हैं। यह यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट की नहीं है, बल्कि उसूल की यूनिवर्सिटी है। समायोजन का खेल बंद होना चाहिए।